कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को जमकर फटकार लगाई है. अदालत ने कहा कि लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है और उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है, लेकिन उन्हें जान-बूझकर बदनाम या अपमानित नहीं किया जा सकता. तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं की गिरफ्तारी के बाद उनकी सार्वजनिक परेड कराए जाने पर कोर्ट ने यह टिप्पणी की.
TMC नेताओं को नेकर में घुमाने पर HC ने सरकार को फटकारा, कहा- इन्हें अपमानित न करो
Calcutta High Court ने गिरफ्तार TMC नेताओं की सार्वजनिक परेड कराने पर West Bengal की BJP सरकार को सख्त फटकार लगाई है. अदालत ने कहा कि लोगों को जान-बूझकर बदनाम या अपमानित नहीं किया जा सकता.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इन घटनाओं के पीछे के नियमों और हालात पर रिपोर्ट मांगी. पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक परेड का मकसद क्राइम सीन को फिर से बनाना है. ऑफ रिकॉर्ड अधिकारी यह भी कहते हैं कि वे कुछ आरोपियों के 'अजेय' होने की छवि को भी तोड़ना चाहते हैं.
‘कानून में कोई आधार नहीं’एक सीनियर IPS अफसर ने चेतावनी दी कि पुलिस बहुत नाजुक स्थिति में काम कर रही है. उन्होंने कहा,
"आतंकवाद जैसे गंभीर आरोपों या आरोपी के फरार होने के खतरे को छोड़कर, हथकड़ी तक नहीं लगाई जाती. जहां तक कमर में रस्सी बांधकर आरोपी को घुमाने की बात है, तो इसका कानून में कोई आधार नहीं है."
पुलिस पर केस करेगी TMCTMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ केस करने की योजना बना रही है. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा,
"यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन है और मानवाधिकारों का उल्लंघन है."
हाल ही में एक जनसभा में बीजेपी विधायक उमेश राय ने टीएमसी नेता अजय सिंह की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा,
“एक समय था जब वह सौ बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमते थे और लोगों को डराते-धमकाते थे. आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है. असली राम राज्य ऐसा ही होता है."
TMC के कई नेता गिरफ्तारपश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद कई टीएमसी नेताओं को गिरफ्तार किया गया है.
आकाश सिंह: 13 मई को हावड़ा के गोलाबाड़ी थाने की पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया और उसे बनियान और अंडरवियर में सिर मुंडवाकर इलाके में घुमाया. 'नॉर्थ हावड़ा के डॉन' के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर करीब 20 मामले दर्ज हैं. इनमें पुलिस पर गोलीबारी, 2021 के चुनावों के दौरान बमबारी, रंगदारी और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं.
अभिजीत रॉय: उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा में TMC के युवा नेता अभिजीत रॉय को 28 मई को गिरफ्तार किया गया. जब पुलिस उन्हें कमर में रस्सी बांधकर घुमा रही थी, तो भारी भीड़ ने यह नजारा देखा और नारे लगाए. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभिजीत के खिलाफ बिजपुर पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली का मामला दर्ज है और उन पर अवैध रूप से सामान जमा करने और उसे दोबारा बेचने का भी आरोप है.
जहांगीर खान: फाल्टा और डायमंड हार्बर में मशहूर जहांगीर खान अभिषेक बनर्जी के करीबी होने की वजह से जाने जाते हैं. 8 जून को स्पेशल टास्क फोर्स ने उन्हें भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जहांगीर के खिलाफ 10-12 मामले लंबित हैं. इसके अलावा उस पर हत्या की कोशिश करने का भी आरोप है. गिरफ्तारी के बाद से पुलिस ने जहांगीर को तीन बार फाल्टा में घुमाया है. इनमें से एक बार वह वीडियो में कान पकड़कर जनता से माफी मांगते हुए दिखाई दिए.
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गुड्डू अंसारी: नॉर्थ 24 परगना के कमरहाटी के एक ताकतवर लोकल नेता गुड्डू अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया था. बाद में उसे हथकड़ी पहनाकर कमरहाटी में घुमाया गया. अंसारी पर कई तरह के बिजनेस में सिंडिकेट चलाने और लोगों को डराने-धमकाने के लिए हथियार लहराने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि उन्हें इस तरह घुमाने से अपराधियों को कड़ी चेतावनी मिलेगी.
शमीम अहमद: बोरे और गब्बर के नाम से पहचाने जाने वाले शमीम अहमद को मुंबई से 21 मई को गिरफ्तार किया गया था. इस TMC नेता को पुलिस ने दक्षिण हावड़ा में एक भीड़-भाड़ वाले बाजार में कमर पर रस्सी बांधकर घुमाया. पुलिस का आरोप है कि 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान की अगुवाई में निकाली गई रैली पर हुए हमले में अहमद का हाथ था, जिसमें तीन लोग घायल हो गए थे.
शाहिन मोल्ला: शाहिन मोल्ला उर्फ सनी साउथ हावड़ा में काफी रसूख रखता था और एक ट्रैफिक होम गार्ड था. उसे 23 मई को संकराइल पुलिस ने करोड़ों रुपये की उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया. बाद में, सेंट्रल फोर्स और संकराइल पुलिस उसे सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके में पैदल ले गई और उसे सरेआम घुमाया. उसके कमर पर रस्सी बंधी हुई थी.
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