The Lallantop

क्या न्यूयॉर्क में मुस्लिम शरणार्थियों ने सड़कों पर पत्थरबाजी की? भ्रामक दावा वायरल

दावा है कि अमेरिका के न्यूयॉर्क में मुस्लिम शरणार्थियों द्वारा पत्थरबाजी की जा रही है.

Advertisement
post-main-image
न्यूयॉर्क का एक वीडियो सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल. (तस्वीर:ट्विटर@Harsh2147, तस्वीर:Wikipedia)

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें पुलिस की वर्दी पहने लोग एक बड़े प्लास्टिक बोर्ड के पीछे अपनी जान बचाते नज़र आ रहे हैं. इस दौरान उनपर बोतल और अन्य सामान फेंके जा रहे हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
क्या है दावा?

वायरल वीडियो शेयर करके दावा किया गया है किअमेरिका के न्यूयॉर्क में मुस्लिम शरणार्थियों द्वारा पत्थरबाजी की जा रही है.

एक ट्विटर (X) यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “अमेरिका में अभूतपूर्व नजारा.अब न्यूयॉर्क में भी शरणार्थी अफ्रीकी मुस्लिमों द्वारा पत्थरबाजी.”

Advertisement

(पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.)

कई अन्य यूजर्स ने भी वायरल वीडियो को शेयर किया है.

Advertisement

पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. न्यूयॉर्क में एक इवेंट के दौरान मची भगदड़ को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है.

कीफ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर हमें 5 अगस्त को किया गया एक ट्वीट मिला. इसमें वायरल वीडियो को देखा जा सकता है. ट्वीट के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक,Kai Cenat (काई सीनेट) नाम के एक ट्वीच स्ट्रीमर ने एक इंवेंट के दौरान मुफ्त में प्लेस्टेशन बांटें जिस कारण भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई.

इसकी सहायता से हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड सर्च किए. हमें ‘nbcnewyork’ की वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट मिली. इसमें बताया गया है कि न्यूयॉर्क के यूनियन स्क्वायर पार्क में 4 अगस्त को एक सेलिब्रिटी ट्विच स्ट्रीमर काई सीनेट ने फ्री में पांच प्लेस्टेशन डिवाइस देने का वादा किया था. इसे ऑफर का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए जिस कारण वहां स्थिति बेकाबू हो गई.

वायरल वीडियो का क्लियर वर्जन हमें एक इंस्टाग्राम पेज पर भी मिला. यहां भी यही बताया गया है कि ट्वीच स्ट्रीमर ने लोगों को प्लेस्टेशन और गिफ्ट देने का वादा किया था.

कुछ कीवर्ड सर्च करने पर हमें ‘Dailymail’ की एक रिपोर्ट मिली. इसमें बताया गया है कि इन्फ्लूएंसर काई सीनेट के खिलाफ न्यूयॉर्क शहर में दंगे भड़काने का आरोप लगा है. इस मामले में 65 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 21 साल के सीनेट को हिरासत में ले जाने के बाद छोड़ दिया गया है और उन्हें 18 अगस्त को अदालत के सामने फिर से पेश होना है.

नतीजा

कुलमिलाकर, हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. वायरल वीडियो अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुए एक इवेंट का है जहां एक इंफ्लूएंसर ने लोगों को मुफ्त में प्लेस्टेशन देने का वादा किया था. इस कारण वहां भगदड़ मच गई थी.


पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.

Advertisement