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समोसा, झालमुड़ी अखबार में नहीं बेच सकते, FSSAI ने जारी किया सख्त नियम

FSSAI यानी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, वेस्टर्न रीजन ने सभी फूड बिज़नेस ऑपरेटर को निर्देश दिया है कि अब से खाने को अख़बारों में पैक या सर्व न किया जाए.

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FSSAI ने अखबारों में खाना सर्व करने पर रोक लगा दी है. (फोटो-पिंटरेस्ट)

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  • FSSAI ने निर्देश दिया है कि अब से कोई भी फूड बिजनेस ऑपरेटर अखबार में खाना पैक या सर्व नहीं करेगा ताकि खाने की गुणवत्ता बनी रहे और स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके।
  • यह निर्णय इस कारण लिया गया क्योंकि अखबारों में प्रयुक्त स्याही में रासायनिक तत्व होते हैं जो खाने के साथ मिलकर खाद्य विषाक्तता और संक्रामक बीमारियां पैदा कर सकते हैं।
  • इस निर्देश के लागू होने के बाद सभी रेस्टोरेंट, क्लाउड किचन, स्ट्रीट वेंडर और अन्य खाद्य विक्रेताओं को सही पैकेजिंग सामग्री का उपयोग करना अनिवार्य होगा।

रेलगाड़ी में अगर विंडो सीट मिल जाए तो पूरी जर्नी कितनी आनंदमय हो जाती है. चलती हुई गाड़ी के साथ पेड़ों और खेतों को पीछे छूटते हुए देखना कितना सुखद है. फिर आता है एक स्टेशन. जहां अख़बारों में लपेट कर मिलता है समोसा, कचौड़ी और झालमुड़ी. विंडो सीट पर अखबार में समोसा खाते हुए भी कितना आनंद आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं अख़बारों में परोसा गया खाना हमारे लिए जानलेवा हो सकता है?

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सरकार ने हमारी सेहत को ध्यान में रखते हुए एक फैसला लिया है. वो ये कि अब से अख़बारों में खाना न परोसा जाए. यानी हमारी नॉस्टैल्जिक मेमोरी का एक हिस्सा अब हमसे छूट जाएगा. लेकिन शायद इसका छूटना ही बेहतर है. FSSAI यानी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, वेस्टर्न रीजन ने सभी फूड बिज़नेस ऑपरेटर को निर्देश दिया है कि अब से खाने को अख़बारों में पैक या सर्व न किया जाए.

FSSAI ने क्या बताया? 

5 जून को एक प्रेस रिलीज़ जारी कर FSSAI ने बताया कि हाल ही में एक ठेलेवाले को अखबार में लपेट कर वड़ापाव बेचते हुए देखा गया. इसी के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) और FSSAI ने मिलकर ये फैसला लिया है. उन्होंने बताया कि अख़बारों में इस्तेमाल हुए इंक (स्याही) में केमिकल होता है. ऐसे में जब इनमें खाना पैक होता है तो फूड पॉइज़निंग जैसी बीमारियां हो सकती हैं.  

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उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि अखबार एक जगह से दूसरे जगह भेजे जाते हैं. ऐसे में ये बहुत अनहाइजीनिक हो जाते हैं. उनमें खाना खाना किसी बीमारी को न्यौता देने से कम नहीं है. FSSAI चाहता है कि खाने की पैकेजिंग क्वालिटी में सुधार आए, जिससे लोगों की सेहत से खिलवाड़ न हो. 

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नियम क्या कहते हैं? 

प्रेस रिलीज में FSSAI ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन 2018 का भी ज़िक्र किया. इसके तहत अख़बारों में खाना पैक करने पर प्रतिबंध है. नियम के मुताबिक केवल सही पैकेजिंग मटेरियल का ही इस्तेमाल करना चाहिए. ये नियम सभी छोटे-बड़े फूड बिज़नेस को आदेश देता है कि खाने के लिए अख़बार का इस्तेमाल न करें. ये निर्देश रेस्टोरेंट, क्लाउड किचन, स्ट्रीट वेंडर, रिटेलर, मोबाइल वेंडर और रेड़ीवाले सबके लिए हैं.  

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