दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने गर्मी से राहत दी. लेकिन जलभराव की समस्या कुछ लोगों के घर में मातम का कारण बन गई. दिल्ली के समयपुर बादली में एक 7 वर्षीय बच्चे रिहान की बारिश के पानी में डूबने से मौत हो गई. वहीं गाजियाबाद में भी बारिश के पानी मेंं डूबने से 3 साल की बच्ची की जान चली गई.
दिल्ली-गाजियाबाद में बारिश के पानी में डूबने से छोटे बच्चों की मौत हो गई
Delhi rain waterlogging: दिल्ली के समयपुर बादली में एक 7 साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई. वहीं गाजियाबाद में तीन साल की बच्ची की गली में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई.


समयपुर बादली की घटना में मारे गए बच्चे की पहचान रिहान के रूप में हुई है. वो तीसरी कक्षा का छात्र था. घटना के समय रिहान एक खाली प्लॉट के पास शौच करने गया था. तभी उसका बैलेंस बिगड़ा और वो उसमें गिर गया.
इंडिया टुडे से जुड़े राजेश खत्री की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 जुलाई को रिहान अपने भाई के साथ प्लॉट पर गया था. सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि दोनों पानी से भरी सड़क से निकलते हुए प्लॉट की दीवार तक जाते हैं. मृतक चलते हुए थोड़ा आगे आता है और उसका पैर फिसल जाता है. कुछ ही सेकंड में वो डूब गया.
जब काफी देर तक रिहान घर नहीं आया, तो उसे ढूंढने शुरू किया गया. पिता ने कहा,
“एक-डेढ़ घंटे बाद उसका पता लगा. हमने बोला एक से कि भईया सीटीवीटी दिखवा दो. हमारा लड़का काफी देर से गायब है. फिर माजा की बोतल दिखी दीवार पर रखी. वो उसमें पानी लेकर गया था.”
एक शख्स ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “रिहान के साथ जो बच्चा गया था, उसने किसी को कुछ नहीं बताया था. डर की वजह से. बाद में उसका शव प्लॉट के पास मिला. परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. उन्हें घटना में कोई कमी नहीं दिखी. किसी और ने ही पुलिस को फोन किया. तब समयपुर बादली थाना की पुलिस मौके पर पहुंची.”
पुलिस ने बच्चे का शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
गली में भरा पानी, डूबी 3 साल की मानवीजलभराव ने सिर्फ रिहान ही नहीं, गाजियाबाद में रहने वाली तीन साल की मानवी की भी जान ले ली.
इंडिया टुडे से जुड़े मयंक गौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना विजयनगर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर की है. लगातार बारिश के कारण गलियों में पानी भर गया था. बच्ची घर से बाहर निकल रही थी. तभी उसका पैर फिसल गया और वो पानी में गिर गई. पानी का स्तर ज्यादा था, जिस कारण वो उसमें डूब गई थी.
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में सीवर और नालों की सफाई लंबे समय से नहीं होने के कारण हर बारिश में गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है.
परिजनों ने किया प्रदर्शनहादसे के बाद गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग बच्ची के शव को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (NH-9) की ओर पहुंच गए और जाम लगाने का प्रयास किया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लोगों को समझाकर वहां से हटाया.
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प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की. मौके पर पहुंचे अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर सिंह और एसीपी उपासना पांडेय ने पीड़ित परिवार तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया.
अधिकारियों ने संबंधित विभाग से भी आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही. आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने की सहमति दे दी.
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