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दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर लोगों और खाना दोनों को जाने से रोकने का 'रास्ता' निकाल लिया

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ऐप-आधारित कैब, फूड डिलीवरी, क्विक-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों से प्रतिबंधित इलाकों में सेवाएं सीमित करने की सलाह दी है. पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य ड्राइवरों, डिलीवरी पार्टनरों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.

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दिल्ली पुलिस ने कैब कंपनियों के लिए एडवाइजरी जारी की है. (फोटो- PTI)

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  • दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ऐप-आधारित कैब, फूड डिलीवरी, क्विक-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को जंतर-मंतर क्षेत्र और आसपास सेवाओं को नियंत्रित करने की नई एडवाइजरी जारी की है।
  • यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा खाना भेजने की खबरें सामने आई हैं और धारा 163 लागू क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताएं हैं।
  • इस आदेश से प्रभावित इलाकों में कैब और डिलीवरी सेवाएं अस्थायी रूप से सीमित हो सकती हैं जिससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करने की संभावना बढ़ जाती है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोगों का पहुंचना अब और कठिन हो सकता है. दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशन पहले से बंद हैं. अब कैब वाले भी शायद ही आपको जंतर-मंतर लेकर जाएं. यहां तक कि प्रोटेस्ट वाली जगह पर खाने की डिलीवरी भी मुश्किल होगी. वजह दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की नई एडवाइजरी है, जो उसने ऐप-आधारित कैब, फूड डिलीवरी, क्विक-कॉमर्स (ब्लिंकिट-जेप्टो) और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को जारी किया है. ये दिशानिर्देश ऐसे वक्त में सामने आए हैं, जब जंतर-मंतर प्रोटेस्ट साइट पर प्रदर्शनकारियों के लिए अनाम लोगों की ओर से खाना भेजने की खबरें चर्चा में हैं. 

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'सेवाओं को कंट्रोल करें'

पुलिस ने इन कंपनियों से कहा है कि जिन इलाकों में धारा 163 लगी है, वहां पर ये लोग अपनी सेवाओं को कंट्रोल करें. पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, इन इलाकों में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताएं बनी हुई हैं. ऐसे में ऐप के जरिए चलने वाली कैब सेवाओं, राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म, फूड डिलीवरी, क्विक-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों से कहा गया है कि वो प्रतिबंध लागू रहने तक इस इलाके में अपनी सर्विसेज को जरूरत के मुताबिक कंट्रोल करें.

हालांकि, पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में किसी जगह विशेष का नाम लेकर जिक्र नहीं किया है. लेकिन, नई दिल्ली जिले में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू है. हालांकि, जंतर-मंतर पर ये धारा लागू नहीं होती क्योंकि, इसे Designated Protest Site घोषित किया गया है. पहले से इजाजत लेकर यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सकता है. 

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दिल्ली पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में कंपनियों को सलाह दी है कि वो चाहें तो प्रभावित इलाके को जियो-फेंसिंग के जरिए ऐप पर ब्लॉक कर सकती हैं. या फिर अगर हो सके तो वहां आने-जाने वाली कैब और डिलीवरी सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर सकती हैं. 

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जियो फेंसिंग एक तरह की डिजिटल बाड़बंदी होती है. एक लोकेशन-बेस्ड टेक्नोलॉजी, जिसमें किसी खास जगह के चारों ओर वर्चुअल सीमा बना दी जाती है. अब कोई इसके अंदर या बाहर आता-जाता है तो सिस्टम को तत्काल इसका अलर्ट मिल जाता है.

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क्यों जारी की गई एजवाइजरी?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इसका मकसद ड्राइवरों, डिलीवरी पार्टनरों और आम लोगों की सुरक्षा तय करना है. इसके साथ ही प्रतिबंधित इलाकों में भीड़ और आवाजाही को कम करके कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करना भी है.

पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वो प्रतिबंधित इलाकों में बिना जरूरत यात्रा करने से बचें और पुलिस का सहयोग करें.

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