Salman Khan की Maatrubhumi को सेंसर बोर्ड से अब तक क्लियरेंस नहीं मिल पाया है. फिल्म पर लगे इस अड़ंगे की सबसे बड़ी वजह इसका एंटी-चाइना कॉन्टेन्ट हैं. दूसरी तरफ़, सेंसर बोर्ड ने इंटरनेशनल फिल्म 4 Rivers 6 Ranges को इंडिया रिलीज़ के लिए हरी झंडी दे दी. ये जानते हुए भी कि उसका नैरेटिव चाइना विरोधी है.
दो एंटी-चाइना फिल्में! सरकार ने एक को पास किया, सलमान की 'मातृभूमि' को अटका दिया!
'4 रिवर्स 6 रेंजेज़' में तिब्बत पर चाइनीज़ आर्मी के कब्जे को दिखाया गया है. मगर सेंसर बोर्ड ने उसे पास कर दिया. मगर 'मातृभूमि' को क्यों रोका?

'मातृभूमि' का ओरिजिनल टाइटल 'बैटल ऑफ गलवान' था. तब इसका प्लॉट 2020 में भारत और चाइना के बीच हुए गलवान वैली झड़प पर आधारित था. लेकिन फिर भारत सरकार ने इसके कॉन्टेन्ट पर आपत्ति जताई. ये कहते हुए कि अब दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हो गए हैं. इस कारण मेकर्स को फिल्म में कई बदलाव करने पड़े. टाइटल भी बदला गया. फिर भी ये फिल्म अब तक रिलीज़ नहीं हो पाई.
दूसरी तरफ़, '4 रिवर्स 6 रेंजेज़' को सरकार या सेंसर बोर्ड से ऐसी किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा. ये फिल्म उन आम तिब्बतियों की कहानी बताती है, जिन्होंने तिब्बत पर कब्जे के दौरान चीनी सेना के खिलाफ आवाज उठाई थी. इसमें ये भी दिखाया गया है कि कैसे 1959 में तिब्बती लड़ाकों के एक ग्रुप ने दलाई लामा को चाइनीज़ आर्मी से बचाया था. साथ ही उन्हें भारतीय बॉर्डर तक सुरक्षित लाने में भी मदद की. चाइना इस तरह के कॉन्टेन्ट को बिल्कुल भी प्रमोट नहीं करता. लेकिन भारतीय सेंसर बोर्ड ने 'मातृभूमि' की तरह यहां कोई आपत्ति नहीं जताई.

'4 रिवर्स 6 रेंजेज़' 18 सितंबर को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इसे शेनपेन खिमसार ने लिखा और डायरेक्ट किया है. नवाजुद्दीन सिद्दकी इसके नैरेटर हैं. इसका कहानी कुछ हद तक फिल्म के प्रोड्यूसर दोरजी वांगडी देवतशांग की किताब Flight At The Cuckoo's Behest (फ्लाइट एट द कुकुज़ बेहेस्ट) पर आधारित है. द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, दोरजी के पिता उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने तिब्बत से भागते समय दलाई लामा की मदद की थी.
खैर, सेंसर बोर्ड ने 29 अप्रैल 2026 को ही इस फिल्म को U/A 13+ सर्टिफिकेट दे दिया था. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, उन्होंने तो इसे रिवाइजिंग कमिटी के पास भेजने की जद्दोजहद तक नहीं की. फिल्म को एग्जामिनिंग कमेटी (EC) ने ही पास कर दिया गया. वो भी तब, जब ये मूवी सीधे तिब्बत पर चाइनीज़ आर्मी के कब्जे को दिखाती है.
मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, दलाई लामा ने खुद भी '4 रिवर्स 6 रेंजेज़' का अंतिम 30 मिनट देखा है. डायरेक्टर शेनपेन खिमसार बताते हैं कि वो इस मूवी को नेपाल में शूट करना चाहते थे. मगर उन्हें डर था कि फिल्म का पॉलिटिकली सेंसिटिव टॉपिक की वजह से उन्हें शूटिंग की परमिशन नहीं मिलेगी. इसलिए उन्होंने नेपाल सरकार के पास 'द हिमालयन रॉबिनहुड' नाम से एक फर्जी स्क्रिप्ट जमा करवाई. इससे उन्हें शूटिंग की इजाज़त मिल गई. हालांकि, कुछ हफ्तों बाद नेपाली ऑफिसर्स को फिल्म के असली विषय का पता चल गया. हालात मुश्किल होते देख शेनपेन ने केवल 19 दिनों में फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली. उन्होंने '4 रिवर्स 6 रेंजेज़' की मेकिंग पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है. मज़ेदार बात ये है कि उन्होंने इसे 'द हिमालयन रॉबिन हुड' नाम दिया है.
अगर आपको याद हो, तो पिछले साल 'मातृभूमि' के टीज़र रिलीज़ के बाद चाइनीज़ मीडिया ने फिल्म की खूब आलोचना की थी. उन्होंने मेकर्स पर फैक्ट्स से छेड़-छाड़ के आरोप लगाए थे. '4 रिवर्स 6 रेंजेज़' की रिलीज़ के बाद चाइनीज़ मीडिया ने इस पर भी गुस्सा उतारा. उन्होंने लिखा कि डायरेक्टर खिमसार ने अपनी फिल्म के ज़रिए अलगाववाद को बढ़ावा देने की कोशिश की है. मगर असल में उनका ये दावा बेबुनियाद और बे सिर-पैर वाली कहानी से ज़्यादा कुछ नहीं. चाइना की इस आपत्ति के बावजूद, भारत में सेंसर बोर्ड ने '4 रिवर्स 6 रेंजेज़' को पास कर दिया है. मगर सलमान की 'मातृभूमि' इतने बदलावों के बाद भी अटकी पड़ी है.
वीडियो: सलमान खान की फिल्म 'मातृभूमि' की रिलीज़ डेट बदलेगी, सिनेमाघर में किससे टकराएगी?










