HMPV यानी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस. चीन में इसके फैलने की खबरों ने सोशल मीडिया पर कोहराम मचा दिया. फिर इसके कुछ मामले भारत में सामने आए.
HMPV अचानक से क्यों फैलने लगा? डॉक्टर ने राज़ खोल दिए
HMPV सांस से जुड़ा एक वायरस है. ये सर्दियों में सबसे ज़्यादा सक्रिय होता है.


लोगों में डर है कि HMPV कहीं महामारी तो नहीं बन जाएगा? क्या ये कोरोना वायरस जितना घातक है? इन दोनों सवालों का जवाब है नहीं. डॉक्टर्स के मुताबिक, घबराने की ज़रूरत नहीं है. न ही ये कोरोना वायरस जितना घातक है. न ही ये उसकी तरह फैलता है. और न ही ये महामारी का रूप लेगा. HMPV कोई नया वायरस नहीं है. इसके मामले हर साल सर्दियों में बढ़ जाते हैं. आपको बस सावधानी बरतनी है.
World Health Organization यानी WHO ने भी HMPV पर जानकारी दी है. बताया कि नॉर्दर्न हेमिस्फेयर के कई देशों में इस वक्त यानी सर्दियों में, सांस से जुड़े इंफेक्शन बढ़ जाते हैं. सर्दियों के मौसम में कई तरह के वायरस-बैक्टीरिया फैलते हैं. जैसे इंफ्लुएंज़ा वायरस, RSV, माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया और HMPV.

कुछ देशों में ठंड आते ही फ्लू और रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन बढ़ गए हैं. इसका एक सीज़नल पैटर्न है. यानी हर बार सर्दियों में ऐसा होता ही है. बस इस बार इन मामलों की संख्या सामान्य से थोड़ी ज़्यादा हो गई है.
लेकिन ऐसा हुआ क्यों? क्यों चीन में इस बार HMPV के मामलों में उछाल आया? क्यों पिछले कुछ सालों में ऐसी ख़बरें नहीं आई थीं, ये हमें बताया डॉक्टर विकास ने.

HMPV सांस से जुड़ा एक वायरस है. ये सर्दियों में सबसे ज़्यादा सक्रिय होता है. चीन समेत कई देशों में सर्दियों से लेकर बसंत तक इसके मामले रहते ही हैं. किसी साल इसके मामले थोड़े ज़्यादा होते हैं, किसी साल कम. इसलिए, चिंता करने की ज़रूरत नहीं है.
जहां तक बात सिर्फ चीन की है. तो दिसंबर में वहां सांस से जुड़े अलग-अलग इन्फेक्शंस के मामले बढ़े थे. ये मामले सिर्फ HMPV के नहीं थे. बल्कि इनमें इंफ्लुएंज़ा, राइनोवायरस और RSV जैसे दूसरे वायरस भी शामिल थे. इन वायरस का एक सीज़नल पैटर्न है. यानी सर्दियों में इनके मामले बढ़ते हैं. जैसे ही सर्दियां खत्म होंगी. ये मामले कम होने लगेंगे.
वैसे WHO भी चीन के हेल्थ ऑफिशियल्स के साथ संपर्क में है. अब तक वायरस के गंभीर रूप से बढ़ने की रिपोर्ट नहीं मिली है. हालांकि, कोविड के बाद जब भी ऐसी कोई खबर आती है. लोग डर जाते हैं. ये स्वाभाविक भी है. कोरोना ने जो दुनिया का हाल किया. उसे भूलना बहुत मुश्किल है. मगर क्या HMPV, कोविड जैसा भयानक हो सकता है? क्या इससे दुनिया में महामारी आ सकती है? ये हमें बताया डॉक्टर रवि ने.

HMPV महामारी नहीं ला सकता. ये कोरोना जितना खतरनाक नहीं है. न ही उसकी तरह फैलता है. भारत में अभी तक जितने मामले आए हैं. उनमें से कुछ मरीज़ तो ठीक भी हो चुके हैं. वहीं कुछ ठीक होने के प्रोसेस में हैं.
दरअसल, HMPV के ज़्यादातर मामलों में लक्षण बहुत हल्के हैं. ये नॉर्मल सर्दी-जुकाम की तरह महसूस होते हैं और कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं. हालांकि पांच साल से कम उम्र के बच्चों में, बुज़ुर्गों में, कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोगों में और जिन्हें लंबे वक्त तक चलने वाली बीमारियां हैं. उनमें ये लक्षण गंभीर रूप ले सकते हैं. ऐसे लोगों को ब्रोंकियोलाइटिस या निमोनिया हो सकता है. लेकिन, इसे ठीक भी किया जा सकता है. HMPV, कोरोना जितना घातक नहीं है. इसके फैलने की दर भी कम है.
देखिए, अब तक हिंदुस्तान में HMPV से किसी की मौत की खबर नहीं आई है. ज़्यादातर लोग ठीक हो रहे हैं. चीन में इसके कितने मामले हैं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.
हालांकि India Today की Open-Source Intelligence Team ने चीन के एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘वीबो’ पर कुछ कीवर्ड्स डालकर सर्च किए.
ये कीवर्ड्स HMPV से जुड़े हुए थे. वहां उन्हें कुछ पोस्ट मिलीं. जिसका सार ये निकला कि चीन में HMPV उतना भी नहीं फैला है, जितना भारत में बताया जा रहा है. वहां न लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध है. न ही बड़े पैमाने पर किसी असर की सूचना है.
इसलिए, डरने की ज़रूरत नहीं है. समझे!
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. ‘दी लल्लनटॉप ’आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: HMPV नया वायरस नहीं तो अब क्यों फैल रहा है?











