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पड़ताल: योगी आदित्यनाथ कार में भजन सुनते नज़र आ रहे हैं? जानिए सच

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार में भजन सुनने का दावा वायरल हो रहा है.

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Yogi Adityanath - Fact check
दावा उत्तर प्रदेश में इन दिनों विधानसभा चुनाव का प्रचार जोरों पर है. कोविड के कारण चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रैली, जनसभा और रोड शो आदि पर रोक लगा दी है. ऐसे में यूपी में हर पार्टी डिजिटल माध्यम के जरिए कार्यकर्ता से जुड़ रही है. इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल दावे में एक वीडियो है, जिसमें एक आदमी के कार में भजन सुनते हुए दिखाई दे रहा है. भगवा वस्त्र पहने यह व्यक्ति कार की पैसेंजर सीट पर बैठा है. गाड़ी में 'मेरे सरकार आये हैं' भजन बज रहा है, जिस पर ये व्यक्ति ताली बजा रहा है. सबसे पहले आप ये वीडियो देखिए. दावा है कि भगवा वस्त्र पहने भजन सुनता व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं. वायरल दावे
के कैप्शन में लिखा है - (आर्काइव
)
आइये योगी जी महाराज के साथ भजन सुनते हैं. जय श्री राम.

 

 

 
पड़ताल
'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नहीं हैं.
वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने शेयर किए जा रहे वीडियो को गौर से देखा. वीडियो में भगवा वस्त्र पहने व्यक्ति ने कानों में बालियां पहन रखी हैं. इन बालियों को साधारण ढंग से कान छिदवाकर पहना गया है, जबकि योगी आदित्यनाथ के बालियां पहनने का ढंग इससे अलग है.
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वीडियो में भगवा वस्त्र पहने व्यक्ति और योगी आदित्यनाथ के बालियां पहनने का ढंग अलग है.

दरअसल योगी आदित्यनाथ कनफटे साधुओं के पंथ से संबंध रखते हैं, जिन्हें नाथपंथी या गोरखनाथी भी कहा जाता है. वेबसाइट gorakhnath.org
पर इस पूरी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी गई है.  2017 में दी लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में स्वयं योगी आदित्यनाथ ने नाथ संप्रदाय में कर्ण छेदन की प्रक्रिया के बारे में बताया भी था.
   साथ ही कीवर्ड्स से खोजने पर हमें Info Uttar Pradesh Fact Check के ट्विटर एकाउंट से 9 जनवरी 2022 को किया गया एक ट्वीट
मिला. इस ट्वीट में Info Uttar Pradesh Fact Check ने वायरल वीडियो के साथ किये जा रहे दावे का खंडन कर स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति का योगी आदित्यनाथ कोई संबंध नहीं है.


साथ ही योगी आदित्यनाथ उन चुनिंदा लोगों में शामिल है, जिन्हें Z-Plu
s सिक्योरिटी दी गई है. लेकिन वीडियो में दिख रही गाड़ी के आगे सड़क पर सुरक्षा के लिए कोई इंतेज़ाम नहीं नज़र आ रहा है. नतीजा 'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल  वीडियो में किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वीडियो में भजन सुनता व्यक्ति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नहीं हैं. हालांकि चेहरा न दिखने की वजह से हम वीडियो में भजन सुन रहे व्यक्ति की पहचान नहीं कर पाए हैं.
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