10 अक्टूबर के CJP प्रोटेस्ट से पहले पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से ही डिटेन कर लिया. कल ये खबर भी आई थी. अब ताजा खबर ये है कि रिहाई के बाद एक वीडियो जारी कर ध्रुव राठी ने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया और मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने इस कार्रवाई को ‘किडनैपिंग’ बताते हुए देश में ‘अनऑफिशियल इमरजेंसी’ जैसे हालात होने का दावा किया.
'मुझे किडनैप किया, मम्मी-पापा को पीटा,' ध्रुव राठी ने गंभीर आरोप लगाए, मोदी सरकार पर साधा निशाना
ध्रुव राठी ने बताया कि 10 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे वे अपने बेडरूम में सो रहे थे. उनकी मां सुबह उठीं तो उन्होंने घर के बाहर कुछ लोगों को घूमते देखा. राठी ने दावा किया कि ये लोग पुलिस की वर्दी में नहीं, बल्कि आम कपड़ों में थे, और उन्हें बेडरूम से घसीटकर ले गए.

11 अक्टूबर को एक वीडियो जारी कर ध्रुव राठी ने दावा किया है कि 10 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग उनके घर में घुसे और उन्हें सोते हुए बेडरूम से घसीटकर ले गए. ध्रुव ने कहा कि इस दौरान उनके माता-पिता को पीटा गया, और हाथापाई की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें करीब 22-23 घंटे तक हिरासत में रखे जाने के बावजूद न तो अपने वकील से बात करने दी गई और न ही फोन इस्तेमाल करने दिया गया.
‘मेरे पास भारतीय पासपोर्ट है, मैं भारतीय नागरिक हूं’ध्रुव राठी ने अपने वीडियो की शुरुआत नागरिकता को लेकर उठ रही चर्चाओं का जवाब देते हुए की. उन्होंने कहा कि उनके पास भारतीय पासपोर्ट है और वे भारतीय नागरिक हैं. ध्रुव राठी ने कहा,
“मैं एक इंडियन सिटीजन हूं, था और रहूंगा.”
उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया के कुछ हिस्सों में उनके विदेशी पासपोर्ट होल्डर होने और प्रदर्शन में शामिल के अधिकार को लेकर गलत बातें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि एक भारतीय नागरिक होने के नाते उन्हें भी उतने ही अधिकार मिले हैं, जितने देश के किसी दूसरे आम नागरिक के पास हैं.
‘सुबह 7 बजे घर में घुसे करीब 20 लोग’ध्रुव राठी के मुताबिक, 10 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे वे अपने बेडरूम में सो रहे थे. उनकी मां सुबह उठीं तो उन्होंने घर के बाहर कुछ लोगों को घूमते देखा. राठी ने दावा किया कि ये लोग पुलिस की वर्दी में नहीं, बल्कि आम कपड़ों में थे.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मां के दरवाजा खोलते ही करीब 20 लोग उन्हें धक्का देकर घर में घुस गए. उनकी मां ने चीखने की कोशिश की, लेकिन वे लोग सीधे घर के अंदर फैल गए और उनके बेडरूम तक पहुंच गए. राठी ने बताया कि बेडरूम का दरवाजा खुलने पर उनकी नींद खुली. इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते या उन लोगों से उनकी पहचान पूछ पाते, उन्हें घसीटकर ले जाया जाने लगा.
उन्होंने कहा,
“इन लोगों ने लिटरली मुझे किडनैप कर लिया. मैं यहां किडनैप शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूं, क्योंकि यह कोई अरेस्ट नहीं है, कोई डिटेंशन नहीं है.”
ध्रुव राठी ने दावा किया कि उस वक्त घर में उनके पिता, मां और वे खुद मौजूद थे. उनके मुताबिक, बाद में उन्हें पता चला कि उनके घर के बाहर 50 से ज्यादा लोग खड़े थे. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह पुलिस की कार्रवाई थी, तो उन्हें उनकी पहचान क्यों नहीं बताई गई और गिरफ्तारी की प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया.
‘मुझे बेडरूम से घसीटा, सीढ़ियों से नीचे ले गए’ध्रुव राठी ने अपने साथ कथित दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें किसी अपराधी की तरह बेडरूम से घसीटकर बाहर ले जाया गया. उनके मुताबिक, उन्हें सीढ़ियों से नीचे ले जाया गया और चप्पल पहनने तक का मौका नहीं दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सीधे जीप में बैठाकर वहां से ले जाया गया. राठी ने दावा किया कि इस दौरान उन्हें शरीर पर कई जगह चोटें आईं.
उन्होंने ये भी कहा कि घटना का वीडियो इसलिए उपलब्ध नहीं है, क्योंकि उनका फोन उनके पास रखा था और उन लोगों ने तुरंत उनका फोन छीन लिया. उनके मुताबिक, उनके माता-पिता के फोन भी ले लिए गए.
