The Lallantop

कैम्ब्रिज इवेंट के बारे में झूठ बोलने और कश्मीरी पंडितों से बेदअबी के आरोप पर क्या बोले विवेक अग्निहोत्री?

विवेक अग्निहोत्री पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों के मसले पर फिल्म बनाकर उनका फायदा उठाया. अब वायरल वीडियो में उनसे रुखे तरीके से बात करते सुनाई दे रहे हैं. जानिए इस मामले पर विवेक का क्या कहना है.

Advertisement
post-main-image
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में बात करते विवेक अग्निहोत्री. दूसरी तरफ उनके वायरल होते वीडियो के स्क्रीनग्रैब्स.

'द कश्मीर फाइल्स' के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री पिछले दिनों #HumanityTour के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी गए हुए थे. विवेक और उनकी टीम ये कह रहे थे कि उन्हें कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के फिट्ज़विलियम कॉलेज में कश्मीरी पंडितों से जुड़े मसलों पर बात करने के लिए इनवाइट किया गया था. मगर ये सही नहीं है. फिट्ज़विलियम कॉलेज ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से साफ किया कि उन्होंने विवेक को अपने यहां इनवाइट या होस्ट नहीं किया. बल्कि विवेक उनके कॉलेज के जिस फंक्शन में हिस्सा लेने गए थे, उसके लिए कॉमर्शियल बुकिंग करवाई गई थी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में इनवाइट किए जाने का पर्चा. नीचे फिट्ज़विलियम कॉलेज की सफाई.

इस इवेंट में हिस्सा लेने विवेक अग्निहोत्री और पल्लवी जोशी इंग्लैंड गए थे. इन दिनों उसी इवेंट से विवेक के कुछ वीडियोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इसमें वो अपने समर्थकों से घिरे मगर नाराज़ दिखाई दे रहे हैं. विवेक की नाराज़गी की वजह ये थी कि कॉलेज वाले इवेंट को रिकॉर्ड करने की परमिशन नहीं मिल पा रही थी. इस बात से नाखुश विवेक कहते हैं कि अगर वो इस इवेंट को रिकॉर्ड नहीं कर सकते, तो फिर इस इवेंट को करने का फायदा क्या है! विवेक वहां खड़े लोगों को ये समझाने की कोशिश करते हैं कि ब्रिटिश कॉलेज नहीं चाहता कि कश्मीरी पंडितों के मसले पर बात हो. मिलेनियल टर्मिनोलॉजी में उसे Cancel करना कहा जाता है.

Advertisement

विवेक जिन लोगों से घिरे थे, उनमें कई कश्मीरी पंडित भी शामिल थे. वायरल वीडियोज़ में विवेक उन लोगों से ये कहते सुने जा सकते हैं कि वो उनके लिए लड़ रहे हैं. ऐसे में वो भी उन लोगों का समर्थन चाहते हैं. वहां खड़ी जनता विवेक से कहती है कि हम चोरी चुपके ये इवेंट कर लेंगे. इसके जवाब में विवेक कहते हैं कि अगर वो लोग अपने कॉज़ के लिए खड़े नहीं होंगे, लड़ेंगे नहीं, तो वो अपना खोया सम्मान कभी वापस नहीं ले पाएंगे. साथ ही चोरी-चुपके इवेंट करने की बात पर विवेक उन्हें डेस्परेट बता देते हैं.

इन वीडियोज़ के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पब्लिक के अलग-अलग रिएक्शंस आ रहे हैं. कुछ लोगों का ये कहना है कि विवेक वहां खड़े लोगों से बड़े रुखे तरीके से बात कर रहे हैं. वहीं एक दूसरा तबका उनके बदले हुए अंदाज़ पर चर्चा कर रहा है. लोग कह रहे हैं कि विवेक ने कश्मीरी पंडितों के मसले पर 'द कश्मीर फाइल्स' बनाई. जब वो फिल्म ब्लॉकबस्टर हो गई, तो अब वो उन लोगों से सीधे मुंह बात नहीं कर रहे.

सोशल मीडिया पर जो भी चर्चा हो रही है, वो एकतरफा है. यानी सिर्फ लोग बातें कर रहे हैं. विवेक अग्निहोत्री का पक्ष नहीं है. ऐसे में हमने विवेक से संपर्क करने की कोशिश की. फोन पर हुई बातचीत में विवेक ने कहा कि हम उन्हें अपने सवाल भेज दें. हमने उनसे पूछा कि इस पूरे मसले पर उनका क्या कहना है और वो इस चीज़ को कैसे देखते हैं. विवेक ने इसके जवाब में लिखा-

Advertisement

''मुझे जो भी कहना था कि वो सब कुछ मेरे वीडियोज़ और सोशल मीडिया पर है. मेरे पास कहने को कुछ भी नया नहीं है. इसलिए आप उन्हें जैसे चाहें, वैसे इस्तेमाल कर सकते हैं. सबकुछ ज़ाहिर है. अगर आप थोड़ी रिसर्च करेंगे, तो आपको सच्चाई पता चल जाएगी. मगर आप कोई नैरैटिव बनाना चाहते हैं, तो आप रिसर्च नहीं करेंगे.''  

'द कश्मीर फाइल्स' के बाद विवेक अग्निहोत्री अपनी अगली फिल्म 'द डेल्ही फाइल्स' पर काम शुरू कर चुके हैं. कुछ समय पहले इस फिल्म का मोशन पोस्ट रिलीज़ किया गया था. ये फिल्म Right to life यानी जीवन का अधिकार के मसले पर बात करेगी. संभवनाएं जताई जा रही हैं कि ये फिल्म 1984 दंगों पर बात करने वाली है. हालांकि इस बारे में पुख्ते तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता. 

वीडियो देखें:

Advertisement