छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक अधेड़ महिला ने कथित तौर पर रील देखते समय इंटरनेट बंद होने की वजह से आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि परिजनों ने महिला की जान बचाने कोशिश भी की. पेट से कीटनाशक निकालने और उल्टी कराने के लिए उन्हें गोबर का पानी भी पिलाया गया, लेकिन इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई.
मोबाइल पर रील नहीं देख पाई तो जान दे दी, बचाने के लिए परिवार ने गोबर का पानी पिलाया था
मामला करतला थाना क्षेत्र के केरा कछार गांव का है. मृतक का नाम मंगलो बाई के तौर पर हुई है. इंडिया टुडे से जुड़े गेंदलाल शुक्ल की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक को कथित तौर पर मोबाइल में रील देखने की लत थी.

मामला करतला थाना क्षेत्र के केरा कछार गांव का है. मृतक का नाम मंगलो बाई के तौर पर हुई है. इंडिया टुडे से जुड़े गेंदलाल शुक्ल की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक को कथित तौर पर मोबाइल में रील देखने की लत थी. शनिवार, 6 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे वो फोन पर रील देखते हुए खाना खा रही थी. इस बीच उनके मोबाइल में नेटवर्क सही से नहीं आ रहा था, जिससे उन्हें रील देखने में समस्या हो रही थी. इस बात से नाराज मंगलो बाई ने अपने फोन को जमीन पर पटक कर तोड़ दिया और अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया.
कुछ समय के बाद जब वो कमरे से बाहर आईं तो उल्टियां कर रही थीं. उनकी बिगड़ती हालत देख परिवार को शक हुआ कि उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया है, इसके बाद परिजनों ने फौरन 112 पर कॉल कर मदद की गुहार लगाई. इस दौरान महिला के घर वाले कथित तौर पर उन्हें गोबर का पानी पिलाकर उल्टियां कराने की कोशिश कर रहे थे, जिससे उनकी जिंदगी बचाई जा सके.
आनन-फानन में महिला को पास के अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने की वजह से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. रविवार, 7 सितंबर को मंगलो बाई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही मौत के असल कारण पता लगाने की कोशिश कर रही है. मामले की पुष्टि सिटी SP प्रतीक चतुर्वेदी ने की. उन्होंने बताया,
‘सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जिला अस्पताल में जो पुलिस सहायता केंद्र है, वहां एक सूचना मिली कि मंगलो बाई जो केरा कछार करतला थाने की रहने वाली हैं, उन्होंने आत्महत्या कर ली है. इस पर पुलिस ने जब जांच की और परिजनों से बात की, तो पता चला कि मंगलो बाई अपना मोबाइल देख रही थीं. इसी दौरान उनका नेटवर्क गायब हो गया और उन्होंने अपने मोबाइल को पटक दिया.’
SP ने आगे बताया कि इसके बाद वो अपने रूम के अंदर में चली गईं, जहां उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया. इसके बाद वो अपने परिजनों के पास आईं और बताया कि उन्होंने अपनी जान लेने की कोशिश की है. इसके बाद परिवार ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई.
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मामले पर मनोचिकित्सक डॉक्टर अंकित गुप्ता का भी बयान आया है. उन्होंने बताया कि मोबाइल के आदि लोगों में ‘इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर’ बीमारी हो सकती है. इसमें मोबाइल में दिक्कत होने पर लोग बहुत ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं, जो गुस्से में ‘गलत कदम’ उठा लेते हैं.
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