चंडीगढ़ से कथित तौर पर अगवा की गईं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत हो गई है. मंजीत को 2 महीने पहले मोरिंडा में अगवा कर पेड़ से बांधकर जला दिया गया था. 26 अगस्त को मंजीत की पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में इलाज के दौरान मौत हो गई. पीड़िता की मां की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने दो संदिग्धों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है.
पेड़ से बांधकर जला दिया था, 2 महीने बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत
परिवार का आरोप है कि 3 जुलाई की रात मंजीत को दो लोगों ने मिलने के बहाने बुलाया. इसके बाद कथित तौर पर उन्हें जबरन कार में बैठाकर मोरिंडा ले जाया गया. वहां मारपीट के बाद उन्हें पेड़ से बांधकर आग लगाने का आरोप है.

मां कांता देवी की शिकायत के मुताबिक, शुभि और पिंडा नाम के दो लोगों ने 3 जुलाई की देर रात मंजीत को सेक्टर 34 में शराब की दुकान के पास मिलने के लिए बुलाया. वहां पहुंचने पर मंजीत को जबरदस्ती कार में बिठाया और मोरिंडा ले गए. वहां उसके साथ मारपीट की गई. इसके बाद उन्हें शहतूत के पेड़ से बांधा गया और आग लगा दी गई.
आखिरी इंस्टाग्राम पोस्टएक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिलमोहाली ने एक आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में मंजीत के साथ कोलैब किया था. पोस्ट में मंजीत का दोस्त उनके फॉलोअर्स से सब्र रखने को कह रहा था. उसने वादा किया कि वह यानी मंजीत जल्द ही खुद बताएगी कि उसके साथ क्या हुआ था. लेकिन वह पल कभी नहीं आया. कथित अपहरण, हमले और आग लगाने की घटना के लगभग दो महीने बाद मंजीत ने आखिरी सांस ली. दुनिया को वो कभी ये नहीं बता पाईं कि आखिर उनके साथ क्या हुआ था?
28 जुलाई को, पंजाब के इन्फ्लुएंसर गिलमोहाली के साथ मिलकर शेयर की गई एक पोस्ट में उसकी हालत के बारे में जानकारी दी गई थी. उसमें गिलमोहाली ने कहा,
FIR दर्ज, छापेमारी जारीमंजीत 50 प्रतिशत ठीक हो चुकी हैं. 10-15 दिनों में वह खुद लाइव आएंगी और आपको सब कुछ बताएंगी: कौन था, क्या हुआ और कैसे हुआ. प्लीज घर बैठे अंदाजा न लगाएं और जज न करें. अगर आप किसी के बारे में कुछ अच्छा नहीं कह सकते तो प्लीज कुछ बुरा भी न कहें. मैं आपके सामने हाथ जोड़ता हूं. क्योंकि उसका परिवार बहुत डरा हुआ है. मंजीत खुद भी बहुत डरी हुई है, है ना? जो उसके साथ हुआ और जो उसने उम्मीद की थी, उसके बारे में सोचकर.
घटना के बाद मंजीत को पहले मोरिंडा के एक अस्पताल ले जाया गया और फिर मोहाली भेजा गया. इसके बाद, जलने से लगी गंभीर चोटों के कारण उन्हें 9 जुलाई को PGIMER चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया. मंजीत कई हफ्तों तक बेहोश रहीं. 5 अगस्त को उन्हें कुछ देर के लिए होश आया था. उन्होंने अपने परिवार को घटना के बारे में बताया. बाद में उनकी हालत बिगड़ गई और 26 अगस्त को उनकी मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि इस कथित हमले के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है. कौर तलाकशुदा थीं और उनके परिवार में उनका सात साल का बेटा है.
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उनकी मौत के बाद, भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 140(1) (अपहरण), 103(1) (हत्या) और 3(5) (joint criminal liability) के तहत FIR दर्ज की गई. वहीं, एनडीटीवी से बात करते हुए सेक्टर 34 के SHO शादीलाल ने बताया कि पीड़िता की मां की शिकायत पर दर्ज किया गया है. पुलिस दो आरोपियों, शुभी और पिंडा का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है. साथ ही, जांच के दौरान CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है.
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