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दिवाली के दिन दिल्ली की हवा हुई जहरीली! AQI पहुंचा 400 के पार

दिल्ली में दिवाली से जुड़े जश्न, वाहनों से निकलने वाला धुआं और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से हवा ज़हरीली हुई है. कई इलाकों में AQI 400 का लेवल पार कर गया, जो इसे 'गंभीर' (severe) श्रेणी में रखता है.

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दिल्ली के कई जगहों में AQI 400 पार पहुंच गया है. (Courtesy: ITG)

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  • 8 नवंबर को दिल्ली में दिवाली के दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 384 दर्ज हुआ, जबकि कई इलाकों में यह 400 से ऊपर पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' और 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
  • प्रतिकूल मौसम, दिवाली के जश्न के कारण उत्पन्न धुआं, वाहनों का प्रदूषण और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं के कारण दिल्ली की हवा में प्रदूषण बढ़ा।
  • दिल्ली-NCR में खराब प्रदूषण स्थिति के कारण ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू कर गैर-जरूरी निर्माण, वाहन और स्कूल गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया।

दिवाली के दिन यानी 8 नवंबर को जब दिल्ली की सुबह हुई तो उसकी हवा 'ज़हरीली’ दर्ज हुई. शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 384 रिकॉर्ड हुआ है जो ‘वेरी पुअर’ या ‘बहुत ख़राब’ की श्रेणी में आता है. कुछ इलाकों में आंकड़ा 400 के पार भी रहा. दिल्ली-NCR में पहले ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा स्टेज लागू है. ये पाबंदियां एहतियातन लगाई गईं. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी के कई हिस्सों में प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी रही. यहां 11 निगरानी केंद्रों पर AQI का स्तर 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो इसे 'गंभीर' (severe) श्रेणी में रखता है. पंजाबी बाग इलाके में अब तक इस साल का सबसे ज्यादा AQI 450 रिकॉर्ड किया गया. 

दिल्ली के कई इलाके में बुरा हाल

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड यानी CPCB के डेटा के मुताबिक, सुबह 6 बजे, आनंद विहार के आसपास के इलाके में AQI 328 दर्ज किया गया. कुल 23 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 11 में AQI का स्तर 400 से ऊपर दर्ज किया गया.

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बाकी 12 स्टेशनों पर AQI का स्तर 301 से 400 के बीच रहा. पंजाबी बाग के बाद AQI, RK पुरम में 449 और IIT दिल्ली में 446 रहा. द्वारका में भी AQI 444 दर्ज किया गया, जबकि CRRI मथुरा रोड पर 425 और सिरी फोर्ट में 423 दर्ज हुआ. 

दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस और चांदनी चौक, दोनों जगहों पर AQI 423 दर्ज किया गया. पूसा में 415, बुराड़ी क्रॉसिंग पर 411 और NSUT जाफरपुर में 409 AQI दर्ज किया गया. वहीं, नरेला में AQI 399 दर्ज किया गया. इसके बाद ITO में AQI 396 और मंदिर मार्ग में 393 दर्ज किया गया.

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अचानक AQI क्यों बढ़ा?

मौसम और वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों ने दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में संभावित गिरावट के लिए कुछ कारण गिनाए हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्रतिकूल मौसमी स्थितियों, दिवाली से जुड़े जश्न, वाहनों से निकलने वाला धुआं और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से हवा ज़हरीली हुई है. इस हवा में PM10 मुख्य प्रदूषक है. बताया गया कि हवा में गति धीमी होने की वजह से ये प्रदूषक ठीक से डिस्पर्स नहीं हो पा रहा.

दिल्ली सरकार के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) ने शहर के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र को सबसे बड़ा कारण बताया, जो कुल अनुमानित प्रदूषण भार का 21.4 प्रतिशत है. 7 नवंबर को सैटेलाइट डेटा से छह राज्यों में फसल अवशेष जलाने की 589 घटनाएं सामने आईं. इनमें से 357 घटनाएं पंजाब में, 139 मध्य प्रदेश में और 58 राजस्थान में हुईं. 

दिल्ली-NCR में GRAP का तीसरा स्टेज

खराब स्थिति को देख्ग्ते हुए 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) के तीसरे चरण (Stage III) को लागू किया. GRAP चरण III के तहत, गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक लगी है.

स्टोन क्रशर के संचालन और खनन से जुड़ी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध है. दिल्ली और NCR में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाले हल्के मोटर वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा है. साथ ही क्लास 5 तक के बच्चों का स्कूल हाइब्रिड मोड में चलाने को कहा गया है.

वीडियो: दिल्ली में 400 के पार AQI और अरावली मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने क्या कहा?

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