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दिल्ली में 5 मंजिला बिल्डिंग गिरने से 3 की मौत, मलबे में 40-50 लोगों के फंसे होने की आशंका

दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक चार मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें कई छात्र किराए पर रह रहे थे. हादसे के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF और अन्य एजेंसियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है.

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दिल्ली में बहुमंजिला इमारत गिरी. (फोटो- India Today)

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  • दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास एक चार मंजिला इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे ढह गई, जिसमें अब तक छह लोगों को मलबे से निकाला गया है और तीन लोगों की मौत हुई है।
  • इमारत में तहखाने में निर्माण कार्य चल रहा था और इसमें कई छात्र किराए के कमरे में रहते थे, जिससे मलबे में फंसे लोगों की संख्या से जुड़ा विवाद और जांच की स्थिति बनी हुई है।
  • मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, फायर सर्विसेज और अन्य एजेंसियों की टीमों ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है, साथ ही पास की अन्य इमारतें खाली कराई गई हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास एक चार मंजिला इमारत ढह गई. अब तक 6 लोगों को मलबे से निकाला गया है. तीन लोगों के मौत की खबर है. बताया जा रहा है कि इस इमारत में दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के कई छात्र किराए के कमरे में रहते हैं. रविवार, 6 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजकर 34 मिनट पर साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की PCR कॉल मिली थी. इसके बाद मौके पर स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, CAT एम्बुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवाएं भेजी गईं. NDRF की टीम भी पहुंच गई और रेस्क्यू का काम शुरू कर दिया. 

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इंडिया टुडे से जुड़े अनमोल बाली और आशुतोष कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे के बाद 4 मरीजो को JPNATC लाया गया है. इनमें से 2 की हालत गंभीर है. एक को अब डिस्चार्ज कर दिया गया है. रेस्क्यू के बाद एक व्यक्ति को मृत अवस्था में लाया गया था. डीयूएसयू के अध्यक्ष आर्यन मान ने अनुमान लगाया कि हादसे में 15 से 20 छात्र फंसे हुए हो सकते हैं. मौके पर मौजूद लोगों का दावा 40-50 छात्रों का है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं बताया है कि कितने लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं. खबर है कि मलबे में फंसे छात्रों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर अंदर भेजे गए हैं.

वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा समेत कई विधायक, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. 

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हादसे का शिकार हुई बिल्डिंग ‘हॉस्टल डेज’ पांच मंजिला लड़कों का पेइंग-गेस्ट आवास था. इस इमारत में लगभग 10 कमरे थे. ग्राउंड फ्लोर पर एक मेडिकल स्टोर चलता था. दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम के रहने वाले बिल्डिंग के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ केस दर्ज किया है. बताया गया कि दोपहर करीब 1.30 बजे जब इमारत गिरी थी, उस समय तहखाने में निर्माण कार्य चल रहा था. 

बीजेपी विधायक क्या बोले?

हादसे के बाद बीजेपी के आरके पुरम से विधायक अनिल कुमार शर्मा ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, 

यह बेहद दुखद घटना है. इससे ज्यादा दिल तोड़ने वाली बात और कुछ नहीं हो सकती. हमारे बच्चे अलग-अलग इलाकों से यहां पढ़ने आते हैं और PG में रह रहे थे. एक इमारत गिर गई है. डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम, MCD और पुलिस विभाग की टीमें मलबे से निकाले गए लोगों को अस्पताल लेकर गई हैं.

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घटना पर चिंता जताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए तमाम एजेंसियों की टीमें मौके पर भेजी गई हैं. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 

DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. एहतियात के तौर पर पास की इमारत को खाली करा लिया गया है. मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है.

छात्र संगठन एनएसयूआई और एबीवीपी के लोग भी रेस्क्यू टीम की मदद के लिए मौके पर पहुंचे हैं.

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NSUI ने सरकार को घेरा

हादसे के बीच छात्र संगठन एनएसयूआई ने बार-बार हो रहे ऐसे हादसों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. एक्स पर लिखी पोस्ट में एनएसयूआई ने कहा कि छात्रों की जान के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. संगठन ने केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि पीएम मोदी छात्रों की बात करने के लिए तो बड़े-बड़े मंचों पर जाते हैं, लेकिन जब छात्रों की सुरक्षा और ज़िंदगी का सवाल आता है, तो सरकार उन्हें भूल जाती है. केंद्र में BJP की सरकार, दिल्ली में BJP की सरकार, MCD में BJP का मेयर. जब सब कुछ आपका है, तो छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

संगठन ने सवाल किया कि कब तक लापरवाही की कीमत छात्र अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?

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