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'हम ऐसे नहीं जाएंगे', सीजेपी का प्रोटेस्ट अभी बाकी, अभिजीत दिपके ने आगे का प्लान बताया

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर CJP ने खुशी जताई, लेकिन प्रदर्शन खत्म करने से इनकार कर दिया. पार्टी ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और 20 जुलाई की कथित पुलिस बर्बरता पर कार्रवाई की मांग दोहराई.

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अभिजीत दिपके ने आगे का प्लान बताया. (फोटो- India Today)

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  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को महीनों से चल रहे प्रोटेस्ट के बाद इस्तीफा दे दिया।
  • महीने भर से चले प्रोटेस्ट के दौरान परीक्षा अनियमितताओं और बच्चों की आत्महत्या के कारण मुआवजा व पुलिस कार्रवाई की मांग उठी।
  • सीजेपी ने प्रधान के इस्तीफे के बाद भी दो मांगें बनी रहने के कारण प्रदर्शन जारी रखने की अपनी योजना को संकेतित किया है।

महीने भर से चल रहे गंभीर प्रोटेस्ट के बाद आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आ गया. खबर आते ही जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के मंच पर खुशी की लहर दौड़ गई. सवाल उठे कि क्या अब सीजेपी अपना प्रदर्शन खत्म कर देगी? अभिजीत दिपके का जवाब है- नहीं. प्रोटेस्ट जारी रहेगा. क्योंकि पार्टी की सिर्फ यही एक मांग नहीं थी. सीजेपी ने अपनी दो मांगें पेंडिंग बताई है और कहा है कि विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक वो मांगें भी पूरी नहीं हो जातीं.   

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दिपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने साबित कर दिया है कि जो लोग डरने से इनकार करते हैं, वे जीत सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि जब तक सरकार अखबार लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं देती और 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित बर्बरता के लिए कार्रवाई नहीं करती, तब तक प्रदर्शन खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा, 

डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह लोकतंत्र है. प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी दो और मांगें हैं. हम ऐसे ही नहीं जाएंगे.

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उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो हो गया लेकिन आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए. दूसरा, 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित बर्बरता दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. 

बता दें कि सीजेपी ने अपने अगले कदम के बारे में इशारा करते हुए एक्स पर भी एक पोस्ट किया था. इसमें उन्होंने अपनी तीन मांगों में से सिर्फ प्रधान के इस्तीफे के आगे ‘टिक’ लगाया था. बाकी दो मांगें पेंडिंग बताई थीं. इससे संकेत मिला कि सीजेपी का प्रोटेस्ट आगे जारी रह सकता है. 

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बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई को अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने कहा कि वो पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से बेहद आहत हैं और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि राष्ट्रविरोधी ताकतें परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हुए विवाद से उत्पन्न हालात का फायदा न उठाएं.

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