प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कर्मचारियों की संख्या 60 प्रतिशत बढ़ने वाली है. केंद्र सरकार ने बुधवार, 20 मई को मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाली एजेंसी के लिए 1200 से ज्यादा एडिशनल इन्वेस्टिगेटर्स और कर्मचारियों को मंजूरी दी है. ये फैसला बढ़ते मामलों, साइबर अपराध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी जांच के कारण लिया है.
ED के स्टाफ में 60% की बढ़ोतरी, केसों का ढेर लगता देख सरकार ने लिया फैसला
Enforcement Directorate restructuring: केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कर्मचारियों की संख्या में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी की है. जिसके बाद कर्मचारियों की संख्या 2029 से 3256 हो जाएगी. ये फैसला बढ़ते मामलों, साइबर अपराध, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी जांच के कारण लिया गया है.


अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी पर काम का बोझ बढ़ रहा है. उसे देखते हुए ये कदम लेना जरूरी था. पिछले कुछ सालों में भी ईडी के पास केस की भरमार आई है. ED का पिछला कैडर रिस्ट्रक्चर 2011 में किया गया था.
3256 हो जाएगी कर्मचारियों की संख्यासरकार ने ED के विभिन्न कार्यकारी पदों पर कर्मियों की संख्या में संशोधन किया है. वित्त मंत्रालय ने एजेंसी के छह अलग-अलग कैडरों में कुल 1227 कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है. यानी पहले ईडी में 2029 कर्मचारी थे, जो फैसले के बाद 3256 हो जाएंगे. संख्या बढ़ाने वाले कैडरों में एग्जीक्यूटिव, लीगल और एडजडिकेशन विभाग शामिल हैं. इसके तहत
- 803 एडिशनल ऑफिसर्स को सहायक प्रवर्तन अधिकारी,
- 606 को प्रवर्तन अधिकारी और
- 531 को असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट के पद पर शामिल किया गया.
बताया गया कि ED ने अपने मौजूदा निदेशक राहुल नवीन के नेतृत्व में सरकार को एक संशोधित प्रस्ताव भेजा था. प्रस्ताव में एजेंसी के कर्मियों की संख्या में 1200 से 1300 अधिकारियों की और बढ़ोतरी करने का सुझाव दिया गया था. जिसे अब सरकार से मंजूरी मिल गई है.
पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़े मामलेइंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जो भी तलाशी या छापेमारी की, वो 2025-2026 के वित्त वर्ष में लगभग दोगुनी होकर 2892 हो गई.
31 मार्च 2026 तक ही ED ने PMLA के तहत कुल 8851 मामले दर्ज किए हैं. 1187 लोगों को गिरफ्तार किया है. 2396 आरोप पत्र (charge sheets) दाखिल किए हैं और 2.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं. इस साल मार्च तक एजेंसी ने FEMA के तहत 44369 जांचें भी शुरू की हैं.
एक्सप्रेस ने ED के डायरेक्टर राहुल नवीन के हवाले से बताया कि PMLA के तहत कुर्की (जब्त) के मामले पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़े हैं. नवीन ने बताया,
"PMLA कानून लागू होने के बाद पहले दशक (2005 से 2014 तक) में कुल कुर्की 5171.32 करोड़ रुपये थी, जिसका औसत सालाना लगभग 574.6 करोड़ रुपये था.
- 2014 से 2024 तक ये बढ़कर 119,386.25 करोड़ रुपये हो गई.
- 2024-25 में ED ने 30,036.41 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की.
- 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 81,422.63 करोड़ रुपये हो गया."
70 साल पुरानी एजेंसी ED विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) की सिविल धाराओं के अलावा, दो सख्त कानूनों धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) और भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के आपराधिक प्रावधानों को लागू करती है.
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