फिल्म रिव्यू: 15 ऑगस्ट
मुंबई की चाळ में भारतीय मध्यमवर्ग का सार देखा जा सकता है.
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वो फ़िल्में दिलचस्प होती हैं जिसकी कहानी किसी एक अजीब घटना के इर्द-गिर्द हो. '15 ऑगस्ट' इसी तरह की फिल्म है. इस मराठी फिल्म का केंद्र है वो हादसा, जिसमें एक बच्चे का हाथ एक गड्ढे में फंसा हुआ है. लेकिन सिर्फ वो बच्चा ही नहीं फंसा हुआ. और भी कई लोग फंसे हुए हैं. जैसे ज़ुई और राजू नाम का प्रेमी जोड़ा, जो भाग जाएं कि नहीं इस उलझन में फंसा है. उनके पेरेंट्स, जो टिपिकल मिडल क्लास माइंडसेट में फंसे हैं. और गांधी चॉल के लोग जो खुद के जीवन से ज़्यादा औरों की लाइफ में झांकने की आदत में फंसे पड़े हैं. क्या खास है इस फिल्म में? आइए बताते हैं इस वीडियो में.
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