पहली बार ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) से कॉपियां चेक करने वाला CBSE मुश्किलों में फंस गया है. पहले OSM से जांची गई कॉपियों को लेकर सवाल उठे. कई छात्रों ने अपनी आंसर शीट बदले जाने की शिकायत की. अब री-इवैल्यूएशन पोर्टल में भी गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं. एक तो लंबे इंतजार के बाद CBSE ने पोस्ट रिजल्ट सर्विस के रूप में री-इवैल्यूएशन पोर्टल चालू किया. लेकिन जैसे ही छात्रों का हुजूम पोर्टल पर पहुंचा, उनका ‘सिस्टम हिल गया’.
OSM के बाद छात्र अब CBSE के पोर्टल से परेशान, बोर्ड बोला- 'साइबर हमले हो रहे'
CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर छात्रों को लॉग-इन फेल, पेमेंट एरर, ब्लर आंसर शीट और गलत कॉपी मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है. बोर्ड ने दावा किया कि पोर्टल सुचारु रूप से काम कर रहा है और उस पर साइबर हमलों की भी कोशिश की गई, जिसके चलते तकनीकी दिक्कतें आईं.


कई छात्रों ने शिकायत की है कि लॉग-इन के लिए जरूरी डिटेल्स भरने के बाद भी उनका पेज नहीं खुला. या तो स्क्रीन फ्रीज हो गई या पेज ही ‘एरर’ बताने लगा. छात्रों ने लॉग-इन में आने वाली परेशानियों को सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करके भी उठाया. वीडियो में दिखाया कि पोर्टल पर अपनी सारी लॉग-इन डिटेल्स भरने के बाद भी यूजरनेम और पासवर्ड इनवैलिड बताने लगे. अपनी आंसर शीट पाने की कोशिश करने वाले छात्रों को और भी कई समस्याएं झेलनी पड़ीं. जैसे- पेमेंट गेटवे फेल होना, ज्यादा पैसे कटना. रसीद न मिलना. स्कैन की गई आंसर शीट्स न खुलना.
कई छात्रों ने ये भी कहा कि उनकी आंसर शीट्स काफी ब्लर और अधूरी थीं. कई ने बताया कि उन्हें जो शीट मिली है, उसमें उनकी हैंडराइटिंग ही नहीं है. इस गड़बड़ी से CBSE की परीक्षा देने वाले 4 लाख से ज्यादा छात्रों पर असर पड़ा है, जो इस साल मार्क्स वेरिफिकेशन, आंसर शीट्स की फोटोकॉपी और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करना चाहते थे.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले ही अनुमान लगाया था कि OSM तरीके से कॉपी चेक होने के बाद 80 हजार से ज्यादा छात्र अपनी आंसर शीट देखने के लिए आवेदन कर सकते हैं. शुरुआती रुझान में हुआ भी कुछ ऐसा ही. CBSE ने जब 29 मई को अपनी पोस्ट रिजल्ट सर्विस शुरू की, तब इस पर इतना ट्रैफिक आया कि पोर्टल ही बैठ गया. इसके बाद एक जून को सुधार करके CBSE ने इसे दोबारा चालू किया. इसके बाद भी जैसे ही छात्र पोर्टल पर पहुंचने लगे, उन्हें एक्सेस न होने और लोडिंग की समस्याएं सामने आने लगीं.
CBSE ने दी सफाईइन सारे विवादों पर CBSE ने भी सफाई दी है. 2 जून को अपने ‘एक्स’ पोस्ट पर CBSE ने बताया कि उसका पुनर्मूल्यांकन पोर्टल (revaluation portal) अच्छे तरीके से काम कर रहा है. दोपहर तीन बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने इस पर आवेदन भी किया है. ये पोर्टल एक ही समय में 8 हजार से ज्यादा यूजर्स को सपोर्ट कर रहा है.
CBSE ने दावा किया कि इस पोर्टल पर साइबर हमले भी किए गए हैं. बोर्ड ने कहा,
कुछ शरारती तत्वों ने पोर्टल पर साइबर हमलों की बौछार कर दी. सबसे हालिया हमला डिनायल ऑफ सर्विस का था, जिसकी वजह से सिर्फ 2 मिनट के अंदर पोर्टल पर 15 लाख से ज्यादा हिट्स आए. वहीं एक लाख से ज्यादा बार फाइलों को बिना इजाजत एक्सेस करने की कोशिश की गई.
CBSE ने कहा कि छात्रों के फीडबैक के आधार पर प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया गया है. सेशन की समयसीमा बढ़ाई गई है ताकि प्रोसेस और आसान हो सकें.

CBSE के अलावा पेपर लीक विवाद वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में भी एक बड़े ऑनलाइन संकट की खबर सामने आई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, NEET पेपर लीक के बाद NTA के री-एग्जामिनेशन के पोर्टल में सिक्योरिटी से जुड़ी कमियों का पता चला है. खुद को साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर बताने वाले एक शख्स ने दावा किया है कि पोर्टल की सिक्योरिटी इतनी कमजोर है कि प्रशासन और यूजर्स की सेंसिटिव जानकारियां लीक हो सकती हैं. हालांकि, ये दावे अभी साबित नहीं हुए हैं.
साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर ने बताया कि पोर्टल की सिक्योरिटी में इस कमी की वजह से सेंटर को-ऑर्डिनेटर्स, एग्जाम सेंटर्स के नाम, ईमेल, फोन नंबर्स जैसी सेंसिटिव जानकारियां उजागर हो सकती हैं.
उन्होंने ये भी कहा कि ये सिर्फ डेटा लीक का केस नहीं है. अगर कोई बदमाश एडमिन के डैशबोर्ड तक पहुंच गया तो वो डेटा एक्सपोर्ट कर सकता है. अपॉइंटमेंट लेटर भी जनरेट कर सकता है. कई प्रशासनिक कामों को भी वो यहीं से अंजाम दे सकता है. सोशल मीडिया पर ये दावे तेजी से वायरल होने लगे. इसके बाद कई लोगों ने दावा किया कि NTA का री-एग्जामिनेशन पोर्टल खुल ही नहीं रहा है. 404 Not Found बता रहा है. NTA की तरफ से इस पर अभी तक कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है.
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