कंगना रनौत की नई फिल्म आई है 'तेजस'. कंगना ने इंडस्ट्री में जगह पक्की करने के बाद से तमाम विषयों पर अपनी राय रखी. जो गलत था, उसके खिलाफ झंडा बुलंद किया. मसलन, जेंडर इक्वॉलिटी. मगर अब वो खुद अपनी फिल्मों की हीरो होती हैं. हर वो चीज़ करना चाहती हैं, जो हिंदी फिल्मों के हीरो करते हैं. इसमें एक्शन और डायलॉगबाज़ी के साथ 'लेक्चर' देना भी शामिल है. उन्होंने बतौर एक्टर/परफॉर्मर कुछ नया या अलग करने की बजाय ऐसे किरदार चुनने शुरू कर दिए हैं, जो बस कहानी के नायक हों. बतौर एक्टर, कंगना का कैलिबर सबको पता है. मगर इस तरह की फिल्में और रोल्स उनके क्राफ्ट को प्रभावित कर रहे हैं. देखें वीडियो.
फिल्म रिव्यू- तेजस
कंगना रनौत हिंदी सिनेमा में जेंडर इक्वॉलिटी की पैरोकार बनकर आई थीं, खुद हिंदी 'फिल्म हीरो' बनकर रह गईं.
Advertisement
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)





















