‘एयर टर्बुलेंस’ की वजह से 20 यात्रियों को घायल करने वाली एयर इंडिया के फ्लाइट के एक पायलट दूसरे डोप टेस्ट में भी फेल हो गए. 4 अगस्त को ये फ्लाइट थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही थी. अचानक से हवा में ही इसकी ऊंचाई करीब 300 फीट कम हो गई, जिससे क्रू मेंबर्स समेत इसमें सवार 24 लोग घायल हो गए. घटना के बाद फ्लाइट के दोनों पायलटों का ड्रग टेस्ट कराया गया था, जिसमें पायलट इन-कमांड के डोप टेस्ट का रिजल्ट ‘नॉन-नेगेटिव’ आया.
टर्बुलेंस वाली एयर इंडिया फ्लाइट के पायलट का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव, गांजे की पुष्टि हुई
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस के दौरान 24 लोग घायल हुए थे. घटना के बाद पायलट का पहला डोप टेस्ट नॉन-नेगेटिव आया था, अब कन्फर्मेटरी टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि हुई है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट के सैंपल की दोबारा जांच कराई गई. पायलट का सैंपल एक मान्यता प्राप्त लैब में भेजा गया. दोबारा टेस्ट की रिपोर्ट 11 अगस्त, मंगलवार को आई, जिसमें मारिजुआना (गांजा या वीड) की पुष्टि हुई है.
हालांकि, मामले की जांच कर रहे ‘एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो’ (AAIB) का कहना है कि अभी ऐसी किसी भी रिपोर्ट के आधार पर कोई नतीजा नहीं निकाला जाना चाहिए. जांच में टेक्निकल, ऑपरेशनल, मेडिकल और ह्यूमन एंगल से जुड़े पहलुओं को एक साथ देखा जाएगा. फिर किसी नतीजे पर पहुंचेंगे. सरकार ने आश्वासन दिया है कि जांच और कन्फर्मेटरी टेस्ट के नतीजों के आधार पर आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी.
DGCA के नियमों के मुताबिक, अगर किसी पायलट का ‘साइकोएक्टिव सब्सटेंस’ यानी नशीले पदार्थों का शुरुआती टेस्ट ‘नॉन-नेगेटिव’ आता है, तो उसे तुरंत सुरक्षा से जुड़ी ड्यूटी से हटा दिया जाता है. जब तक दोबारा होने वाली जांच की रिपोर्ट नहीं आ जाती, वह सुरक्षा से जुड़ा कोई काम नहीं कर सकता. अगर पहली बार किए गए कन्फर्मेटरी टेस्ट में भी ड्रग्स की पुष्टि हो जाती है तो संबंधित व्यक्ति को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए डी-एडिक्शन प्रोग्राम में भेजा जाता है.
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4 अगस्त को हुई थी घटनाबता दें कि 4 अगस्त को एयरबस A320 फ्लाइट की ऊंचाई फुकेट से दिल्ली आने के दौरान अचानक करीब 300 फीट कम हो गई. इस जहाज में 137 लोग सवार थे, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे. इसके अलावा फ्लाइट में दो पायलट और 6 केबिन सदस्यों मिलाकर कुल 8 क्रू मेंबर्स थे. सरकार के अपडेटेड बयान के मुताबिक, घटना में 20 पैसेंजर और 4 क्रू मेंबर्स घायल हुए. हालांकि, बाद में फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुआ. घटना के बाद AAIB ने इसकी जांच शुरू कर दी. जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को फ्लाइट ड्यूटी से हटा दिया गया है.
बताया गया कि यह जांच तय नियमों और इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के प्रोटोकॉल के मुताबिक की जा रही है. मामले की जानकारी ICAO और संबंधित देशों को भी दे दी गई है.
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