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'द ओडिसी': क्रिसट्रोफ़र नोलन की नई फिल्म का ट्रेलर भव्य और भयावह दोनों है

'द ओडिसी' के लिए नोलन ने IMAX वालों को बोलकर नया कैमरा बनवाया. इसमें 609 किलोमीटर लंबी फिल्म का इस्तेमाल किया है. जिसकी कीमत 30 करोड़ रुपए है.

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'द ओडिसी' के लिए क्रिसट्रोफ़र नोलन ने IMAX वालों से स्पेशल कैमरा बनवाया था.

“No one can stand between me and home, not even the Gods.”

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अगर क्रिसट्रोफ़र नोलन की 'द ओडिसी' को एक लाइन में समेटना हो, तो इससे सटीक वाक्य शायद कोई दूसरा नहीं. ये फिल्म एक आदमी के घर लौटने की कहानी है. एक इंसान के अटल निश्चय, हिम्मत और कभी हार न मानने वाले जज़्बे की कहानी.

ग्रीक मायथोलॉजी पर आधारित 'द ओडिसी' का नया ट्रेलर आया है. इसकी कहानी 2800 साल पहले होमर की लिखी 'ओडिसी' पर आधारित है. इस गाथा को कहते-कहते होमर ने 24 किताबें लिख दी थीं. मगर फिल्म में केवल ओडिसस की घर वापसी की कहानी को दिखाया गया है. ओडिसस, इथाका का वही राजा था, जिसने ट्रॉय शहर को भेदने के लिए ट्रोजन हॉर्स का कॉन्सेप्ट दिया था. ट्रोजन हॉर्स यानी लकड़ी का वही विशालकाय घोड़ा, जिसमें छिपे ग्रीक सैनिकों ने रातों-रात ट्रॉय को मिट्टी में मिला दिया. पर क्या वो जीत ओडिसस की कहानी की हैप्पी एन्डिंग थी? नोलन की 'द ओडिसी' इसी सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश करती है.

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# ट्रेलर में छिपा है ओडिसस के 20 साल का स्ट्रगल

ट्रेलर की शुरुआत ओडिसस के किरदार से होती है. वो पिछले दस सालों से ट्रॉय में युद्ध लड़ रहा था. घर वापसी में उसे 10 साल और लगने वाले हैं. ये 20 साल किसी को भी तोड़ सकते हैं. ओडिसस के साथ भी ऐसा ही हुआ. ट्रॉय से घर लौटते वक्त उसने समुद्री तूफ़ानों, राक्षसों और ढलती उम्र का सामना किया. ट्रेलर के पहले ही शॉट में मैट डैमन का ये किरदार एक टूटी-फूटी नाव में पड़ा समुद्री लहरों पर गोते खा रहा है. उसका शरीर थक चुका है. चेहरे पर घनी सफ़ेद दाढ़ी उग आई है. फिर भी अपनी पत्नी पेनेलपी और बेटे टेलिमैकस से मिलने की इच्छा ने उसे जिंदा रखा है. मूवी में उनकी पत्नी का रोल ऐन हैथवे और बेटे का किरदार टॉम हॉलैंड ने निभाया है.

सवाल उठता है कि आखिर इथाका इतना भी क्या दूर था कि वहां पहुंचने में ओडिसस को 10 साल लग गए? तो इसका जवाब है- 'पॉलिफेमस द सायक्लॉप्स'. ये एक आंख वाला वही राक्षस था, जिसने ओडिसस की घर वापसी के दौरान उसकी सेना पर हमला कर दिया था. मगर ये विवाद एक तरफा नहीं था. हुआ ये कि जब ओडिसस अपने सैनिकों के साथ घर लौट रहा था, तो रास्ते में उनकी नज़र एक गुफा पर पड़ी. वो अंदर गए तो वहां खाने-पीने को बहुत सारा सामान रखा था. अब सैनिक तो भूखे थे ही. खाने पर टूट पड़े. मगर उन्हें भनक तक नहीं थी कि वहां सायक्लॉप्स आ धमकेगा.

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पॉलिफेमस द सायक्लॉप्स

सायक्लॉप्स ने देखा कि वो सैनिक उसका खाना चट कर गए हैं. इसलिए गुस्से में उसने सबसे पहले एक बड़े पत्थर से गुफा के दरवाजे को बंद कर दिया. इसके बाद एक-एक करके वो सभी सैनिकों को खाने लगा. ट्रेलर में भी आप उसके हाथ में एक सैनिक देख सकते हैं. उससे आपको ये अंदाज़ा भी लग जाएगा कि सायक्लॉप्स कितना विशालकाय था. खैर, ओडिसस ने किसी तरह उसे चकमा देकर घायल किया और अपने बचे-खुचे सैनिकों के साथ वहां से भाग निकला. लेकिन जाते-जाते उसने एक बड़ी गलती कर दी. गलती ये कि उसने घमंड में चिल्ला-चिल्लाकर सायक्लॉप्स को अपना नाम और पता बता दिया. इतना सुनना भर था कि पॉलिफेमस नाम के उस सायक्लॉप्स ने अपने पिता पोसाइडन को बुलाना शुरू कर दिया.

ग्रीक मायथोलॉजी में पोसाइडन, समुद्र के देवता बताए जाते हैं. यानी जिस समुद्र से ओडिसस जा रहे थे, उसके माई-बाप पोसाइडन ही थे. घायल सायक्लॉप्स ने पिता से गुहार की वो ओडिसस की नाव को समुद्र में तबाह कर दें. साथ ही उसे इतना परेशान करें कि वो कभी घर पहुंच ही न पाए. शुरुआत में हमने ओडिसस के जिस ‘Not Even Gods’ वाले डायलॉग का ज़िक्र किया, वो गॉड पोसाइडन ही हैं. 

