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सत्य निकेतन हादसा: मलबे में दबे स्टूडेंट का वीडियो कॉल वायरल, चेहरे पर खून...मदद की गुहार

Delhi PG Hostel: नेशनल स्टूडेंट ऑफ़ यूनियन (NSUI) ने अपने X हैंडल से एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में दिख रहा है कि एक छात्र मलबे के नीचे दबा हुआ है. उसके चेहरे पर खून लगा हुआ है और मुंह धूल से सना हुआ है.

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दिल्ली PG हॉस्टल बिल्डिंग गिरने के बाद मलबे के नीचे से छात्र ने किया इमरजेंसी वीडियो कॉल. (फाइल फोटो)

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  • दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को 'हॉस्टल डेज़' बिल्डिंग गिरने से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 40-50 स्टूडेंट्स मलबे के नीचे फंसे हुए हैं, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
  • यह 50 वर्ष पुरानी बिल्डिंग थी जहां ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिसके कारण बिल्डिंग गिरने की घटना हुई, पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की है।
  • मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं और रेस्क्यू टीम ने अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, प्राथमिकता बचाव कार्य और फंसे विद्यार्थियों को निकालने पर है।

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर की दोपहर को एक बिल्डिंग गिर गई. इस बिल्डिंग में ‘हॉस्टल डेज़’ नाम से पेइंग गेस्ट चलता था. अब तक मलबे में दबकर 6 लोगों की मौत हो चुकी है. आशंका है कि 40-50 स्टूडेंट्स अभी भी दबे हुए हैं. इस दर्दनाक हादसे के बीच एक SOS (इमर्जेंसी वीडियो कॉल) कॉल सामने आया है. वीडियो में दिख रहा है कि एक स्टूडेंट मलबे में दबा हुआ है और मदद की गुहार लगा रहा है. 

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नेशनल स्टूडेंट ऑफ़ यूनियन (NSUI) ने अपने X हैंडल से ये वीडियो शेयर किया. पोस्ट में NSUI ने रेस्क्यू टीम से तुरंत मलबे में दबे छात्र को बाहर निकालने को कहा. बताया कि छात्र अभी ज़िंदा है और तुरंत उस तक मदद पहुंचाई जाए.

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क्या दिखा वीडियो में?

छात्र ने एक इमरजेंसी SOS वीडियो कॉल किया. 11 सेकंड के वीडियो में दिख रहा है कि छात्र मलबे के नीचे दबा हुआ है. उसके चारों तरफ बस कंक्रीट और मलबा है. चेहरे पर खून लगा हुआ है और मुंह धूल से सना हुआ है. अब तक की जांच में पता चला है कि बिल्डिंग 50 साल पुरानी है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि जिस वक़्त बिल्डिंग गिरी उस समय ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था. 

रेस्क्यू टीम का ऑपरेशन अभी भी जारी है. आशंका है कि 40-50 लोग अभी भी मलबे के अंदर फंसे हुए हैं. रेस्क्यू टीम ने अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. इनमें से 10 लोगों का AIIMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है. घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंची थीं और उन्होंने जांच के आदेश दिए.  

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मलबे के नीचे से कई फोन कॉल

भाजपा विधायक अनिल शर्मा भी मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने बताया,

‘हमें मलबे के नीचे से कई बच्चों के फोन कॉल आ रहे हैं. रेस्क्यू टीम लगातार छात्रों से संपर्क करने की कोशिश में जुटे हैं. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सब सही हों.’ 

उन्होंने बताया कि बिल्डिंग बहुत पुरानी है और भाजपा से पहले आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली चला रही थी. लेकिन अभी फोकस होना चाहिए कि बच्चों को कैसे बाहर निकाला जाए.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक लोकल राजन छेत्री ने बताया कि बिल्डिंग में 15 कमरे में थे जहां हर कमरे में दो या तीन बच्चे रहते थे. उनके मुताबिक, यहां DU के साउथ कैंपस कॉले के स्टूडेंट्स रहते थे. बताया गया कि स्टूडेंट्स से 12,000 रुपये किराया लिया जात था. पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ FIR दर्ज की है.  

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