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"शाहरुख, अक्षय जैसे स्टार्स के साथ फिल्म बनाने पर डायरेक्टर, डायरेक्टर नहीं रह जाता"

'दी केरला स्टोरी' के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने बताया कि वो स्टार्स के साथ काम क्यों नहीं करते.

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'दी केरला स्टोरी' के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने कहा कि वो क्रिएटिव फ्रीडम को स्टार पावर से ऊपर रखते हैं.

The Kerala Story (2023) के डायरेक्टर Sudipto Sen ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में बताया कि वो Shahrukh Khan और Akshay Kumar जैसे ए-लिस्टर्स के साथ फिल्में क्यों नहीं बनाते. उनका कहना है कि जब ऐसे स्टार्स के साथ फिल्में बनाई जाती हैं, तो डायरेक्टर की हैसियत डायरेक्टर जैसी रह नहीं जाती. और सुदीप्तो क्रिएटिव फ्रीडम को स्टार पावर के ऊपर रखते हैं. इसीलिए वो स्टार्स के साथ काम करने से परहेज़ करते रहे हैं. इस मसले पर सुदीप्तो ने विस्तार से बात की. फ्री प्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा,

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“असल में बात ये है, कि मैं एक कॉन्फिडेंट इंसान हूं. मगर ओवर कॉन्फिडेंट नहीं हूं. मैं हमेशा से श्योर था कि मुझे बड़े स्टार्स के साथ काम करना ही नहीं है.”

इसकी वजह बताते हुए सुदीप्तो ने कहा,

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“जब एक बड़ा स्टार आ जाता है, तो आप पर उसकी फिल्म बनाने की जिम्मेदारी आ जाती है. फिर आप अक्षय की फिल्म बनाते हैं. शाहरुख की फिल्म बनाते हैं. डायरेक्टर, डायरेक्टर नहीं रह जाता.”

सुदीप्तो ने बताया कि वो अच्छी कहानी को बेहतर ढंग से लोगों तक पहुंचाने के फ़लसफ़े के साथ काम करते आए हैं. बड़ी फिल्म या बड़े फिल्ममेकर का ठप्पा उन्हें नहीं चाहिए. इस बारे में उन्होंने कहा,

“मुझे बड़ी फिल्म का टैग नहीं चाहिए. इससे बेहतर है कि मैं अपने आर्ट पर फोकस करूं. इससे बेहतर ये है कि मैं उस कहानी पर फोकस करूं. ताकि मैं किसी और की फिल्म के बजाय मेरी फिल्म बना सकूं.”

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# “करीना कपूर ने तो अपना धर्म नहीं बदला”

इसी इंटरव्यू में सुदीप्तो सेन ने बताया कि उन्होंने केरला स्टोरी के सीक्वल से एग्जिट क्यों ले लिया. जबकि वो ही इसे डायरेक्ट करने वाले थे. सुदीप्तो ने कहा,

“विपुल जी ने तय किया कि केरला स्टोरी 2 सिर्फ केरल की कहानी नहीं होगी. ये राजस्थान और मध्यप्रदेश की कहानी भी होगी. बस, तब मैंने कदम पीछे ले लिए, क्योंकि ये बहुत संवेदनशील विषय है. केरल को मैं जानता हूं. वहां मैंने 10 साल काम किया है. इसलिए वहां के लिए कहे गए मेरे हर शब्द को मैं सिद्ध कर सकता हूं. मगर राजस्थान और एमपी के बारे में मेरा सारा नॉलेज अखबारों और वॉट्सएप फॉरवर्ड्स के ज़रिए है. और मैं वॉट्सएप फॉरवर्ड्स पर फिल्म नहीं बनाऊंगा. मुझे सीक्वल पसंद भी नहीं आया. मुझे लव जिहाद शब्द से भी आपत्त‍ि है. भारत वो देश है जहां हिंदू-मुस्लिम साथ रहते आए हैं. हिंदू-मुस्लिम विवाह भारत में कोई नई बात नहीं है. ये हमारी कल्चरल ब्यूटी का हिस्सा है. ऐतराज़ मुझे चालाकी से कराए गए धर्मांतरण से है. अगर प्यार है तो धर्मांतरण कहां से आया? करीना कपूर ने तो अपना रिलीजन नहीं बदला.”

सुदीप्तो सेन के बॉडी ऑफ वर्क की बात करें, तो साल 1997 की उनकी फिल्म ‘दी अदर वेल्थ’ से उन्हें पहचान मिली. कोलकाता के पुराने जलाशय पर बनी ये फिल्म 21 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई गई. और चार नेशनल अवॉर्ड भी जीते. उनकी ‘अखनूर’ (2008) गोल्डन ग्लोब फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म चुनी गई. ‘दी लास्ट मंक’ (2006), ‘लखनऊ टाइम्स’ (2015) और ‘बस्तर’ (2024) भी उनकी बनाई फिल्मों में शामिल है. 

वीडियो: 'द केरला स्टोरी' के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने फिल्मफेयर अवार्ड्स को खूब लताड़ा, 'लापता लेडीज़' और 'किल' पर भी टिप्पणी की

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