खैर, सायक्लॉप्स की इस डिमांड ने ही ओडिसस की बर्बादी में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी. वो समुद्र में उतरा और अगले कई सालों तक वहीं फंसा रहा. आगे उसकी मुलाकात कैलिप्सो से हुई, जो एक तरह की देवी बताई जाती हैं. रास्ते में उसे नर्क में दोबारा एक युद्ध लड़ना पड़ा. इनसे बचकर निकले तो उनका सामना 9-10 फीट के लेस्टरगोनियंस से हुआ, जो उनके सैनिकों को गाजर-मूली की तरह काट रहे थे. जब ये भी कम पड़ा तो इथाका में रॉबर्ट पैटिंसन का किरदार एन्टोनियस, उसकी पत्नी और साम्राज्य पर नज़र गड़ाए बैठा था. कुल मिलाकर, ओडिसस का किरदार एक साथ इन सभी मुश्किलों का सामना कर रहा था, जिसकी झलक फिल्म के नए ट्रेलर में देखने को मिली है.

फोन या लैपटॉप 'द ओडिसी' के ट्रेलर के साथ न्याय नहीं करते. इसका लुत्फ बड़ी स्क्रीन पर ही लिया जा सकता है. ये भव्य है और भयावह भी. जिसे देखकर आप नोलन के लार्जर दैन लाइफ प्रेजेंटेशन की दाद दिए बिना भी नहीं रह पाते. मूवी की सिनेमैटोग्राफी जबरदस्त है, जिन्हें आइसलैंड के काले बीच और निखार देते हैं. ट्रॉय के युद्ध में मीनार के गिरने से 'फॉल ऑफ ट्रॉय' को रिप्रेजेंट करना हो या सफ़ेद रेत की चादर पर अकेले चलते ओडिसस से उनके मानसिक अकेलेपन को. नोलन ने बड़ी बारीकी से इन मेटाफर्स का इस्तेमाल किया है.   

# ‘द ओडिसी’ के लिए इस्तेमाल हुई 609 किलोमीटर की फिल्म

नोलन ने 'द ओडिसी' को पूरी तरह IMAX कैमरे से शूट किया है. मगर ये कैमरा भी खास तरह से बनवाया गया है. दरअसल, IMAX कैमरे सीन्स को खूबसूरती और IMAX फॉरमैट के लिहाज से कैप्चर करते हैं. मगर उनमें काफी आवाज़ आती है. इस वजह से डायलॉग्स साफ सुनाई नहीं देते. अब 'टेनेट' में रियल प्लेन को बिल्डिंग से ठोक देने वाले नोलन को ये कहां मंजूर था. उन्होंने IMAX वालों से कहा कि वो उनके लिए एक साउंडप्रूफ कैमरा तैयार करें. IMAX ने खास इस फिल्म के लिए एक स्पेशल साउंडप्रूफ केस तैयार किया. उसकी मदद से नोलन का एक्टर्स की फुसफुसाहट को भी साफ ढंग से रिकॉर्ड कर पाना संभव हो गया.

'द ओडिसी' की शूटिंग के दौरान लगभग 20 लाख फीट लंबी फिल्म का इस्तेमाल हुआ है. अगर इसे जोड़ें, तो ये करीब 609 किलोमीटर की दूरी है. कैमरे के इस फिल्म की कीमत करीब 1.5 डॉलर प्रति फीट थी. इस तरह केवल उस फिल्म पर 30 लाख डॉलर यानी लगभग 28.52 करोड़ रुपये खर्च हो गए. ये पूरी मूवी 250 मिलियन डॉलर्स में बनी है. भारतीय रुपयों में ये करीब 2377 करोड़ रुपये के बराबर है. नोलन ने इतनी महंगी फिल्म पहले कभी नहीं बनाई.

# शूटिंग के लिए किया रियल लोकेशन्स का इस्तेमाल

नोलन ने अपनी हर फिल्म की तरह 'द ओडिसी' को भी रियल लोकेशन्स पर शूट किया है. मतलब, ट्रेलर में आप जो समुद्र और उन पर ओडिसस की सेना को जूझते देख रहे, सब असली है. मैट डैमन और नोलन ने चार महीनों तक लगातार इस मूवी को खुले समुद्र में शूट किया था. इसके लिए उन्होंने Draken Harald Hårfagre नाम के असली जहाज को ग्रीक सैनिकों की नाव के रूप में इस्तेमाल किया था.  

‘द ओडिसी’ को एक-दो जगह नहीं, बल्कि 7 अलग-अलग देशों में शूट किया गया है. इनमें मोरक्को, ग्रीस, इटली, आइसलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टर्न सहारा और माल्टा शामिल हैं. इटली में तो हालात बहुत बुरे थे. कास्ट और क्रू को हर सुबह करीब 900 फीट यानी लगभग 60 मंजिल ऊंचे पहाड़ पर चढ़ना पड़ता था. आइसलैंड में फिल्म के अंडरवर्ल्ड यानी नर्क वाले सीन शूट किए गए थे. उस काली रेत पर नोलन ने पूरे वॉर सीक्वेंस को लालटेन की रोशनी में फिल्माया था. इन तमाम दिक्कतों के बावजूद नोलन ने ये शूटिंग तय समय से 9 दिन पहले पूरी कर ली. अब वो और दुनिया भर के दर्शक 17 जुलाई का इंतज़ार कर रहे, जब ये मूवी सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी. 

वीडियो: नोलन की नई फिल्म का टीजर लीक,कहानी के बारे में क्या पता चला?

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