राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक और FIR दर्ज की है. आरोप है कि बुधवार (7 अक्टूबर) को कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई. साथ ही, सरकारी काम में रुकावट डाली गई. इस मामले में कांग्रेस के कई दूसरे नेता और कार्यकर्ता भी आरोपी बनाए गए हैं. पुलिस का कहना है कि इस मामले में और FIR भी दर्ज की जा सकती हैं.
राहुल-प्रियंका पर पुलिस के साथ धक्का मुक्की का आरोप, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की 3 FIR
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक और FIR दर्ज की है. आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई. दोनों सांसदों पर सरकारी काम में रुकावट डालने का भी आरोप है.

बुधवार 7 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन कर रहे थे. विपक्षी सांसद निर्वाचन सदन की ओर कूच कर रहे थे. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर की तरफ सांसदों का जत्था बढ़ रहा था. उनका आरोप है कि SIR में गड़बड़ी हुई है. वोटर लिस्ट में कई योग्य वोटर्स के नाम काटे गए. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया. कई सांसदों को हिरासत में लिया गया. इनमें राहुल गांधी भी शामिल थे.
अब इसी प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं. पुलिस के मुताबिक, FIR में पुलिसवालों के साथ कथित मारपीट, सरकारी काम में रुकावट डालने, धक्का-मुक्की और पुलिसवालों के साथ बदसलूकी जैसे आरोपों से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं.
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुल 91 लोगों को हिरासत में लिया गया था. इनमें कई सांसद और विपक्षी नेता शामिल थे.
राहुल-प्रियंका ने भी किया पलटवारराहुल गांधी को हिरासत में लेकर बाराखंभा रोड पुलिस स्टेशन ले जाया गया था. प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस आगे बढ़ने से रोक रही थी. हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी मीडिया की तरफ हाथ हिलाते और विक्ट्री साइन दिखाते हुए भी नजर आए थे.
प्रियंका गांधी वाड्रा को छत्रसाल स्टेडियम पुलिस स्टेशन ले जाया गया. पुलिस कार्रवाई के दौरान प्रियंका गांधी जमीन पर लेटी हुई नजर आई थीं. बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे सांसदों पर बल का इस्तेमाल किया गया.
पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रियंका गांधी ने पुलिस की गाड़ी से संविधान की कॉपी हाथ में लहराया था. उन्होंने संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि इस देश में संविधान की क्या कीमत रह गई है? राहुल गांधी ने साफ़ कहा कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहेगा. उन्होंने कहा था कि इसके लिए अगर गिरफ्तारी देनी पड़े या कानूनी मामलों का सामना करना पड़े, तो विपक्ष पीछे नहीं हटेगा.
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6 अक्टूबर को भी FIRदिल्ली पुलिस ने मंगलवार 6 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन को लेकर भी FIR दर्ज की थी. उस मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे INDIA ब्लॉक के नेताओं पर आकाशवाणी भवन परिसर में बिना परमिशन दाखिल होने का आरोप है.
पुलिस के मुताबिक, INDIA ब्लॉक के नेताओं ने संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय, निर्वाचन सदन तक मार्च करने की योजना बनाई थी. पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक परमिशन नहीं ली गई थी और न ही इजाज़त दी गई थी.
जब प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के दफ्तर के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद कई विपक्षी नेता वहीं बैठकर प्रदर्शन करने लगे. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे नेता आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर चले गए और वहां भी प्रदर्शन जारी रखा.
पुलिस के मुताबिक, हालात बिगड़ने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया और हिरासत में लिया गया.
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