एक लड़की है. नाबालिग. गैंगरेप की शिकार. पीड़ा का जहन्नुम भोगा है और लगातार भोग ही रही है. न्याय के लिए एड़ी जमाकर खड़ी है. पावरफुल लोगों के खिलाफ. ऐसे सिस्टम में जहां पुलिस-प्रशासन सब अपराधियों के पाले में खड़ा दिखता है. लड़की की तरफ अगर कुछ है, तो उसकी इंसाफ पाने की ज़िद और एक नर्वस सा वकील. क्या ये कॉम्बिनेशन, करप्ट और क्रूर सिस्टम से जीत पाएगा? लड़की के मुकद्दर में न्याय है या नर्क? ये जानना है तो आपको दृश्यम फिल्म्स की नई फिल्म 'सिया' देखनी होगी.
मूवी रिव्यू: कैसी है मनीष मूंदड़ा के निर्देशन में बनी 'सिया'?
फिल्म की एक अच्छी बात ये है कि फिल्म रेप सीन्स के ग्राफिक फिल्मांकन की बजाय इस जघन्य अपराध के इम्पैक्ट पर फोकस करती है. उसके बाद की लड़ाई को फुटेज देती है.
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