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FACT CHECK: लोकसभा चुनावों में वोट देने नहीं गए तो बैंक अकाउंट से कटेंगे 350 रुपए?

सबसे पहले नवभारत टाइम्स ने छापा था, फिर लोग ताबड़तोड़ शेयर करने लगे.

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फोटो - thelallantop
21 मार्च की सुबह से एक स्टोरी लगातार वायरल हो रही है. स्टोरी यह है कि लोकसभा चुनावों में वोट देने नहीं गए तो बैंक अकाउंट से कटेंगे ₹350. इस स्टोरी को लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया. कुछ उदाहरण आप देख सकते हैं.
फेसबुक पर आई एम विथ रवीश कुमार एनडीटीवी नाम के एक पब्लिक ग्रुप में श्वेता नाम की लड़की ने यह स्टोरी
पोस्ट की. यह स्टोरी अब तक कई बार शेयर की जा चुकी है. HCS/SDM/Naib Tehsildar नाम के पेज से भी यह पोस्ट
शेयर की गई है. कुछ लोग चुनाव आयोग के इस कदम को सही भी  हैं. सही बताने वाली सुरेंदर पाठक की पोस्ट
देखिए. कई लोगों ने इस स्टोरी को सच मानते हुए अपने पेज पर पोस्ट किया.
Fake News



इसके साथ ही एक और स्टोरी 'पाक ने हाफिज सईद को भारत के हवाले किया, अब दाऊद की बारी' भी वायरल हो रही है.
FakeNewss

वैसे तो सोशल मीडिया पे आए दिन कई खबरें वायरल होती हैं. इनमें से कुछ सच होती हैं, कुछ झूठ लेकिन हमने सिर्फ ये दोनों वायरल स्टोरीज़ ही एक साथ ली हैं क्यूंकि इनमें एक चीज़ कॉमन है.  दरअसल ये दोनों ही सबसे पहले नवभारत टाइम्स में छपी थीं.
नवभारत टाइम्स के ऑफिशियल पेज पर हाफ़िज़ सईद की स्टोरी
देखिए -
Fakkke

इंडिया वायरल्स जैसी वेबसाईट ने इस स्टोरी को सच मानकर अपनी वेबसाइट पर लगा ली. यहां देखिए
.
इन स्टोरी की सच्चाई जानने के लिए कई पाठक ने हमें मेल और ट्वीट किए हैं. आइए जानते हैं क्या है इन स्टोरी की सच्चाई.
नवभारत टाइम्स ने 21 मार्च को अपने पहले पेज पर यह खबर छापी था लेकिन यह स्टोरी व्यंग्य थी. 21 मार्च को होली थी. इसलिए अखबार ने अपने पहले पेज पर सिर्फ व्यंग्य छापे थे. हरेक स्टोरी के खत्म होने के नीचे (बुरा न मानो होली है) भी लिखा गया था. लेकिन पेज की शुरूआत या फिर स्टोरी की शुरूआत में कहीं ऐसा नहीं बताया गया था.
लोकसभा चुनावों में वोट देने नहीं गए तो बैंक अकाउंट से कटेंगे ₹350 स्टोरी को लोगों से ऐसे शेयर किया मानो जैसे सच हो.
सोशल मीडिया पर ऐसे दिखी यह पोस्ट
सोशल मीडिया पर ऐसे दिखी यह पोस्ट

इस पोस्ट को शेयर करने वाले ने शातिराना हरकत की है. आप देख सकते हैं कि स्टोरी की आख़िरी लाइन को खा गया है. जब आप पूरी स्टोरी देखते हैं तो आपको पता चलता है आख़िरी में लिखा गया है कि- (बुरा न मानो होली है)
ऑरिजिनल पोस्ट देखिए.
Original Post



नीचे दिख रहे इस पोस्ट
में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन ने कहीं भी यह नहीं बताया है कि यह व्यंग्य है या फिर न्यूज स्टोरी. लोगों के बीच इसको लेकर कंफ्यूजन हुआ.
Fakkke

लोगों ने स्टोरी की स्क्रीनशॉट शेयर करनी शुरू की जिसमें ऐसा कुछ नहीं पता चल रहा था कि यह व्यंग्य है या फिर वाकई खबर.
Hafiz



21 फरवरी को नवभारत टाइम्स ने पहले पन्ने पर 14 स्टोरी छापी थी. यह सारी स्टोरी व्यंग्य हैं. स्टोरी नहीं. पेज के आख़िरी में भी यह बताया गया है कि इस पेज की सभी ख़बरें और विज्ञापन काल्पनिक हैं. आप इन सारे व्यंग्य को यहां
 देख सकते हैं.


अगर आपके पास भी ऐसा कोई पोस्ट हो, फोटो हो, वीडियो हो जिसके दावों पर आपको शक हो, तो उसकी पड़ताल के लिए भेजे padtaalmail@gmail.com
 पर. हम उसकी सत्यता की जांच करेंगे.



वीडियो- पड़ताल: भारतीय सेना बर्फ में फंसे कांग्रेसी नेताओं से सबूत मांगे?

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