राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ धाम से ऐसा ही एक मामला सामने आया है. बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है. पहले ये आरोप सोशल मीडिया तक सीमित थे. लेकिन सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ने और शिकायत मिलने के बाद BKTC ने जांच का आदेश दिया था. जांच समिति गठित किए जाने के तीन दिन बाद आरोपी और अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल पर कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है.
राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी, चेयरमैन ऑफिस का कर्मचारी सस्पेंड
Ram Mandir में चढ़ावे की चोरी को लेकर जांच चल रही है. इसी बीच Badrinath Dham में भी ऐसे ही आरोप लगे हैं. आरोप लगने के बाद अध्यक्ष के निजी सचिव Pramod Nautiyal पर कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है.


इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार अंकित शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक BKTC जांच समिति ने जो शुरुआती जांच की है, उसमें पहली नजर में आरोप सही पाए गए हैं. जांच प्रभावित न हो, इसलिए निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया गया है. नौटियाल को फिलहाल जोशीमठ में मौजूद BKTC ऑफिस से अटैच कर दिया गया है.
इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जांच के आदेश दिए है. सीएम धामी ने गढ़वाल के कमिश्नर की अध्यक्षता में जांच के आदेश दिए हैं. कमिश्नर की समिति अब मौजूदा समिति से पूरी जांच को अपने हाथ में ले लेगी. समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के कमिश्नर आनंद स्वरूप करेंगे. इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर (फाइनेंस) जगत सिंह चौहान शामिल हैं.
सरकारी ऑर्डर के मुताबिक ये समिति पूरे मामले की जांच करेगी और 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी. जरूरत पड़ने पर ये समिति किसी भी अधिकारी या एक्सपर्ट से जानकारी ले सकती है. साथ ही ये समिति दान और चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए भी सुझाव देगी.
सीसीटीवी के आधार पर हुई थी शिकायतये पूरा मामला पहली बार 3 जुलाई को सामने आया था. उस समय एक हिंदूवादी संगठन भैरव सेना ने इसकी शिकायत की थी. शिकायत के बाद BKTC के मौजूदा सीईओ सोहन सिंह ने बताया कि सीसीटीवी जांच में कुछ स्पष्ट नहीं दिख रहा है. लेकिन मामला सामने आ चुका उसी दिन BKTC अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. निजी सचिव होने के अलावा प्रमोद नौटियाल थाली भेंट गणना समिति का सदस्य और प्रोटोकॉल अधिकारी भी था. लेकिन 4 जुलाई को BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जांच कराए जाने की बात करते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया कि प्रमोद नौटियाल उनका सचिव नहीं है.
कांग्रेस और भाजपा; दोनों ने की जांच की मांगये मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ-साथ भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है. साथ ही उन्होंने इस घटना की निंदा भी की है. वहीं, 7 जुलाई को बद्रीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत सिंह भुटोला भी अपने समर्थकों के साथ मौन धरने पर बैठे. उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है.
(यह भी पढ़ें: राम मंदिर ही नहीं, बद्रीनाथ के चढ़ावे में भी सेंधमारी हो रही थी? समिति कराएगी जांच)
वीडियो: आसान भाषा में: क्या है बद्रीनाथ धाम की कहानी, कपाट किसकी कुंडली देखकर खोले जाते हैं?















