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उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मिला SIR का नोटिस

Uttarakhand Chief Electoral Officer SIR notice: राज्य के CEO पुरुषोत्तम को नाम में गड़बड़ी के कारण नोटिस मिला था. BJP विधायक सरिता आर्या के घर पर भी नोटिस भेजा गया था. कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के घर पर भी ऐसा ही नोटिस भेजा गया था.

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उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को नोटिस सामान्य गलती के कारण मिला है. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • उत्तराखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत सरकारी अधिकारियों, जन-प्रतिनिधियों सहित 24.30 लाख नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से लगभग 20.27 लाख नोटिस वोटरों तक पहुंच चुके हैं।
  • यह प्रक्रिया नाम, पता या अन्य जानकारियों में पाई गई सामान्य गलतियों जैसे स्पेलिंग, अधूरे नाम, या पुराने पते के कारण शुरू की गई है, ताकि वोटर लिस्ट को सुधार और अपडेट किया जा सके।
  • चुनाव अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर दस्तावेज जांच कर मामूली गलतियों को ठीक करने का निर्देश दिया है और निवासियों से सहयोग की अपील की गई है ताकि वोटर लिस्ट समय पर अपडेट हो सके।

उत्तराखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जा रहे हैं. इन नोटिस का दायरा सरकारी अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों तक भी पहुंच गया है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विधायक और कुमाऊं कमिश्नर को भी नोटिस जारी किए गए हैं.

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राज्य के CEO BVRC पुरुषोत्तम को उनके नाम में गड़बड़ी के कारण नोटिस मिला था. उन्होंने संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं. BJP विधायक सरिता आर्या के घर पर भी नोटिस भेजा गया था. विधायक और उनके छोटे बेटे, दोनों के वोटर वेरिफिकेशन की जानकारी मांगी गई थी. वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान ऐसा ही नोटिस कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को भी भेजा गया. 

सामान्य गलतियों के कारण भेजा नोटिस

यह नोटिस उन्हें सामान्य गलतियों के कारण मिले हैं. जैसे नाम की स्पेलिंग में गलती, अधूरे नाम या पुराना पता. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, CEO पुरुषोत्तम ने लोगों से नोटिस मिलने पर ना घबराने की अपील की है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि नाम, पते या दूसरी जानकारी से जुड़ी गलतियों को BLO के पास तय दस्तावेज जमा करके ठीक किया जा सकता है. 

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उन्होंने बताया कि जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वोटर को कम से कम परेशानी हो. जानकारी में मामूली अंतर या गड़बड़ी के मामलों की जांच और समाधान BLO स्तर पर ही कर लिया जाए. यह भी कि जिन वोटरों के रिकॉर्ड या पहचान का सही मिलान नहीं हो पाया, उन पर खास ध्यान दिया जाएगा. उन्हें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) देखेंगे.

24 लाख से ज्यादा नोटिस जारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि SIR प्रक्रिया के तहत 24.30 लाख नोटिस जारी किए गए थे. इनमें से लगभग 20.27 लाख नोटिस वोटरों तक पहुंचाए जा चुके हैं.

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नैनीताल के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट नवाजिश खालिक का कहना है कि वोटर लिस्ट को सही, अपडेटेड, गलतियों से मुक्त रखने के लिए सख्ती से जांच अभियान चलाया जा रहा है.

खालिक ने कहा,

"यह अभियान चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार चलाया जा रहा है. इसका मकसद वोटर लिस्ट को सही और अपडेटेड रखना है. बूथ लेवल ऑफिसर वोटर की जानकारी वेरीफाई करने और जरूरी जानकारी इकट्ठा करने के लिए घरों का दौरा कर रहे हैं."

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरे जिले में एक समान रूप से लागू की जा रही है. यह हर योग्य वोटर पर लागू होती है, चाहे वह आम नागरिक हो या किसी संवैधानिक, राजनीतिक या प्रशासनिक पद पर हो.

जिला प्रशासन ने निवासियों से अपील भी की है. कहा है कि वह बूथ लेवल ऑफिसर का सहयोग करें. जरूरी जानकारी दें ताकि वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके.

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