भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को हाल ही में UAE ने अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा. कैप्टन स्मित मच्छार और flydubai के चालक दल को उनके साहस के लिए सम्मानित किया गया. बीती 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट को उन्होंने क्रैश होने से बचाया था.
कैप्टन स्मित मच्छार की चोट कितनी गहरी? खोपड़ी का हाल देखकर कांप जाएंगे
फ्लाइट के को-पायलट ने मच्छार पर धारदार चीज से हमला कर दिया था. घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट ने संघर्ष किया और वो सफल भी रहे.

फ्लाइट के को-पायलट ने मच्छार पर धारदार चीज से हमला कर दिया था. घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट ने संघर्ष किया और वो सफल भी रहे. अब उन्हें सम्मानित किए जाने की तस्वीरों के साथ उनकी चोट भी सामने आ गई है. मच्छार के सिर के पीछे का हिस्सा टांके के निशानों से भरा पड़ा है. साफ दिख रहा है भारतीय पायलट की खोपड़ी का मेजर ऑपरेशन हुआ है. आगे बढ़ने से पहले आप भी वो तस्वीरें देखिए जो सोशल मीडिया पर लोग शेयर कर रहे हैं.

तस्वीर को अगर आप ध्यान से देखेंगे तो चोट की गहराई का अंदाजा लगा सकेंगे. तस्वीरों में टांकों के कारण बने निशाना को भी आप देख सकते हैं. आम लोगों की नजर से बस यही दिखाई दे सकता है. पर इन वायरल तस्वीरों को देखकर डॉक्टर ने क्या कह रहे हैं, वो भी जानिए.
दिल्ली के ISIC Multispeciality Hospital में कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राहुल चावला से इस बारे में बात की गई. उन्होंने कहा कि वैसे तो सिर्फ तस्वीर से चोट की गंभीरता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन सिर के जिस हिस्से में कैप्टन को चोट आई है वो बहुत खतरनाक है. इससे हमारे डेली लाइफ की कई एक्टिविटीज पर असर पड़ता है. डॉक्टर ने कहा,
‘सिर के पिछले हिस्से में त्वचा, उसके नीचे की मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं के अलावा खोपड़ी की हड्डी होती है. खोपड़ी के अंदर मस्तिष्क मौजूद होता है, जो शरीर की गतिविधियों, सोचने-समझने, बोलने और बैलेंस बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण कामों को कंट्रोल करता है. सिर पर लगी चोट केवल बाहरी घाव तक सीमित हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में इंटर्नल ब्लीडिंग, खोपड़ी में फ्रैक्चर या मस्तिष्क को चोट भी लग सकती है. इसलिए घाव का आकार देखकर ही उसकी गंभीरता तय नहीं की जा सकती.’
डॉक्टर ने बताया कि चोट का आकलन करने के लिए डॉक्टर मरीज की चेतना, आंखों की पुतलियों, हाथ-पैरों की ताकत, बोलने की क्षमता और बैलेंस की जांच करते हैं. जरूरत पड़ने पर सीटी स्कैन भी किया जा सकता है, जिससे खोपड़ी में फ्रैक्चर या ब्रेन में इंटर्नल ब्लीडिंग का पता लगाने में मदद मिलती है. उन्होंने बताया कि अगर सिर पर चोट लगने के बाद तेज या लगातार बढ़ता सिरदर्द, बार-बार उल्टी, बेहोशी, असामान्य नींद, भ्रम, बोलने में परेशानी, दौरे या हाथ-पैरों में कमजोरी दिखाई दे, तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए. कुछ गंभीर लक्षण चोट लगने के कई घंटे बाद भी सामने आ सकते हैं.
एक और डॉक्टर ने कहा,
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?‘तस्वीर में सिर के घाव नजर आ रहे हैं. संभव है कि उन्हें दूसरी चोटें भी आई हों, क्योंकि उनके बाएं हाथ पर भी सपोर्ट ब्रेस लगा हुआ दिखाई दे रहा है. हालांकि, सिर्फ इस तस्वीर को देखकर चोटों की गंभीरता के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. सिर पर लगी इस तरह की चोट से काफी खून बह सकता है और कुछ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकती है.’
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट को क्रैश कराने की कोशिश की गई थी. कॉकपिट में दो पायलट मौजूद थे. उनमें से एक हमाम अल-हमामी ने ही स्मित मच्छार पर हमला किया था ताकि फ्लाइट को क्रैश करा सके. लेकिन मच्छार जानलेवा हमले के बाद भी हमामी से जूझते रहे. कॉकपिट के अंदर दो पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी.
उस हमामी लगातार फ्लाइट क्रैश की कोशिश कर रहा था. वहीं घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. जिसकी वजह से जरूरी मदद पहुंच सकी और फ्लाइट को क्रैश होने से बचाया जा सका. विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. इस घटना के दौरान विमान में 172 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे.
वीडियो: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में स्मित मच्छार पर हमला, इजरायली डेंटिस्ट ने कैसे बचाई जान?












