पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची से रेप-मर्डर केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी आनंद सरदार को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी दो आरोपियों, प्रबास मंडल और दिवाकर सरदार को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. दोनों को 6 जुलाई को बारुईपुर कोर्ट में पेश किया गया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी. इस मामले को लेकर कई लोग मोमबत्ती लिए सड़क पर उतरे. ममता बनर्जी ने भी कैंडल मार्च निकाला है.
बंगाल गैंगरेप मर्डर केस में मुख्य आरोपी अरेस्ट, ममता बनर्जी ने निकाला कैंडल मार्च
Baruipur rape murder case: पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी आनंद सरदार को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा दो और आरोपियों की कोर्ट में पेशी हो चुकी है. पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के हवाले से कन्फर्म किया कि बच्ची का रेप हुआ था.


अब तक जांच में क्या सामने आया? आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि लड़की के प्राइवेट पार्ट्स में चोट के निशान मिले हैं, जो सेक्सुअल असॉल्ट की पुष्टि करते हैं. इसके अलावा, पीड़ित के शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर खरोंच और दांत से काटने के निशान भी पाए गए हैं.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब बच्ची को तालाब में फेंका गया, तब वह जिंदा थी. जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके फेफड़ों और पेट में पानी भरा हुआ मिला. सिर पर चोट लगने से बहुत ज्यादा खून बहने के कारण बच्ची की मौत हुई.
CM शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित बच्ची के पिता से फोन पर बात की, और परिवार को 7 जुलाई को भवानी भवन यानी स्टेट पुलिस हेडक्वार्टर्स आने के लिए कहा. उन्होंने आश्वस्त किया कि आरोपियों को सख़्त से सख़्त सजा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि उन लोगों पर भी कार्रवाई होगी जिन्होंने पुलिस पर हमला किया.
वहीं TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बारुईपुर में नाबालिग लड़की के कथित रेप और हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकाला.
दक्षिण 24 परगना के सूर्ज्यापुर इलाके में रहने वाली 12 साल की बच्ची 4 जुलाई की शाम करीब साढ़े चार बजे अपने दोस्त के लिए बर्थडे गिफ्ट खरीदने घर से निकली थी. लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी. परिवार ने पहले अपने स्तर बच्ची को खोजना शुरू किया. परिवार का आरोप है कि वहीं के चार लोगों ने बच्ची का अपहरण किया था और शुरुआत में पुलिस की कार्रवाई धीमी रही.
शाम करीब 8 बजे इलाके के लोगों और परिवार को एक सीसीटीवी फुटेज मिला. फुटेज में दो लोग दिखाई दे रहे थे. इनमें से एक नीली टोपी पहने हुए बच्ची को अपने साथ ले जाता दिखा. इसी के आधार पर लोगों ने एक शख्स की पहचान की और अगले दिन यानी 5 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे उसके घर पहुंच गए. जब उस शख्स पर दबाव डाला तब उसने बताया कि बच्ची की लाश को कहां छिपाया गया है.
उसी दिन यानी 5 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे लोगों ने सूर्ज्यापुर हाट के पास, एक तालाब से बच्ची की लाश को निकाला. आरोप है कि उसी युवक ने बताया कि बच्ची को तीन से चार लोग अपने साथ ले गए थे. शव मिलने के बाद गुस्साए लोगों ने उस शख्स की पिटाई शुरू कर दी. पुलिस ने किसी तरह उसे भीड़ से निकाल लिया.
लेकिन कुछ ही देर बाद भीड़ ने 26 साल के एक दूसरे संदिग्ध इंद्रजीत तांती को पकड़ लिया और उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी. बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मरा हुआ बताया. पुलिस इस मॉब लिंचिंग की भी अलग से जांच कर रही है.
इसके बाद कई जगह गुस्साई भीड़ ने रोड जाम किया और तोड़फोड़ की. पुलिस ने पूरे इलाके में BNS की धारा 163 भी लागू कर दी. मतलब एक जगह पर 5 या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर रोक. अब तक इस मामले में तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं. पहली बच्ची की हत्या और कथित रेप के मामले में, दूसरी मॉब लिंचिंग को लेकर और तीसरी पुलिस पर हमले और सरकारी काम में रुकावट डालने के मामले में.
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फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच कई पहलुओं पर चल रही है. तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, तीन अन्य लोगों से पूछताछ हो रही है और सभी सबूतों को जोड़कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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