फेसबुक यूज़र Md Shahid Mallick ने वायरल वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है-
"लाइव देखिए कैमरे के सामने किसान ने सिंधु बॉर्डर पर दम तोड़ा
बाकी जिनको पिज़्ज़ा बिरयानी, जीन्स, बीएमडब्लू से लैस किसान आतंकवादी लगते है वो भी देख ले"
(आर्काइव लिंक
)
ट्विटर यूज़र नवनीत कौर
ने भी यही दावा ट्वीट किया है.
)
इसी तरह के बाकी दावे आप यहां
और यहां
भी देख सकते हैं. (आर्काइव लिंक
) (आर्काइव लिंक
) पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल वीडियो की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा ग़लत निकला. वायरल वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग अभी जीवित और स्वस्थ हैं.
दी लल्लनटॉप की टीम ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए सिंघु बॉर्डर जा चुकी है. हमारे रिपोर्टर रजत ने मेन स्टेज के पास लगे "मुस्लिम फेडरेशन ऑफ पंजाब" के लंगर संचालक मुबीन फ़ारूक़ी से संपर्क किया. ये वीडियो उन्हीं के लंगर के बाहर का है. ज़मीन पर गिरने के बाद उन्हें मुबीन और उनके साथी ही अपने लंगर में लाए थे.
मुबीन फ़ारूक़ी
ने इस बारे में फेसबुक पर भी जानकारी दी है. उन्होंने 5 मिनट 43 सेकेंड का एक वीडियो और कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं. वीडियो में मुबीन बताते हैं, "जिस बुजुर्ग के निधन की ख़बर सोशल मीडिया पर वायरल है, वो ज़िंदा हैं."
पोस्ट किए गए वीडियो में मुबीन वायरल वीडियो और वो जगह भी दिखा रहे हैं जहां बुजुर्ग गिर पड़े थे और जहां उनके इलाज़ के लिए डॉक्टर्स को बुलाया गया था. उनके मुताबिक़, बुजुर्ग चक्कर आने के कारण गिर गए थे और डॉक्टर्स के इलाज़ करने के बाद वो बिल्कुल स्वस्थ हैं. उन्होंने बुजुर्ग की इलाज़ के बाद की कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं.
ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਨੂੰ ਸ਼ੇਅਰ ਜ਼ਰੂਰ ਕਰੋ ਤਾਂ ਜੋ ਸਿੰਗੁ ਬਾਡਰ ਤੇ ਬਜ਼ੁਰਗ ਕਿਸਾਨ ਦੀ ਮੌਤ ਬਾਰੇ ਫੈਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਵੀਡੀਓ ਦਾ ਅਸਲ ਸੱਚ ਸਭ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗ ਸਕੇ
Posted by Mubeen Farooqi
on Sunday, 3 January 2021
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मुबीन मुस्लिम फेडरेशन ऑफ पंजाब से जुड़े हुए हैं और पेशे से वकील हैं. उन्होंने बताया-
"मुस्लिम फेडरेशन ऑफ पंजाब सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की लंगर सेवा में लगी हुई है. हमारे स्टॉल के सामने 3 जनवरी 2020 को एक बुजुर्ग गिर पड़े. हमारे साथियों ने तुरंत बुजुर्ग को उठाकर हमारे स्टॉल के अंदर लाया और डॉक्टर को बुलाया. डॉक्टर ने उनका बल्ड प्रेशर चेक किया, जो कम था. 10 मिनट में बुजुर्ग खुद से होश में आ गए. वो काफ़ी देर तक हमारे साथ बैठे रहे और बाद में अपने रिश्तेदारों के साथ चले गए. उन्होंने अपना नाम इक़बाल सिंह बताया. वो बिल्कुल स्वस्थ होकर यहां से गए."मुबीन फ़ारूक़ी ने हमें घटना की जानकारी देते हुए एक वीडियो भी भेजा.
हमने इक़बाल सिंह के इलाज के लिए पहुंचे डॉक्टर लवप्रीत सिंह पाबला से भी बात की. उन्होंने हमें बताया-
"मैं होशियारपुर के वेव्स हॉस्पिटल में डॉक्टर हूं. हमारी टीम हर वीकेंड प्रदर्शन कर रहे किसानों को स्वास्थ्य सेवा देने जाती है. इसी सिलसिले में हम 3 जनवरी 2020 को सिंघु बॉर्डर पर थे. आप वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि जहां वो गिरे वहां हमारी एम्बुलेंस और उसके पीछे इनोवा कार खड़ी थी. हमारी टीम वहीं थी. जैसे ही हमें किसी के गिरने की जानकारी मिली. हम वहां गए. हमने इक़बाल सिंह जी का बल्ड प्रेशर और शुगर चेक किया. उनका बल्ड प्रेशर कम था. हमने उन्हें कोई दवा नहीं दी. वो खुद ही 10 मिनट में होश में आ गए. वो लखनऊ में रहते हैं और यहां अपने रिश्तेदारों के साथ आये थे. उनके रिश्तेदार अमृतसर में रहते हैं. हमने उनके रिश्तेदारों को कॉल कर इस बात की जानकारी दी. जो उस वक्त सिंघु बॉर्डर पर ही कहीं और मौजूद थे."

वायरल वीडियो पीछे खड़ी एम्बुलेंस और इनोवा कार.
डॉक्टर पाबला की मदद से हमने बुजुर्ग इक़बाल सिंह के रिश्तेदार अमनबीर सियाली से बात की. उन्होंने हमें बताया-
"इकबाल सिंह मेरे मामा हैं. वो ठीक हैं. उनको हार्ट अटैक आया था. वो अभी अमृतसर के रंधावा अस्पताल में भर्ती हैं. उनकी हालत स्थिर है."अमनबीर सिंह ने हमें बताया कि 74 साल के इक़बाल सिंह UP सरकार के PWD विभाग में SDO के पद से रिटायर हुए थे. उन्हें सरकार की ओर से कोई पेंशन नहीं मिल रहा है. मामला सालों से कोर्ट में लंबित है. इस कारण से वो काफ़ी परेशान रहते हैं. अमनबीर ने कहा कि वो हमारे साथ सिंघु बॉर्डर किसानों के प्रदर्शन में हिस्सा लेने गए थे क्योंकि हम लोग भी किसान ही हैं. नतीजा हमारी पड़ताल में सोशल मीडिया बुजुर्ग किसान के मौत का दावा करने वाला वीडियो ग़लत निकला. बुजुर्ग किसान कम बल्ड प्रेशर और हार्ट अटैक के कारण गिर गए थे. कुछ देर बाद उन्हें ही उन्हें होश आ गया था. अभी उनका इलाज़ अमृतसर के रंधावा हॉस्पिटल में चल रहा है. उनके मौत की ख़बर ग़लत है.






















