अभी तक पक्का-पक्का कोई नतीजा नहीं निकला है, लेकिन कोरोना वायरस के इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन और प्लाज़्मा थेरेपी का नाम बार-बार सामने आ रहा है. डॉ लिपकिन (बाईं ओर) ने इस पर बात की. (फोटो- India Today)
कोरोना वायरस की अब तक कोई वैक्सीन या दवा खोजी नहीं जा सकी है. दुनियाभर की मेडिकल रिसर्च लैब में काम चल रहा है. इसमें इलाज के दो तरीकों का बार-बार ज़िक्र आ रहा है- हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन दवा और प्लाज़्मा थेरेपी. क्या ये तरीके कारगर हैं? अगर हां, तो दोनों में से ज़्यादा कारगर कौन-सा है. इन सब सवालों के जवाब दिए दुनियाभर में ‘वायरस हंटर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अमेरिकी वायरोलॉजिस्ट (वायरस पर रिसर्च करने वाले डॉक्टर) इयान लिपकिन ने. ख़ास बात ये है कि लिपकिन को ख़ुद भी मार्च में कोरोना वायरस इंफेक्शन हो गया था. अब वे उबर रहे हैं. 21 अप्रैल को डॉ. लिपकिन 'इंडिया टुडे टीवी' और 'आज तक' के न्यूज़ डायरेक्टर राहुल कंवल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये जुड़े थे. जानिए क्या-क्या कहा...
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन कुछ ख़ास फायदेमंद नहीं डॉ. लिपकिन से पूछा गया कि क्या जब वो COVID-19 का शिकार हुए, तो ख़ुद को ही दवा रेफर कर ली? वो भी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन (HCQ)? वो बोले -
“नहीं, नहीं. मैं एक फिज़िशियन ज़रूर हूं, लेकिन मेरा काम दूसरों को दवा रेफर करना है, न कि ख़ुद को. जब मैं बीमार था, तो बाकायदा डॉक्टरों की टीम थी, जो मुझे दवा दे रही थी. लेकिन मुझे अपने इलाज के दौरान ऐसा नहीं लगा कि HCQ का कोई ख़ास असर हो रहा है. फिर भी हमने तय किया है कि हम इसका एक और क्लीनिकल ट्रायल करेंगे. इसके ट्रायल में हम HCQ के साथ एज़िथ्रोमाइसिन दवा का भी इस्तेमाल करेंगे. मैंने एज़िथ्रोमाइसिन नहीं ली थी.”
डॉ. लिपकिन ने प्लाज़्मा थेरेपी को बेहतर बताया. कहा -
“मैं हमेशा से प्लाज़्मा थेरेपी के पक्ष में रहा हूं. चाइना के एक मिनिस्टर मेरे अच्छे दोस्त हैं और उन्होंने मुझे कुछ प्लाज़्मा सैंपल मुहैया कराए हैं. मैं इसके टेस्ट को लेकर काफी उत्सुक हूं. अपने इलाज के लिए भी मैं प्लाज़्मा थेरेपी ही चाह रहा था, लेकिन मेरे डॉक्टर इस पर राज़ी नहीं हुए, क्योंकि अब तक इसके नतीजे साबित नहीं हो सके हैं. लेकिन हम अब प्लाज़्मा थेरेपी के टेस्ट के लिए तैयार हैं. मुझे उम्मीद है कि ये कारगर साबित होगा.”
प्लाज़्मा थेरेपी के बारे में यहां सब कुछ जान सकते हैं... डॉ. लिपकिन 2011 में आई हॉलीवुड मूवी 'कॉन्टेजियन' के प्रोडक्शन से भी जुड़े थे. मूवी महामारी पर बेस्ड थी और इसको बनाने में जो भी मेडिकल से जुड़े इनपुट की ज़रूरत थी, वो डॉ. इयान लिपकिन ने ही दिए थे.
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