अहमदाबाद के मेट्रो कोर्ट परिसर में जिला रजिस्ट्रार और स्पेशल मैरेज रजिस्ट्रेशन ऑफिस में एक अंतरधार्मिक शादी को लेकर हंगामा हो गया. गांधीनगर की रहने वाली हिंदू युवती अहमदाबाद में रहने वाले मुस्लिम लड़के से शादी के लिए पहुंची थी. लेकिन उसके परिजनों और एक हिंदू संगठन के नेता और कार्यकर्ताओं ने पहुंच कर वहां जमकर बवाल किया.
मुस्लिम युवक से शादी के लिए हिंदू युवती वकील की ड्रेस में पहुंची, असली वकीलों ने पहचान लिया, फिर...
गांधीनगर जिले की रहने वाली हिंदू युवती और अहमदाबाद में रहने वाला मुस्लिम युवक 3 मार्च को शादी के लिए रजिस्ट्रार और स्पेशल मैरेज रजिस्ट्रेशन ऑफिस पहुंचे. हंगामे से बचने के लिए युवती वकील की ड्रेस में वहां पहुंची थी. लेकिन वकील के ड्रेस में आने की बात सुनकर वहां मौजूद वकीलों ने हंगामा कर दिया. जिसके बाद परिवार और हिंदू संगठन से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए


गांधीनगर जिले की रहने वाली हिंदू युवती और अहमदाबाद में रहने वाला मुस्लिम युवक 3 मार्च को शादी के लिए रजिस्ट्रार और स्पेशल मैरेज रजिस्ट्रेशन ऑफिस पहुंचे. रजिस्ट्रार एमएम सैयद का ऑफिस सुबह 11 बजे खुलना था. लेकिन दोनों सुबह 9.30 में ही वहां पहुंच गए. मगर युवती के परिजन भी परिसर में वहां मौजूद थे. बताया गया कि हंगामे से बचने के लिए युवती वकील की ड्रेस में वहां पहुंची थी. इसके चलते उसके परिवारवालों को पता नहीं चला.
लेकिन वकील के ड्रेस में आने की बात सुनकर वहां मौजूद वकीलों ने हंगामा कर दिया. जिसके बाद परिवार और हिंदू संगठन से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए और वहां हंगामा करना शुरू कर दिया. हालात के मद्देनजर घटनास्थल पर भारी पुलिसबल की तैनाती की गई. पुलिस ने घंटों की मेहनत के बाद युवक और युवती को वहां से बाहर निकाला. इस दौरान हिंदू संगठन के कुछ युवकों से पुलिस का टकराव भी हुआ. जिसके चलते कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया.
बाद में युवती के चाचा अशोक पटेल ने बताया,
“45 दिन से हम इसी दफ्तर में घूम रहे है. हमें लगा था बेटी को शादी के लिए बुर्का पहनकर लाया जाएगा. लेकिन वो वकील के कपड़ो में यहां पहुंची. बेटी जैसे ही पहुंची उसके बाद लड़के के साथ उसे रजिस्ट्रार ने अपने दफ्तर में अंदर बुलाकर दफ़्तर अंदर से बंद कर दिया. हमारी एक ही मांग है कि, हमारी बेटी हमें सौंपी जाए.”
अहमदाबाद रजिस्ट्रार ऑफिस में हंगामे की खबर सुनकर बीजेपी के स्थानीय विधायक कौशिक जैन भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया,
“यह शादी रजिस्टर्ड नहीं हुई है. रजिस्ट्रेशन के लिए जो वकील आए थे उन्हें कुछ गलतफहमी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने वकालतनामा वापस ले लिया है. हिंदू संगठन और परिवार वाले रजिस्ट्रार एमएम सैयद पर मुस्लिम युवक की तरफ़दारी का आरोप लगा रहे हैं. मुझे इस बारे में शिकायत मिलेगी तो रजिस्ट्रार के खिलाफ सरकार से कार्रवाई की माग करूंगा.”
उन्होंने आगे बताया कि रजिस्ट्रार को ऐसी शादी का रजिस्ट्रेशन करके उसकी जानकारी एक महीने तक बोर्ड पर रखनी होती है. इसके बाद ही शादी रजिस्टर्ड मानी जाती है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो इसकी शिकायत सरकार से करेंगे.
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