छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्य के गरियाबंद ज़िले में एक मुठभेड़ के दौरान 14 नक्सलियों के एनकाउंटर का दावा किया है. इनमें 2 महिला नक्सली भी शामिल हैं. साथ ही, 1 करोड़ रुपये के इनाम वाला नक्सली शामिल है. मामले पर गृह मंत्री अमित शाह की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने इसे नक्सलवाद पर करारा प्रहार बताया है.
छत्तीसगढ़ पुलिस का 14 नक्सलियों को मार गिराने का दावा, मुठभेड़ अभी जारी
Chhattisgarh Police encounter 14 Maoists killed: अधिकारियों ने बताया है कि ओडिशा के नुआपाड़ा ज़िले से पांच किलोमीटर की दूरी पर छत्तीसगढ़ के कुलारीघाट जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसी के बाद 19 जनवरी को ये ऑपरेशन शुरू किया गया था. तब से ये ऑपरेशन जारी है.


गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि हमारे सुरक्षा बलों ने नक्सल मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा,
CRPF, SOG ओडिशा और छत्तीसगढ़ पुलिस ने ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर एक संयुक्त अभियान में 14 नक्सलियों को मार गिराया. नक्सल मुक्त भारत के हमारे संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से, नक्सलवाद आज अंतिम सांस ले रहा है.
बता दें, गरियाबंद ज़िला ओड़िशा के साथ बॉर्डर साझा करता है. पुलिस ने मुठभेड़ बॉर्डर इलाक़े यानी मैनपुर थाना क्षेत्र में ही होने की बात कही है. न्यूज़ एजेंसी ANI के इनपुट के मुताबिक़, मुठभेड़ अभी जारी है और मृतकों की संख्या और भी बढ़ने की संभावना है. गरियाबंद के SP निखिल राखेचा ने ANI को बताया है कि SLR रायफल जैसे औटोमिक हथियारों समेत बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं.
न्यूज़ एजेंसी PTI के इनपुट के मुताबिक़, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिला रिजर्व गार्ड (DRG), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), छत्तीसगढ़ से कोबरा और ओडिशा से विशेष अभियान समूह (SOG) के सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम इस अभियान में शामिल है.
आजतक के इनपुट के मुताबिक़, 1 करोड़ रुपये के इनाम वाले नक्सली का नाम प्रताप रेड्डी रामचंद्रा उर्फ चलपति है. बताया गया कि वो PLGA1 कमांडर था और नक्सली हिडमा का गुरु था. सुरक्षाबलों से जुड़े सूत्रों ने आजतक को बताया है कि हिडमा को चलपति ने ट्रेंड किया था.
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि ओडिशा के नुआपाड़ा ज़िले से पांच किलोमीटर की दूरी पर छत्तीसगढ़ के कुलारीघाट जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसी के बाद 19 जनवरी को ये ऑपरेशन शुरू किया गया था. तब से ये ऑपरेशन जारी है.
इससे पहले, 17 जनवरी को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले में नक्सलियों की तरफ़ से एक इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) सेट करने से 2 जवानों के घायल होने की ख़बर आई थी. तब पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि ये घटना तब हुई, जब BSF की एक रोड-ओपनिंक पार्टी कैंप गरवा पर तैनात थी.
वीडियो: डी. अनसूया सीताक्का कैसे नक्सली से तेलंगाना की मिनिस्टर बन गईं











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