22 साल की एक महिला वकील को किडनी स्टोन की समस्या थी. 20 अगस्त को वो एक रूटीन CT स्कैन के लिए गईं. लेकिन आगे जो हुआ वो काफी डरावना है. CT स्कैन के दौरान महिला को सीरियस एलर्जी हो गई. शरीर में भयंकर रिएक्शन हुआ. शरीर एनाफिलेक्टिक शॉक में चला गया. एनाफिलेक्टिक शॉक क्या होता है, थोड़ी देर में बताते हैं.
CT Scan कराने से महिला की मौत..., ऐसा आपके साथ न हो, इसलिए इन बातों का ध्यान जरूर रखें
CT स्कैन खुद से एलर्जी की वजह नहीं बनता. मगर इसमें कॉन्ट्रास्ट डाई इस्तेमाल होती है. जिससे स्कैन और भी साफ होता है. इस कॉन्ट्रास्ट डाई से कुछ लोगों को एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है.
.webp?width=360)

महिला की हालत बिगड़ी, तो उन्हें तुरंत इमरजेंसी में एडमिट किया गया. इलाज हुआ. डॉक्टर्स ने बचाने की बहुत कोशिश की, पर 24 घंटे के अंदर उनकी मौत हो गई. ये दर्दनाक कहानी है लेटिसिया पॉल की, जो ब्राज़ील की रहने वाली थीं.
इंटरनेट पर इस ख़बर की काफ़ी चर्चा है. CT स्कैन एक बहुत ही आम मेडिकल टेस्ट है. बहुत लोग करवाते हैं. कई तरह की बीमारियों में ये किया जाता है. पर इस घटना के बाद लोगों के मन में सवाल भी है और डर भी. आखिर CT स्कैन से मौत कैसे हो सकती है?
आज डॉक्टर से जानिए कि CT स्कैन से एलर्जी का रिस्क क्यों और किसे है. एनाफिलेक्टिक शॉक क्या होता है. CT स्कैन के दौरान एनाफिलेक्टिक शॉक क्यों हो सकता है. और, ऐसा न हो, इसके लिए क्या करना चाहिए.
CT स्कैन से एलर्जी का रिस्क क्यों और किसे है?
ये हमें बताया डॉक्टर आकार कपूर ने.

CT स्कैन खुद से एलर्जी की वजह नहीं बनता. CT स्कैन में इस्तेमाल होने वाली कॉन्ट्रास्ट डाई एक स्पेशल इंजेक्शन है, जिससे स्कैन और भी साफ़ आता है. इससे कुछ लोगों को एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है. इसका रिस्क उन लोगों को ज़्यादा है, जिन्हें पहले से किसी दवा या कॉन्ट्रास्ट से एलर्जी है. अस्थमा एलर्जी या मल्टीप्ल ड्रग एलर्जी की हिस्ट्री है. किडनी के मरीज़ों में भी ऐसा हो सकता है. लेकिन हर इंसान में एलर्जिक रिएक्शन नहीं होता. हज़ार-दो हज़ार पेशेंट्स में 1-2 लोगों के साथ ऐसा हो सकता है.
एनाफिलेक्टिक शॉक क्या होता है?
एनाफिलेक्टिक शॉक एक सीरियस एलर्जिक रिएक्शन है. इसमें शरीर की इम्यूनिटी ओवररिएक्ट करती है. इसमें तुरंत लक्षण देखने को मिलते हैं. जैसे सांसें तेज़ चलना, बीपी अचानक गिरना, धड़कन तेज़ हो जाना. यहां तक कि पेशेंट बेहोश तक हो सकता है. ये एक मेडिकल इमरजेंसी है.

CT स्कैन के दौरान एनाफिलेक्टिक शॉक क्यों हो सकता है?
जब कॉन्ट्रास्ट इंजेक्शन दिया जाता है तो कुछ लोगों का शरीर उसे फॉरेन सब्सटेंस समझकर रिएक्ट करता है. फॉरेन सब्सटेंस यानी बाहरी चीज़ जो नुकसान पहुंचा सकती है. रिएक्शन की वजह से शरीर पर लाल चकत्ते पड़ सकते हैं, खुजली हो सकती है. यहां तक कि सीरियस एनाफिलेक्टिक शॉक तक हो सकता है. इसलिए रेडियोलॉजी सेंटर में हमेशा ट्रेन्ड डॉक्टर होते हैं और इमरजेंसी दवाइयां तैयार रखी जाती हैं.
बचाव
सबसे ज़रूरी है बचाव. पेशेंट की डिटेल्ड हिस्ट्री लेना ज़रूरी है. अगर पहले कभी कॉन्ट्रास्ट एलर्जी हुई है तो डॉक्टर को ज़रूर बताएं. हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में स्कैन से पहले एलर्जिक टेस्ट किया जा सकता है या प्री-मेडिकेशन, जैसे एंटी एलर्जी दवाइयां या स्टेरॉयड दिए जा सकते हैं. CT स्कैन सर्टिफाइड सेंटर पर ही करवाएं, जहां ट्रेन्ड स्टाफ हो. इसके लिए आप NABH सेंटर भी देख सकते हैं. अगर रिएक्शन होता है तो डॉक्टर को तुरंत इंजेक्शन और ऑक्सीजन सपोर्ट देना चाहिए. इसलिए एनेस्थेटिस्ट का होना बेहद ज़रूरी है.
CT स्कैन से घबराने की ज़रूरत नहीं है. बस ज़रूरी है उन टिप्स का ध्यान रखना, जो डॉक्टर साहब ने आपको बताए हैं. अगर आपको कुछ दवाओं से एलर्जी है, या किसी भी तरह की एलर्जी है तो टेस्ट से पहले अपने डॉक्टर को ज़रूर बताएं.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: सड़क पर भरे पानी में न चलें, वरना लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी हो जाएगी