The Lallantop

भारत में निपाह वायरस के केस मिले, 40 से 75% है मृत्यु दर, सबकुछ यहां जानें

WHO के मुताबिक, निपाह वायरस से इंफेक्ट होने वाले 40 से 75 पर्सेंट लोगों की मौत हो जाती है.

Advertisement
post-main-image
निपाह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के पांच मामले सामने आए हैं. अब प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 100 लोगों को क्वारंटाइन किया है. इस हफ्ते तीन नए मरीज मिले हैं, जिनमें एक डाक्टर, एक नर्स और एक स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल है. इससे पहले दो नर्सों में भी निपाह वायरस की पुष्टि हुई थी. ये दोनों नर्सें कोलकाता के एक निजी अस्पताल में काम कर रही थीं. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिन पांच लोगों में निपाह की पुष्टि हुई है, उनके परिवार वाले भी मेडिकल सर्विलांस में हैं. ये भी पता लगाया जा रहा है कि वायरस इन तक पहुंचा कैसे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

निपाह वायरस के मामलों पर केंद्र सरकार की भी नज़र बनी हुई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि निपाह वायरस के मामले बढ़ने से रोकने के लिए नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम बनाई गई है. इस टीम में कई संस्थाओं के एक्सपर्ट शामिल हैं.

Nipah virus disease
निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है यानी ये जानवरों से इंसानों में फैलता है

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले मिलने के बाद झारखंड सरकार भी सतर्क हो गई है. यहां सभी ज़िले के सिविल सर्जनों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया गया है.

Advertisement

इससे पहले साल 2023-24 में निपाह वायरस के कुछ मामले केरल में मिले थे. अगर सिर्फ पश्चिम बंगाल की बात करें तो सिलिगुड़ी में 2001 में निपाह आउटब्रेक हुआ था. तब 66 मरीज़ों में से 45 की मौत हो गई थी. वहीं 2007 में नदिया ज़िले में 5 लोगों को निपाह वायरस का इंफेक्शन हुआ था, और सभी की मौत हो गई थी.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन यानी WHO के मुताबिक, निपाह वायरस से इंफेक्ट होने वाले 40 से 75 पर्सेंट लोगों की मौत हो जाती है. इसलिए तुरंत इलाज कराना बहुत ज़रूरी है.

इस ख़तरनाक निपाह वायरस के बारे में हमने जाना मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के एसोसिएट कंसल्टेंट, डॉ. सौरदीप चौधरी से.

Advertisement
Dr. Souradeep Chowdhury | Best Internal Medicine Doctor in Noida, India |  Medanta
डॉ. सौरदीप चौधरी

डॉक्टर सौरदीप बताते हैं कि निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है. यानी ये जानवरों से इंसानों में फैलता है. निपाह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है. जब चमगादड़ फल खाते हैं तो उनके काटे हुए फल ज़मीन पर गिर सकते हैं. अगर ये फल कोई जानवर जैसे सुअर या कोई इंसान खा ले तो उसे निपाह वायरस का इंफेक्शन हो सकता है. संक्रमित व्यक्ति के बहुत पास रहने, उसकी लार, थूक, पेशाब या खून के संपर्क में आने से भी ये वायरल इंफेक्शन हो सकता है.

इसके लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 4 से 14 दिनों बाद दिखाई देते हैं. शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं- तेज़ बुखार, सिरदर्द, उबकाई, उल्टी, गले में दर्द और थकान. वहीं कुछ गंभीर लक्षणों में शामिल हैं- चक्कर आना. सांस लेने में दिक्कत होना. भ्रम होना. दौरे पड़ना. बेहोशी या कोमा में जाना. दिमाग में सूजन आ जाना. कई मामलों में हालत 48 घंटों के अंदर बिगड़ जाती है.

अगर किसी व्यक्ति में इंफेक्शन का शक होता है तो उसका RT-PCR टेस्ट किया जाता है. इससे पता चल जाता है कि निपाह वायरस से इंफेक्शन हुआ है या नहीं. अगर होता है, तो तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाता है. निपाह वायरस का कोई स्पेसिफिक इलाज नहीं है. इसलिए, लक्षणों के हिसाब से ही इलाज होता है. बुखार, दर्द और दौरे रोकने के लिए दवाएं दी जाती हैं. मरीज़ को भरपूर आराम करने को कहा जाता है. शरीर में पानी की कमी न हो, इसका खास ख़्याल रखा जाता है. अगर सांस लेने में तकलीफ होती है. तो ऑक्सीज़न दी जाती है. या वेंटिलेटर पर रखा जा सकता है.

CEPI-funded project to enhance scientific understanding of deadly Nipah  virus strains
निपाह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है

जहां तक बात बचाव की है तो जो लोग ऐसे एरिया में रहते हैं, जहां पहले ये बीमारी पाई जा चुकी है, वो साफ़-सफ़ाई का ख़ास ख्याल रखें. खाने से पहले अपने हाथ ज़रूर धोएं. चमगादड़ और सुअर के संपर्क में आने से बचें. गिरे हुए या आधे कटे फल न खाएं. निपाह के ग्रसित मरीज़ों से दूरी बनाएं और मास्क लगाएं. इस तरह आप खुद को निपाह वायरस से बचा सकते हैं.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

वीडियो: सेहत: कुर्सी पर लगातार इतने घंटे बैठने से हार्ट अटैक का रिस्क!

Advertisement