अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला अभी सुलझा ही नहीं था कि अब वक्फ बोर्ड के जमीनों में घोटाले का दावा किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी शुक्रवार, 31 जुलाई को DM ऑफिस पहुंचे. उन्होंने DM को वक्फ बोर्ड के जमीनों में हुए कथित घोटालों से जुड़े करीब 50 पेज के डॉक्यूमेंट सौंपे. रजवी ने दावा किया कि कथित तौर पर बरेली जिले में करीब 320 करोड़ के वक्फ संपत्ति में ‘घोटाला’ हुआ है. उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी लेटर लिखा है.
बरेली में वक्फ की संपत्ति में 320 करोड़ का घोटाला हुआ? मौलाना शहाबुद्दीन का बड़ा आरोप
All India Muslim Jamaat के अध्यक्ष Maulana Shahabuddin Razvi ने Waqf Land Scam का आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी लेटर लिखा है.

रजवी का आरोप है कि वक्फ बोर्ड ने बड़े रसूखदारों को जमीन बेची है. इंडिया टुडे से जुड़े आशीष की रिपोर्ट के मुताबिक, रजवी ने दावा किया कि बहेड़ी तहसील के गांव जाम सावंत में करीब 1400 बीघा वक्फ जमीन बेची गई है या उसे बेचने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने बाजार में जमीन की मौजूदा कीमत करीब 220 करोड़ रुपये बताई. रजवी ने यह भी आरोप लगाया कि सदर तहसील के गांव चंद्रपुर बिजपुरी की करीब 100 करोड़ रुपये की वक्फ जमीन भी बेची जा चुकी है. मौलाना ने आगे कहा कि सिर्फ बरेली में ही 320 करोड़ रुपये की वक्फ संपत्ति का घोटाला हुआ है.
मौलाना समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर भी जमकर बरसे. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में यह घोटाला हुआ. वक्फ के जिम्मेदार लोगों ने भू-माफियाओं से मिलकर वक्फ की जमीनें औने-पौने दाम पर बेच दीं.
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मौलाना ने कहा कि वे राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बोलते हैं, लेकिन कथित वक्फ घोटाले पर चुप हैं. मौलाना ने यह भी कहा कि वक्फ की संपत्तियां गरीब मुसलमानों और धार्मिक कार्यों के लिए थीं, लेकिन उनका दुरुपयोग किया गया. मौलाना का यह भी आरोप है कि इस मुद्दे को उठाने पर समाजवादी पार्टी के लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं.
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उन्होंने कहा कि ‘वो असली मुसलमान हैं. इसलिए सच बोल रहे हैं.’ मौलना ने बताया कि उन्होंने फिलहाल दो जगहों के डॉक्यूमेंट्स प्रशासन को सौंपे हैं. आने वाले दिनों में वो अन्य मामलों के भी सबूत देंगे.
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख हैं. यह एक गैर-सरकारी धार्मिक संगठन है, जो सुन्नी इस्लाम के बरेलवी आंदोलन से जुड़ा है. इसकी स्थापना 17 सितंबर 2022 को बरेली में अहमद रजा खान बरेलवी के उर्स के अवसर पर हुई थी. रजवी किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े हैं. फिर भी अपने बयानों से वह सपा के प्रखर आलोचक माने जाते हैं. आरएसएस और नरेंद्र मोदी के समर्थन में बयान देकर भी चर्चा में रहे हैं.
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