कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक 25 साल के संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया है. युवक सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है, और पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. उस पर आरोप है कि वो पाकिस्तान के बैन संगठन ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) के साथ मिलकर पाकिस्तान आर्मी पर हमला करने का प्लान बना रहा था. पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी का अफगानिस्तान जाने का भी प्लान था, लेकिन जा नहीं पाया.
पाकिस्तान सेना पर अटैक करने की फिराक में था युवक, पुलिस ने बेंगलुरु से दबोच लिया
Bengaluru Police ने West Bengal के रहने वाले एक युवक को अरेस्ट किया. उस पर आरोप है कि वो Tehreek-e-Taliban Pakistan (TTP) के साथ मिलकर Pakistan Army पर अटैक करने का प्लान बना रहा था.

आरोपी सिक्योरिटी गार्ड की पहचान असफुल मलिक बिन आबेद मलिक के तौर पर हुई है, जो बेंगलुरु के जिगनी इलाके में रहता है. असफुल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के 24 नॉर्थ परगना जिले के नौपार गांव का रहने वाला है. असफुल मलिक को 11 अगस्त को बोम्मासंद्रा इंडस्ट्रियल एरिया से गिरफ्तार किया गया.
इंडिया टुडे से जुड़े नागार्जुन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को असफुल मलिक के प्लान के बारे में सीक्रेट इंटेल मिली थी. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई. उसके खिलाफ बेंगलुरु के हेब्बागोडी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 113(3) (आतंकवादी काम करने या उसकी साजिश रचने आदि) के तहत FIR दर्ज की गई है.
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि आरोपी कथित तौर पर सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक के जरिए पाकिस्तान में मस्जिदों और लोगों पर पाकिस्तान सेना के कथित अत्याचारों के बारे में अपनी भावनाएं शेयर करता था. जांच में पता चला कि कथित तौर पर वो इस बात से नाराज था कि पाकिस्तानी सेना इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में इजरायल का ‘समर्थन’ कर रही है, जबकि मुस्लिम फिलिस्तीनियों की मदद नहीं कर रही है.
अफगानिस्तान जाने का प्लान थासिक्योरिटी गार्ड असफुल मलिक पर यह भी आरोप है कि उसने फेसबुक के जरिए पाकिस्तान द्वारा प्रतिबंधित संगठन TTP के एक मेंबर इमरान अहिंदर से कॉन्टेक्ट बनाया. इमरान अफगानिस्तान में रहता है. TTP भी पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर से ही पाकिस्तान के खिलाफ अपनी एक्टिविटी चलाता है.
PAK आर्मी पर हमले के लिए मदद मांगीपुलिस के मुताबिक, असफुल ने पाकिस्तान आर्मी पर हमला करने के लिए इमरान अहिंदर से मदद मांगी और अफगानिस्तान जाने का प्लान बनाया. प्लान के मुताबिक, उसे पासपोर्ट और वीजा के लिए अप्लाई करना था. लेकिन, असरफुल अफगानिस्तान नहीं जा सका.
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बेंगलुरु पुलिस की जांच में असलुफ के मोबाइल से कई संवेदनशील जानकारियां मिली हैं. इनमें पाकिस्तानी सेना पर हमले से जुड़े मैसेजेस और ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे सबूत मिले.
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