एक बारिश हुई और देश की राजधानी में किए गए तमाम सरकारी दावों को बहा ले गई. 8 जुलाई की रात दिल्ली में रात भर बारिश हुई. सुबह लोग जब सोकर उठे तो आसपास का नजारा ही कुछ और था. भारी बारिश ने राजधानी के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया, पेड़ उखड़ गए, ट्रैफिक ठप हो गया और एक इमारत गिरने से लोगों की जान चली गई.
एक रात की बारिश में दिल्ली-एनसीआर बेहाल, सड़कें बनी नदियां, घंटों लंबा जाम
मानसून की एक बारिश ने दिल्ली-एनसीआर की व्यवस्था और दावों के पोल खोल दिए हैं. गुरुग्राम और नोएडा में कई जगहों पर घुटनों तक पानी जमा है. पेड़ रास्ते पर गिरे हुए हैं और सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम है.


शहर भर से ऐसे तमाम वीडियो आ रहे हैं जिनमें कारें पानी भरी सड़कों पर रेंग रही हैं. लोग घुटने तक पानी में चल रहे हैं, उखड़े हुए पेड़ रास्तों को ब्लॉक कर चुके हैं. मेन सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लगा है. कई इलाकों में सड़कें नदियों जैसी लग रही थीं क्योंकि लगातार बारिश ने शहर के ड्रेनेज (नाली) सिस्टम को बेअसर कर दिया है. सबसे दुखद घटना दिल्ली के रोहिणी में हुई जहां भारी बारिश के बीच एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत गिर गई. इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई.

मौसम विभाग यानी IMD के मुताबिक सफदरजंग में दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र ने सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 72.6 मिलीमीटर(mm) बारिश दर्ज की गई है. इस दौरान लोधी रोड पर 80.2mm, रिज में 77.8mm, पालम में 63mm और अयानगर में 57.4mm बारिश हुई है. दिल्ली के सदर बाजार, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, नसीरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर, कुशक रोड, मुनिरका, द्वारका, विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के इलाके में सड़कों पर पानी लगा हुआ है.

रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे और धौला कुआं, महिपालपुर और रजोकरी के पास नेशनल हाईवे-48 सहित कई मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक बहुत धीमा है. कम विजिबिलिटी और जलभराव ने सुबह की भीड़-भाड़ वाली स्थिति को और खराब कर दिया है.
पेड़ गिरने से ब्लॉक हुए रास्तेबारिश के साथ-साथ तेज हवाओं ने भी अपना कहर दिखाया है. हवा से ईस्ट ऑफ कैलाश, इस्कॉन मंदिर और दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर पेड़ गिर गए जिससे कुछ समय के लिए सड़कें बंद हो गईं. सुखद बात यह है कि दोनों घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है. दिल्ली की नागरिक एजेंसियों को जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली कटौती से जुड़ी कई शिकायतें मिलीं, जिसके बाद सड़कों को साफ करने और स्थिति नॉर्मल करने के लिए इमरजेंसी टीमें तैनात की गई हैं.
तेज बारिश का असर राजधानी के अलावा पड़ोसी शहर गुरुग्राम और नोएडा में भी दिखा. इन शहरों सड़कों पर पानी भरने से कई गाड़ियां फंस गईं हैं. गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर, बसई, उमंग भारद्वाज चौक, कादीपुर, सेक्टर 10A और सोहना रोड के पास भारी जाम लग गया था. जबकि नोेएडा में भी ट्रैफिक की रफ्तार सुस्त रही.
IMD ने जारी किया अलर्ट
IMD के मुताबिक इस बारिश का कारण मॉनसून ट्रफ का उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी की तरफ बढ़ना बताया है. मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक यह सिस्टम और उत्तर की ओर नहीं बढ़ जाता, तब तक दिल्ली में अच्छी-खासी बारिश जारी रहने की संभावना है. तेज बारिश के बाद दिल्ली की हवा की गुणवत्ता "संतोषजनक" श्रेणी में बनी रही और गुरुवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 61 दर्ज किया गया.
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