The Lallantop

पवन कल्याण की फिल्म के सिंगर और पद्मश्री विजेता सड़क पर मजदूरी क्यों कर रहे हैं?

पद्मश्री विजेता Darshanam Mogulaiah को 1 करोड़ रुपए मिले. हर महीने 10 हज़ार का मानदेय मिलता था. बावजूद उसके उन्हें अपने परिवार को पालने के लिए हैदराबाद में दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ रही है.

Advertisement
post-main-image
पैसों की तंगी की वजह से दर्शनम मोगुलैया के तीन बच्चों का निधन हो गया.

दो साल पहले Darshanam Mogulaiah खबरों में आए थे. उन्होंने दुर्लभ संगीत वाद्ययंत्र 'किन्नेरा' पुनराविष्कार किया था. इस उपलब्धि के लिए उन्हें भारत सरकार ने चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानति किया था. इसके बाद दर्शनम सेलिब्रिटी बन गए थे. फिल्मों में गाने के मौके मिलने लगे. सरकार से हर महीने मानदेय मिलने लगा. कुछ दिन तो सबकुछ बढ़िया चला. मगर अब वही दर्शनम मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का गुज़ारा कर रहे हैं. इसी वजह से वो सालों बाद फिर से सुर्खियों में आए हैं. उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी हो गई है कि दो जून की रोटी के भी लाले पड़ गए हैं.

Advertisement

हाल ही में उन्हें हैदराबाद के एक कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरी करते हुए देखा गया है. किसी ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. और वो वीडियो सोशल मीडिया पर फट पड़ा है. ‘किन्नेरा’ नाम के म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट को दोबारा ढूंढ निकालने के लिए उन्हें राज्य सरकार ने 1 करोड़ रुपए का ग्रांट दिया था. साथ ही उन्हें हैदराबाद के रंगारेड्डी इलाके में 600 स्क्वेयर फुट का प्लॉट देने की भी घोषणा की गई थी. उन्हें पैसे तो मिल गए. मगर प्लॉट अब तक नहीं मिला है. राज्य सरकार उन्हें हर महीने 10 हज़ार रुपए का मानदेय देती थी. मगर पिछले कुछ समय से वो भी बंद हो गया है. इसी वजह से दर्शनम की आर्थिक स्थिति बिल्कुल चरमरा गई है. 

Advertisement

दर्शनम मोगुलैया की उम्र अभी 73 वर्ष है. वह फिलहाल मजदूरी करके अपना और अपनी फैमिली की देखभाल कर रहे हैं. दर्शनम मोगुलैया 9 बच्चों के पिता हैं. इनमें से 3 बच्चों का बीमारी की वजह से निधन हो चुका है. टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए दर्शनम ने बताया,

 “मेरे एक बेटे को दौरे पड़ते हैं. दवाइयों के लिए मुझे हर महीने कम से कम 7 हजार रुपए की ज़रूरत पड़ती है. इसके अलावा रेगुलर चेक-अप, टेस्ट और अन्य खर्च भी हैं. मेरे तीन बच्चों का निधन हो गया है. तीन बच्चों की शादी हो गई है. और तीन बच्चे अभी भी पढ़ाई कर रहे हैं. वो लोग मेरे ऊपर ही निर्भर हैं.”

बातचीत में मोगुलैया ने आगे बताया  

Advertisement

“मैंने कई लोगों से काम के लिए मिलने की कोशिश की. कुछ लोगों ने आश्वासन दिया, तो कुछ लोगों ने मुझे ठुकरा दिया. हालांकि सभी लोगों ने मेरे काम की सराहना की. कुछ ने थोड़े-बहुत पैसे भी दिए. लेकिन मुझे किसी ने काम नहीं दिया. मैंने पुरुस्कार की राशि से बच्चों की शादियां करवाई. शहर के बाहर एक जमीन ली. इस पर घर बनाना शुरू किया. फिर पैसे खत्म हो गए. मुझे काम बीच में ही बंद करना पड़ा.”

दर्शनम मोगुलैया को आंध्र प्रदेश-तेलंगाना में सेलेब्रिटी का दर्जा हासिल है. उनका नाम स्कूल की किताबों में दर्ज है. देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है. 2015 में उन्हें तेलंगाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान उगाड़ी पुरस्कारम से नवाज़ा गया. इतना ही नहीं, उनके टैलेंट को देखते हुए उन्हें ‘भीमला नायक’ नाम की तेलुगु फिल्म में गाना गाने का भी मौका मिला. उन्होंने पवन कल्याण और राणा दग्गूबाती स्टारर इस फिल्म का टाइटल ट्रैक गाया था. मगर अब उनके पास खाना खाने तक को पैसे नहीं हैं. कोई भी उनकी कला के आधार पर काम देने को तैयार नहीं है. इसलिए उन्हें मजदूरी करके अपना घर खर्च निकालना पड़ रहा है. अब जब उनका वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया है, तो लोग उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं. मगर ये मदद उन तक कब तक पहुंचती है, ये देखने वाली बात होगी.  

वीडियो: पैकेज स्टार सुनकर भड़के पवन कल्याण चप्पल से मारने की धमकी क्यों देने लगे?

Advertisement