‘पुलिस स्टेशन में वकील से मिलने तक नहीं दिया’ध्रुव राठी ने बताया कि घर से ले जाने के बाद उन्हें एक पुलिस स्टेशन से दूसरे पुलिस स्टेशन ले जाया गया. वहां पहुंचने के बाद उन्होंने अपने वकील से बात करने की मांग की, लेकिन उनके मुताबिक, उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि उन्हें फोन इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया.
ध्रुव राठी के दावे के मुताबिक, करीब 22-23 घंटे तक उन्हें एक जगह बैठाकर रखा गया. इस दौरान उन्हें बताया जाता रहा कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है और जल्द ही छोड़ दिया जाएगा. ध्रुव राठी ने कहा कि अगर कोई पुलिस अधिकारी उनके पास आता, अपनी पहचान बताता, गिरफ्तारी की वजह और संबंधित धाराओं की जानकारी देता, तो वे खुद पुलिस के साथ जाने के लिए तैयार थे.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ. इसी आधार पर उन्होंने बार-बार इस कार्रवाई को गिरफ्तारी या हिरासत के बजाय ‘किडनैपिंग’ बताया.
‘क्या किसी लोकतांत्रिक देश में ऐसा होता है?’ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में सवाल उठाया कि क्या किसी लोकतांत्रिक देश में किसी नागरिक को सिर्फ अपनी बात रखने और चुनाव सुधारों की मांग करने के लिए इस तरह घर से उठाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि एक नागरिक ने अगर सच के लिए आवाज उठाई है, देश के हित में बात की है और बेहतर चुनाव आयोग की मांग की है, तो उसके साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए.
राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में तानाशाही जैसे हालात बन रहे हैं. उन्होंने इसे ‘अनऑफिशियल इमरजेंसी’ बताया. उन्होंने यह भी दावा किया कि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका समेत दूसरे लोगों को भी हिरासत में लिया गया. इस मामले में अपडेट ये है कि 11 अक्टूबर को दिल्ली की एक कोर्ट के आदेश के बाद अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका रिहा हो गए.
ध्रुव राठी के मुताबिक, 7,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया और कई राजनीतिक नेताओं को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं आपातकाल के दौर में होती थीं और अब भारत में भी वैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है. उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या वे ऐसा देश चाहते हैं, जहां नागरिकों को अपनी आवाज उठाने का मौका तक न मिले.
‘आज मेरे साथ हुआ है, कल आपके साथ भी हो सकता है’ध्रुव राठी ने कहा कि कुछ लोग उनकी हिरासत की खबर सुनकर खुश हो रहे थे, क्योंकि वे उन्हें पसंद नहीं करते. ऐसे लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना को गंभीरता से समझना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आज उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो कल किसी दूसरे नागरिक के साथ भी ऐसा हो सकता है.
उनके मुताबिक, लोकतंत्र में किसी व्यक्ति की राजनीतिक राय या विचारों से असहमति होने का मतलब यह नहीं है कि उसके अधिकारों को खत्म कर दिया जाए. ध्रुव राठी ने कहा कि लोगों को सोचना चाहिए कि अगर देश में इसी तरह की कार्रवाई होती रही, तो भविष्य में किसी की भी आवाज दबाई जा सकती है.
‘रिहाई के बाद भी मेरे ऊपर निगरानी रखी जा रही है'ध्रुव राठी ने दावा किया कि रिहाई के बाद भी वे पूरी तरह आजाद नहीं हैं. उनके मुताबिक, उनके आसपास कम से कम 15 लोग उनकी निगरानी रख रहे हैं और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि वे घर से बाहर न निकल सकें. राठी ने इस स्थिति को ‘अनऑफिशियल हाउस अरेस्ट’ बताया.
‘इतना भी मत डराओ कि सारा डर खत्म हो जाए’वीडियो के आखिरी हिस्से में ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को इतना नहीं डराया जाना चाहिए कि उनके भीतर का डर ही खत्म हो जाए. उन्होंने कहा, “जितना दबाओगे, उतनी ज्यादा जोर से, उतनी तेज लोगों की आवाज निकलेगी.”
ध्रुव राठी ने इतिहास का जिक्र करते हुए हिटलर और मुसोलिनी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब भी किसी ने तानाशाह बनने की कोशिश की है, उसका अंत अच्छा नहीं हुआ. राठी ने वीडियो के अंत में अपने समर्थन में आवाज उठाने वाले लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने सोनम वांगचुक का खास तौर पर शुक्रिया अदा किया.
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राठी के मुताबिक, सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी थी कि अगर हम लोगों को एक दिन के भीतर रिहा नहीं किया गया, तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे. ध्रुव राठी ने इसके लिए उनका आभार जताया. उन्होंने कहा कि वे आगे भी देश के लिए इसी तरह आवाज उठाते रहेंगे, चाहे उन्हें दबाने की कितनी भी कोशिश क्यों न की जाए. वीडियो का समापन उन्होंने ‘जय हिंद’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ किया.
ये सब ध्रुव राठी के आरोप हैं. इनकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है. इस मामले पर संबंधित पुलिस या सरकारी एजेंसी का पक्ष आता है, तो हम वो भी आप तक लेकर आएंगे.
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