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'धार्मिक पदों पर बैठे लोग सियासी आकाओं की...', अकाल तख्त के फैसले पर भगवंत मान का बयान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाल तख्त के सुनाए गए फैसले पर असहमति जताई है. सीएम मान ने कहा कि वे अकाल तख्त साहिब का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन वहां बैठे कुछ राजनीतिक लोग उनके खिलाफ प्रोपेगैंडा कर रहे हैं. भगवंत मान ने फिर से वायरल वीडियो में खुद के होने से इनकार किया है.

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भगवंत मान ने अकाल तख्त के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है. (इंडिया टुडे)

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  • पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाल तख्त के 'खालसा पंथ विरोधी' और 'गुरु विरोधी' निर्णय को खारिज करते हुए इसे उनके विरोध में फैलाया गया झूठा प्रचार बताया है।
  • अकाल तख्त ने भगवंत मान को 15 जून को खालसा पंथ विरोधी और गुरु विरोधी घोषित किया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद और धार्मिक आस्थाओं के बीच तनाव पैदा हो गया।
  • भगवंत मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली दल को निशाना बनाते हुए कहा कि धार्मिक पदों का दुरुपयोग कर उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।

अकाल तख्त के ‘खालसा पंथ विरोधी’ और ‘गुरु विरोधी’ वाले फैसले के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का रिएक्शन आ गया है. उन्होंने वायरल वीडियो से जुड़े आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है. सीएम भगवंत मान ने इसे उनको बदनाम करने के लिए चलाया गया झूठा प्रोपेगैंडा बताया.

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अकाल तख्त के फैसले पर भगवंत मान का जवाब

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा,

जब मुझे अकाल तख्त साहिब में बुलाया गया था. तब भी मैंने साफ कहा था कि उस वीडियो में मैं नहीं हूं. वीडियो में दिखाई दे रहे शख्स का कद-काठी और शारीरिक बनावट मुझसे मेल नहीं खाती. मेरा शरीर उस तरह का नहीं है.

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सीएम भगवंत मान ने आगे कहा, 

मैं हैरान हूं. धर्म के इतने बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोग अपने सियासी आकाओं की शह पर इस तरह का झूठा प्रोपेगैंडा फैला रहे हैं. इस तरह का प्रचार मुझको बदनाम करने के लिए किया जा रहा है. क्योंकि मैं पंजाब में पानी की रक्षा के लिए, गुरु साहिब की बाणी की रक्षा के लिए, किसानों और पंजाब की जवानी की रक्षा के लिए फैसले ले रहा हूं. जो उनको बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है.

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर निशाना

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सीएम भगवंत मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा,

 SGPC के प्रधान तो खुलेआम अकाली दल के प्रचारक बने हुए हैं. बस अपने जत्थेदार साहिब से यह आदेश जारी करवाना बाकी है कि वोट सुखबीर बादल को ही डालें, नहीं तो पंथ खतरे में है. किसी भी समय ऐसा फैसला भी लिया जा सकता है.

अकाल तख्त को बताया सुप्रीम, अकाली दल पर निशाना

भगवंत मान ने अकाल तख्त के प्रति आस्था प्रकट करते हुए अकाली दल को निशाने पर लिया है. उनका दावा है कि अकाली दल ने धर्म पर कब्जा कर लिया है और वे अपनी मर्जी से जत्थेदारों की नियुक्ति करते हैं. उन्होंने कहा, 

मेरे मन में श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति बहुत सम्मान है. मैं हमेशा इसके सामने सिर झुकाता हूं और इसको सबसे ऊपर मानता हूं. लेकिन वहां राजनीतिक तौर पर नियुक्त लोग अपने आकाओं के इशारे पर मेरी इमेज खराब करना चाहते हैं. मैं संगत से विनती करता हूं कि इनकी ऐसी चालों में मत आना. बाकी आखिरी फैसला संगत करेगी.

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अकाल तख्त ने भगवंत मान के खिलाफ दिया फैसला

अकाल तख्त ने 15 जून को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘खालसा पंथ विरोधी’ और ‘गुरु विरोधी’ घोषित किया था. अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने अमृतसर स्थित गोल्डेन टेंपल के अकाल तख्त सचिवालय की फसील (प्राचीर) से ये फैसला सुनाया. इसके साथ ही अकाल तख्त ने पूरे खालसा पंथ और गुरु नामलेवा सिख संगत से भगवंत मान को ‘मुंह नहीं लगाने’ की बात कही है. यानी सिखों से मुख्यमंत्री मान के सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार की अपील की गई है.

वीडियो: मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब पीकर सदन में आने का आरोप किसने लगाया?

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