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शुभेंदु अधिकारी की धमकी के बाद बॉर्डर पर भारी भीड़, सैकड़ों बांग्लादेशी कह रहे- हमें जल्दी जाने दो

Bangladeshi at Border: कथित बांग्लादेशी घुसपैठिए BSF अधिकारियों को अपने बांग्लादेशी होने के सबूत दिखा रहे हैं. इनके हाथों में डॉक्यूमेंट हैं, और इच्छा है कि जल्द से जल्द बॉर्डर पार करके अपने देश लौट जाएं. BSF-BGB की वेरिफिकेशन के बाद इन्हें बांग्लादेश जाने की इजाजत मिलेगी.

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भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर उमड़ी बांग्लादेशियों की भीड़. (ITG)

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  • पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भारत में अवैध रूप से रह रहे कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत छोड़कर जाने की चेतावनी दी और डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट नीति लागू की।
  • सुवेंदु अधिकारी की चेतावनी के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर बड़ी संख्या में कथित घुसपैठिए इकट्ठा हो गए, जो बांग्लादेश लौटने के लिए दस्तावेज लेकर बॉर्डर पर पहुंचे हैं।
  • बंगाल सरकार ने कई जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाना शुरू कर दिया है, जहां अवैध घुसपैठियों को अस्थायी रूप से रखा जाएगा और फिर BSF के सहयोग से उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की चेतावनी के बाद भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सैकड़ों कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों की भारी भीड़ लग गई है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत छोड़कर जाना चाहिए. बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 'डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट' की नीति लागू कर दी है. अब बंगाल सरकार घुसपैठियों को पकड़कर सीधे डिपोर्ट करने के लिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को सौंप देगी.

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मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की कड़ी वार्निंग का असर बांग्लादेश बॉर्डर से लगते जिलों में देखा जा रहा है. नॉर्थ 24 परगना और मालदा जिलों से सामने आए वीडियो बताते हैं कि राज्य का घुसपैठ-रोधी अभियान अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित ना रहकर, प्रशासनिक कार्रवाई का रूप ले चुका है.

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर भारी भीड़

मंगलवार, 26 मई को सौ से ज्यादा कथित बांग्लादेशी पुरुष और महिलाएं बांग्लादेश भागने के लिए बॉर्डर पहुंच गए. इंडिया टुडे से जुड़े तापस सेनगुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ 24 परगना के बशीरहाट सबडिवीजन में हकीमपुर चेकपॉइंट पर बांग्लदेशी घुसपैठियों की भारी भीड़ BSF अधिकारियों को घेरते दिखी.

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ये लोग BSF अधिकारियों को अपने बांग्लादेशी होने के सबूत दिखा रहे हैं. इनके हाथों में दस्तावेज हैं, और इच्छा है कि जल्द-जल्द बॉर्डर पार करके अपने देश लौट जाएं. सबसे पहले BSF इन लोगों के डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करेगी. इसके बाद सीमा पर तैनात बांग्लादेशी फोर्स 'बॉर्डर गॉर्ड बांग्लदेश' (BGB) इन लोगों की पहचान की तस्दीक करेगी. दोनों देशों की जांच से गुजरने के बाद इन्हें बांग्लादेश जाने की इजाजत मिलेगी.

26 मई को सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि बांग्लादेश पहले ही कह चुका है कि वो बांग्लदेशी नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा,

"सोशल मीडिया-यूट्यूब पर मैंने देखा था, बांग्लदेशी प्रवक्ता ने कहा था कि जो बांग्देलाशी है, उसे हम वापस ले लेंगे."

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सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुसे बांग्लदेशी घुसपैठियों को अपने देश लौट जाना चाहिए. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि फॉरेनर्स एक्ट (Immigration and Foreigners Act, 2025) पहले से है, जिसके तहत अवैध घुसपैठियों को भारत से बाहर करने की व्यवस्था है.

सुवेंदु अधिकारी बोले- 'जल्दी-जल्दी भागो'

सुवेंदु अधिकारी ने कहा,

"हमने पुलिस को बता दिया है कि इन लोगों (अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों) को जेल में डालने की जरूरत नहीं है. भारत के पैसों से खाना खाएंगे, कपड़े पहनेंगे, दवाई लेंगे. दामाद हैं ये लोग? जल्दी-जल्दी भागो, नहीं तो, जो करना है, सरकार करेगी."

बंगाल में बन रहे होल्डिंग सेंटर

पश्चिम बंगाल सरकार ने कई जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाने शुरू कर दिए हैं, ताकि संदिग्ध अवैध घुसपैठियों को उनके देश भेजे जाने तक अस्थायी तौर पर रखा जा सके. यह पहल होम एंड हिल अफेयर्स डिपार्टमेंट की फॉरेनर्स ब्रांच के निर्देशों के अनुसार है.

भारत में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं के बारे में केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक इन्हें भारत से बाहर निकाला जाएगा. मालदा पहला जिला बन गया है जहां होल्डिंग सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है.

वीडियो: कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के घर क्यों पहुंची पुलिस?

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