जंतर मंतर समेत देश भर में चल रहे छात्रों के प्रोटेस्ट के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों से जो चल रहा है, वे उससे परेशान है, इसलिए छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की है.
छात्रों के प्रोटेस्ट के आगे झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
जंतर मंतर समेत देश भर में चल रहे छात्रों के प्रोटेस्ट के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है.

एक्स पर पोस्ट करके धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 3 मई 2026 को NEET-UG की परीक्षा में अनियमितता पाई गई. भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया. फिर से परीक्षा कराई गई. साथ ही अगले साल से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया. इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए. इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया, इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई.
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उन्होंने कहा कि पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे.
प्रधान ने कहा कि वह लोकतंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखते हैं. युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं, क्योंकि वो केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं. उन्होंने कहा,
पिछले 10 दिनों की घटनाएं देखकर मेरा मन दुःखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकत है. देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है.
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं. देश की एकता बनी रहे. भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे. बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं. करियर बनाने पर फोकस करें. उन्होंने कहा,
इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.
प्रधान के इस्तीफे पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने खुशी जताते हुए कहा,
हमने कर दिया. लोकतंत्र की जीत हुई है.
बता दें कि नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन चल रहा है. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांगों में से एक थी. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इसे लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. शनिवार, 25 जुलाई को देश के अलग-अलग हिस्सों से उग्र प्रदर्शन की भी खबरें आने लगी थीं.
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