The Lallantop

कांग्रेस! मोदी के विकल्प के रूप में राहुल गांधी के ट्विटर अकाउंट को खड़ा कर दो

मेरी इस बात का समर्थन राहुल के ट्वीट पर की गई अमित शाह की टिप्पणी भी करती है

Advertisement
post-main-image
सभी तस्वीरें इस स्टोरी की तस्वीरों का कोलाज है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश को बताया कि भारत ने अंतरिक्ष में बड़ी कामयाबी हासिल की है. इसका नाम ‘मिशन शक्ति’ रखा गया. उन्होंने कहा कि भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में महाशक्ति बन गया है. अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन गया है. पीएम ने बताया कि हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर LEO यानी लो अर्थ ऑर्बिट में एक लाइव सैटलाइट को मार गिराया. यह लाइव सैटलाइट पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, जिसे एंटी सैटलाइट से मार गिराया गया. इसके बाद पक्ष वाले मोदी की तारीफ़ करते नहीं अघा रहे और विपक्ष वाले इसे चुनावी जुमला कहते. तो विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के सबसे बड़े नेता ने भी बहती गंगा में हाथ साफ़ कर दिया. उन्होंने एक ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने एक तरफ तो सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ को शाबाशी दी वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री को विश्व रंगमंच दिवस की बधाई दे डाली. डीआरडीओ दरअसल वो संस्थान है जिसकी अगुआई में ये परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है. ये ट्वीट कई मामलों में जीनियस है. क्यूंकि अव्वल तो आज वाकई में विश्व रंगमंच दिवस है. theater लेकिन राहुल का यहां पर आशय पीएम के उस कथित थियेटरिटिक्स से था जिसके लिए वो कथित रूप से जाने जाते हैं. साथ ही इस ट्वीट में पीएम और डीआरडीओ को सेपरेट भी कर दिया गया है. अब इस बात के भी दो पक्ष हो सकते हैं कि राहुल के इस ट्वीट में क्या सही है क्या गलत लेकिन एक बात तो निश्चित है कि इसमें सेन्स ऑफ़ ह्यूमर कूट-कूट कर भरा हुआ है. अब इस स्टोरी की हैडिंग पर गौर कीजिए. फिर आगे बात करते हैं. हां तो आप ये तो जानते ही होंगे कि राहुल खुद बैठ कर तो ये ट्वीट करते नहीं हैं. तो जो कोई भी कर रहा है उसका सेन्स ऑफ़ ह्यूमर कमल का आई मीन कमाल का है. और आप दूसरी बात भी जानते ही होंगे कि सेन्स ऑफ़ ह्यूमर दरअसल अक्लमंदी का ही एक सबसेट है. यूं जब मोदी वाले पूछते हैं कि विकल्प क्या है तो शायद ये बंदी/बंदा जो राहुल का ट्विटर अकाउंट हैंडल करता है उसे उत्तर के रूप में पेश किया जाएगा तो निश्चित तौर पर भाजपा थोड़ी बहुत तो डरेगी, जो अभी के थोड़ी के मुकाबले बहुत होगा. इसलिए ही ये हैडिंग दी गई. अब इसको रीट्वीट करते हुए अमित शाह काफी सीरियस नज़र आए. सॉरी अमित शाह नहीं, अमित शाह का ट्विटर अकाउंट मैनेज करने वाला. उन्होंने राहुल के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए 'सोल्जर' कर दिया. वंशवाद को भी एक ही ट्वीट में दो बार मेंशन कर दिया. अब देखिए, अगर आप ह्यूमर का जवाब ह्यूमर से देने के बदले एग्रेसिव हो जाते हैं तो फिर वो शेर याद आता है - धुंआ उठा है कहीं आग तो लगी होगी. यूं ये ट्वीट आपके विरोधियों के लिए वो बनने में साबित हुआ जो आप शायद नहीं बन पाए. इसलिए ही हैडिंग जस्टिफाई हुई कि - मेरी इस बात का समर्थन राहुल के ट्वीट पर अमित शाह की टिप्पणी भी करती है. वैसे केवल एक ट्वीट की बात होती तो हमको लगता कि फ्लूक है लेकिन राहुल के हैंडल पर आपको ह्यूमर के रंगों के छींटें जगह जगह दिख जाएगें और वो क्या कहते हैं हमारे प्रधानमंत्री -
हमें निश्चित रूप से अपने जीवन में और हास्य की आवश्यकता है.
52345682_1160368537470120_2320104246256599040_o (1) अस्तु...

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement