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पड़ताल: क्या CAA प्रोटेस्ट में हिंदू देवी-देवताओं के पोस्टर जलाए गए?

वीडियो में 'RSS को धिक्कार' और 'हिंदू धर्म को धिक्कार' के नारे सुनाई दे रहे हैं.

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वायरल वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं के पोस्टर जलाए जा रहे हैंं.
दावा सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल
हो रहा है, जिसमें कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के पोस्टर जलाते दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि CAA के विरोध में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें जलाई जा रही हैं.(आर्काइव लिंक
)
ट्विटर पर डॉ. जयाश्री नायर नाम की यूज़र ने ये वीडियो ट्वीट किया है. उनके ट्वीट को 4600 से ज़्यादा यूज़र लाइक कर चुके हैं. वहीं 4700 से ज़्यादा यूज़र ने इसे रीट्वीट किया है. ये वीडियो अब तक क़रीब 1 लाख 50 हज़ार बार देखा जा चुका है. इसके अलावा बीजेपी के प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने भी इस दावे को री-ट्वीट किया है. मनीष कुमार शुक्ला जैसे यूज़र ने डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ग्रुप पर ये दावा
पोस्ट किया है. इसके अलावा भी फेसबुक पर दर्जनों ग्रुप में ये दावा शेयर हुआ है.(आर्काइव लिंक
)
पड़ताल हमने दावे की पड़ताल की. इस वीडियो को CAA प्रोटेस्ट का बताने का दावा हमारी पड़ताल में ग़लत निकला. खोजने पर हमें इसी घटना का बड़ा वीडियो मिला. वीडियो के कैप्शन में लिखा है, 'भीम आर्मी के एक्टिविस्टों ने हिंदू भगवानों की बेइज़्जती की.' ये वीडियो 3 सितंबर, 2018 को पब्लिश हुआ है. यानी CAA पर हो रहे प्रोटेस्ट से काफी पहले का है ये वीडियो.

वीडियो में कन्नड़ भाषा में नारे लग रहे थे. इसलिए हमने फेसबुक पर कर्नाटक और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े की-वर्ड डाले. हमें 14 अगस्त 2018 को पोस्ट हुआ एक वीडियो मिला. श्वेता गुरुमूर्ति नाम की यूज़र ने ये वीडियो पोस्ट किया है. वीडियो कैप्शन के मुताबिक, ये घटना मैसूर के अशोकपुरम की है. हालांकि 'दी लल्लनटॉप' अपने स्तर पर इस वीडियो की असल लोकशन मैसूर होने की पुष्टि नहीं करता.
*Young Ambedkarites burning potraits of Hindu Gods in Ashokpuram MYSORE* to protest against Sanghis who burned copies of the Constitution.😃✊🏿
Posted by Shwetha Gurumurthy
on Tuesday, 14 August 2018
दावे में पोस्ट किए जा रहे वीडियो और हमारी पड़ताल में मिले वीडियो के बड़े वर्ज़न के की-फ्रेम भी मिलते हैं.
बाईं ओर है जयाश्री नायर के दावे में पोस्ट वीडियो और दाईं ओर है 14 अगस्त 2018 के दिन फेसबुक पर पोस्ट हुए वीडियो के की-फ्रेम. इससे साबित होता है कि ये घटना हाल की नहीं है. CAA प्रोटेस्ट के पहले की है.
बाईं ओर है जयाश्री नायर के दावे में पोस्ट वीडियो और दाईं ओर है 14 अगस्त 2018 के दिन फेसबुक पर पोस्ट हुए वीडियो के की-फ्रेम. इससे साबित होता है कि ये घटना हाल की नहीं है. CAA प्रोटेस्ट के पहले की है.

नतीजा हमारी पड़ताल में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों को जलाने की घटना को CAA प्रोटेस्ट से जोड़ने का दावा ग़लत निकला. वायरल वीडियो साल 2018 से इंटरनेट पर उपलब्ध है. इसका हाल में चल रहे CAA प्रोटेस्ट से कोई लेना-देना नहीं है, न ही इसमें CAA से जुड़े कोई नारे लगे हैं.
अगर आपको भी किसी ख़बर पर शक है तो हमें मेल करें- padtaalmail@gmail.com पर. हम दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच पहुंचाएंगे.


पड़ताल: जामिया प्रोटेस्ट में शामिल महिला प्रोटेस्टर की वायरल की जा रही फोटो कहीं और की है

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