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LPG संकट पर बर्तनों से गूंजा संसद, राहुल गांधी बोले- 'कमजोर विदेश नीति का नतीजा'

विपक्षी सांसदों ने लोकसभा के भीतर और बाहर LPG संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी संसद के बाहर विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने सरकार को चेताया कि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो LPG, पेट्रोल और डीज़ल करोड़ों भारतीय परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाएंगे.

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राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने LPG संकट को लेकर संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया. (इंडिया टुडे, एक्स)

लोकसभा के भीतर और बाहर 12 मार्च को विपक्षी सांसदों ने देश में सिलेंडर संकट के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया. तृणमूल कांग्रेस की महिला सांसदों ने संसद में बर्तन बजाकर इस मुद्दे पर विरोध जताया. वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने समय रहते इस मुद्दे पर सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है.

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TMC सांसद महुआ मोइत्रा, सयानी घोष, माला रॉय और प्रतिभा मंडल LPG संकट पर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए थाली, फाइंग पैन और चम्मच लेकर सदन में पहुंची थीं. उन्होंने दोपहर के लगभग 12 बजे लोकसभा में बर्तन बजाकर सरकार का विरोध किया. 

इससे पहले विपक्षी सांसदों ने लोकसभा के बाहर भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इसमें विपक्षी सांसदों ने 'नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब' और 'नाम नरेंदर, काम सरेंडर' जैसे नारे लगाए.

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी सांसदों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 

“दुनिया तेजी से बदल रही है. संकट हमारे दरवाजे पर है. अगर सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो LPG, पेट्रोल और डीज़ल करोड़ों भारतीय परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाएंगे. यह युद्ध बुनियादी तौर पर करेंट वर्ल्ड ऑर्डर के बारे में है. हम अस्थिर दौर में चल रहे हैं. हमें माइंडसेट बदलना होगा. ऐसी संभावनाएं तलाशनी होंगी जिससे हमारे लोगों को नुकसान नहीं हो. ये एक बड़ी समस्या होने जा रही है. ईरान के लेवल पर मामला सुलझ जाए फिर भी आगे दिक्कत आएगी.”

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राहुल गांधी ने LPG संकट को लेकर पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा,

“पीएम मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता कर लिया है. वो भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर काम नहीं कर पा रहे हैं. कमजोर और दिशाहीन विदेश नीति ने देश को को इस खतरनाक स्थिति में ला खड़ा किया है. अब समय है सच बताने का और देश को तैयार करने का. वर्ना इसकी कीमत भारत के आम लोग चुकाएंगे.”

नेता प्रतिपक्ष ने आखिर में कहा कि भारत की एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े मसले खुद भारत को मैनेज करने चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई की सरकार उनकी बात सुनेगी नहीं तो बहुत बड़ा नुकसान होने वाला है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी के नोटिस दिए जाने के बाद सरकार संसद में गैस संकट पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है. बहस की शुरुआत राहुल गांधी करेंगे और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी संसद में इसपर जवाब देंगे. 

वीडियो: संसद में आज: राहुल गांधी के किस आरोप पर अमित शाह भड़क गए?

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