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'बंगाली वही खाएंगे जो मन करेगा', धीरेंद्र शास्त्री को 'पाखंडी' वाली बात पर BJP ने सुना दिया

BJP State Chief on Dhirendra Shastri: बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री ने बंगालियों के मांस खाने पर टिप्पणी की थी. अब भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने इसका जवाब दिया है. दुर्गा पूजा को बस एक महीना रह गया है, इसलिए शास्त्री का बयान विवादों में आ गया है.

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भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य (दाएं) ने धीरेन्द्र शास्त्री (बाएं) के दुर्गा पूजा वाले बयान का जवाब दिया है. (फोटो-ITG)

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  • पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के बयान का विरोध करते हुए कहा कि बंगालियों को क्या खाना है, यह कोई पॉलिटिकल पार्टी या साधु तय नहीं करेगा।
  • धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि बंगालियों को दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार नहीं करना चाहिए, जिससे राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद उत्पन्न हुआ।
  • इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और राज्य सरकार की पकड़ कमजोर होने का आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ा है।

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधा है. उन्होंने उस विवादित बयान का जवाब दिया है जिसमें धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा था कि बंगालियों को दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार नहीं खाना चाहिए. आगे कहा कि जो मांसाहार खाते हैं वो ‘पाखंडी’ होते हैं. अब इस बात का जवाब देते हुए समिक भट्टाचार्य ने कहा कि ‘कोई पॉलिटिकल पार्टी या साधु ये तय नहीं करेगा कि बंगालियों को क्या खाना है.’ 

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समिक भट्टाचार्य ने क्या कहा?

दुर्गा पूजा को बस एक महीना और रह गया है. दुर्गा पूजा के दौरान बंगाली प्रसाद या भोग के तौर पर मांस और मछली खाते हैं. इसी बात को मुद्दा बनाया गया है. समिक भट्टाचार्य ने सख्त लहजे में कहा, ‘जब स्वामी विवेकानंद ने इसे माना है तो उनसे ऊपर कौन है? मां काली को यहां मटन का भोग चढ़ाया जाता है.’

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 

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“नवरात्र में बंगाली अष्टमी के दिन लुची (पूड़ी) खाते हैं और नवमी के दिन मटन खाते हैं. क्या बंगाली मछली नहीं खा सकते? क्या वो मांस नहीं खा सकते? बंगाली वही खाएंगे जो उनका मन करेगा. हम सिर्फ स्वामी विवेकानंद को मानते हैं. जब उन्होंने इसपर आपत्ति नहीं जताई थी तो और किसी की बात हम क्यों माने?”

समिक भट्टाचार्य का कहना है कि धीरेन्द्र शास्त्री बहुत मशहूर हैं. उनकी कथा बंगाल में भी बहुत लोग सुनते हैं. लेकिन कोई साधु या मौलवी क्या कहता है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. बीजेपी अध्यक्ष आगे बोले कि वो एक नेता हैं और बंगाल की संस्कृति जानते हैं. 

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धीरेन्द्र शास्त्री पर TMC का विरोध

6 सितंबर को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने धीरेन्द्र शास्त्री को कोलकाता में डिनर के लिए इन्वाइट किया था. इसी बात पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने आपत्ति जताई है. पार्टी ने एक स्टेटमेंट जारी कर लिखा, 

‘बागेश्वर बाबा का ग्रैंड वेलकम किया गया. फिर उन्होंने बंगालियों से नॉन-वेज न खाने की अपील कर दी. क्या भाजपा ये चाहती है कि बंगालियों की थाली से उनका खाना छिन जाए?’

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने भी इसकी आलोचना की. उन्होंने सवाल किया कि धीरेन्द्र शास्त्री को इतनी अहमियत क्यों दी जा रही है? तंज़ करते हुए कहा कि इससे साफ पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में ग्राउंड लेवल पर राज्य सरकार की पकड़ नहीं है, रिमोट तो सेंटर के हाथों में है.

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