The Lallantop

दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम को बड़ी राहत, इन 2 वजहों से कोर्ट ने दे दी जमानत

दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी शरजील इमाम को 10 दिन की बेल मिली है. एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी JNU के पूर्व छात्र शरजील की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. अर्जी में उन्होंने इस महीने हो रही भाई की शादी में शामिल होने के लिए छह हफ्ते की राहत मांगी थी.

Advertisement
post-main-image
शरजील इमाम को 10 दिन की बेल मिली है. (फोटो-इंडिया टुडे)

दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी शरजील इमाम को 10 दिन की अंतरिम बेल मिली है. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें को दो वजहों से अंतरिम जमानत दी है. पहली-भाई की शादी और दूसरी- बीमार मां की देखरेख करने के लिए. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी JNU के पूर्व छात्र शरजील की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. शरजील इमाम ने अपनी अर्जी में भाई की शादी में शामिल होने के लिए 6 हफ्ते का समय मांगा था. हालांकि कोर्ट ने उन्हें 20 मार्च से लेकर 30 मार्च तक ही जमानत दी है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इससे पहले शरजील और सह आरोपी उमर खालिद ने जनवरी 2026 में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा था कि अभियोजन ने रिकॉर्ड पर काफी मटेरियल पेश किया है. इससे पहली नजर में यह साबित हो रहा है कि वे कथित क्रिमिनल साजिश में शामिल थे. लेकिन कोर्ट ने इस मामले में ही पांच अन्य आरोपियों को जमानत दे दी थी. 

जिन्हें जमानत मिली थी, उनके नाम गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद थे. कोर्ट का तर्क था कि इन आरोपियों की भूमिका खालिद और इमाम की भूमिका से अलग थी. सभी आरोपियों को हिरासत में लेने की परिस्थितियां अलग-अलग रही हैं और हर आरोपी का आकलन अलग-अलग किया जाना चाहिए.

Advertisement

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद को बेल क्यों नहीं दिया? वजह जान लीजिए

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि उमर खालिद और शरजील इमाम अभियोजन पक्ष द्वारा संरक्षित गवाहों की जांच पूरी होने या इस आदेश की तारीख से एक साल की अवधि पूरा होने के बाद (दोनों में से जो पहले हो) जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं.

शरजील इमाम पर साल 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप लगा था. इस घटना में 53 लोग मारे गए थे, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

Advertisement

इस केस की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है. उनका आरोप है कि ये हिंसा एक पहले से ‘प्लान की गई और सोची-समझी साजिश’ का नतीजा थी. पुलिस का कहना है कि ये प्लान नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान पब्लिक ऑर्डर को खराब करने के मकसद से की गई थी. 

इन आरोपों के बाद शरजील इमाम के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (IPC) के अलग-अलग प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था. इमाम को साल 2020 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 

वीडियो: तरुण हत्याकांड में पुलिस का बड़ा एक्शन, 14 लोगों को किया अरेस्ट

Advertisement