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डीनो मोरिया अरेस्ट? 65 करोड़ के मीठी नदी सफाई घोटाले में कैसे आया नाम?

मुंबई की मीठी नदी की सफाई से जुड़े कथित घोटाले में EOW ने डीनो मोरिया से पूछताछ की. इस मामले में कथिततौर पर डीनो मोरिया, उनके भाई सैंटिनो मोरिया और आरोपी केतन कदम के बीच कथित पैसों के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं.

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पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के EOW ऑफिस पहुंचे डीनो मोरिया. (Courtesy: PTI)

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  • बॉलीवुड अभिनेता डीनो मोरिया से मीठी नदी की सफाई प्रोजेक्ट में कथित 65 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच के सिलसिले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने छह घंटे पूछताछ की है।
  • मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने से जुड़ी परियोजना में 65 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है, जिसमें ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप हैं।
  • पूछताछ के बाद डीनो मोरिया को गिरफ्तारी से मुक्त छोड़ दिया गया है और जांच में मिले सुरागों के आधार पर जरूरत पड़ने पर उन्हें पुनः बुलाया जा सकता है।

बॉलीवुड एक्टर डीनो मोरिया ने अपनी गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों को गलत बताया है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने (Mithi River Desilting Project) से जुड़े कथित 65 करोड़ रुपये के घोटाले में डीनो मोरिया को गिरफ्तार किया गया है. उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, लेकिन उनसे पूछताछ जरूर हुई. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में उनसे करीब छह घंटे पूछताछ की.

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डीनो मोरिया शुक्रवार, 2 सितंबर को मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर स्थित EOW की यूनिट-4 के कार्यालय पहुंचे. वे अपने साथ कुछ दस्तावेज भी लेकर आए थे. जांच अधिकारियों ने इन दस्तावेजों की जांच की और उनसे मामले से जुड़े सवाल पूछे. इससे पहले जांच टीम ने डीनो मोरिया के घर जाकर भी उनसे पूछताछ की थी और कुछ दस्तावेजों की जांच की थी. इसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए EOW कार्यालय आने को कहा गया.

गिरफ्तारी की खबर खारिज की

पूछताछ पूरी होने के बाद डीनो मोरिया मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर से बाहर चले गए. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया डीनो मोरिया को गिरफ्तार कर लिया गया. मिडडे ने डीनो मोरिया से उनकी गिरफ्तारी के दावे के बारे में पूछा, तो उन्होंने ये 'सच नही' लिखकर वॉट्सऐप मैसेज किया.

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अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले फैक्ट्स के आधार पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा,

"जांच में सामने आए कुछ सुरागों के आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही है. आगे कोई भी फैसला लिया जाएगा तो इसकी जानकारी दी जाएगी."

क्या है मीठी नदी सफाई घोटाला?

EOW मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने के काम में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है. इस मामले में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को 65 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है.

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जांच में आरोप है कि ठेकेदारों और सब-कॉन्ट्रैक्टरों ने गाद निकालने के काम के लिए फर्जी रिकॉर्ड, तस्वीरें और दूसरे दस्तावेज जमा किए और इनके आधार पर सरकार से पेमेंट हासिल किया. जांच एजेंसी बढ़े हुए बिल, फर्जी काम के रिकॉर्ड और ठेकों के काम में कथित हेराफेरी की भी जांच कर रही है.

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पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाढ़ से बचाव और नदी की सफाई के लिए जारी किए गए सरकारी पैसे को ठेकेदारों, बिचौलियों और कुछ अधिकारियों के नेटवर्क के जरिए कहीं दूसरी जगह तो नहीं भेजा गया. 2005 की मुंबई बाढ़ के बाद मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने को काफी जरूरी बताया गया था, और इसलिए उस समय इस प्रोजेक्ट की काफी अहमियत थी.

डीनो मोरिया से जुड़े लेन-देन की जांच

इस मामले में आरोपी केतन कदम को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. EOW डीनो मोरिया और उनके भाई सैंटिनो मोरिया के साथ केतन कदम के बीच कथित पैसों की ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है. जांच अधिकारी इन लेन-देन की वजह और संबंध का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.

ED भी कर रही जांच

मीठी नदी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की अलग से जांच कर रहा है. ED ने मुंबई और केरल में डीनो मोरिया, निगम अधिकारियों और ठेकेदारों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली. BMC टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, बढ़े हुए पेमेंट और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है.

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