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'ईरान का तो यही एक मात्र समाधान... ', चुनाव हारने के बाद भी ट्रंप के इरादे नहीं बदले

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद ईरान युद्ध को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने भी माना है कि ईरान के साथ युद्ध चुनाव में हार की एक बड़ी वजह हो सकता है. लेकिन इसके बाद भी वो पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

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ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में हार मिली है (COURTSEY- AFP)

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  • प्रेसिडेंट ट्रंप ने माना कि ईरान के साथ युद्ध ने रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार में भूमिका निभाई है, लेकिन उन्होंने इस सैन्य अभियान को जारी रखने का निर्णय लिया है।
  • ईरान के साथ जारी संघर्ष और इसके कारण बढ़ी पेट्रोल की कीमतों ने अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक दबाव डाला, जिससे चुनाव परिणामों में इसका प्रभाव पड़ा।
  • अमेरिका और ईरान दोनों बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन तनाव जारी रहने से भविष्य में सैन्य कार्रवाई या कूटनीतिक कदमों दोनों की संभावना बनी हुई है।

प्रेसिडेंट ट्रंप ने माना है कि ईरान के साथ युद्ध ने चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार में भूमिका निभाई है. जंग की वजह से पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं और अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा. हालांकि, उन्होंने इस सैन्य अभियान पर फिर से विचार करने से इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना, इस कीमत को चुकाने लायक था.

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ट्रंप ने कहा,

‘मुझे लगता है कि यह काफी हद तक सच है, क्योंकि इससे पेट्रोल की कीमतें बढ़ गईं. लेकिन अगर मुझे फिर से ऐसा करना पड़े, तो मैं फिर से यही करूंगा, क्योंकि लंबे समय के हिसाब से यही एकमात्र समाधान है. आप ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दे सकते.’

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ट्रंप का यह कबूलनामा, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान के कुछ समय बाद आया है. वेंस ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के मुख्य कारणों के रूप में ईरान युद्ध और इजरायल के साथ अमेरिका के संबंध हैं.

ईरान ने सुना दिया

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद ईरान ने भी ट्रंप को सीधी चेतावनी दी. ईरान ने कहा है कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के खिलाफ वोट दिया है. अगर ट्रंप सरकार ने जनता की आवाज को अनसुना किया और ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की, तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. ईरान ने अमेरिकी चुनाव के नतीजों को ट्रंप की युद्ध नीति के खिलाफ जनता का फैसला बताया है. अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,

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चाहे यह अंतरात्मा की आवाज हो या महंगाई का असर, अमेरिकियों ने युद्ध को 'ना' कहा है. हम इस संदेश का समर्थन करते हैं.

(यह भी पढ़ें: जहाजों के फर्जी पेपर बनाकर ईरान की मदद कर रहा था भारतीय कारोबारी? यूएस ने लगाया प्रतिबंध)

फिलहाल अमेरिका और ईरान, दोनों बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कर रहे हैं. लेकिन एक तरफ अमेरिकी हमले और दूसरी तरफ ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी बता रही है कि तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है.अब बड़ा सवाल है कि क्या मिडटर्म चुनाव में झटका लगने के बाद ट्रंप ईरान के साथ समझौते का रास्ता चुनेंगे या सैन्य कार्रवाई और तेज होगी? 

वीडियो: दुनियादारी: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार की वजह क्या है?

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